योगी आदित्यनाथ का ऐलान, भदोही फिर बनेगा संत रविदास नगर
‘भदोही फिर बनेगा संत रविदास नगर’: योगी आदित्यनाथ ने वाराणसी में किया ऐलान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया ऐलान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घोषणा की है कि भदोही जिले का नाम फिर से
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया ऐलान
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घोषणा की है कि भदोही जिले का नाम फिर से संत रविदास नगर रखा जाएगा। ये ऐलान वाराणसी में बीजेपी द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में किया गया, जो संत रविदास की 650वीं जयंती के मौके पर हुआ। संत रविदास एक महान संत और समाज सुधारक थे।
नाम बदलने की राजनीतिक कहानी
भदोही जिले का नाम बदलने का ये तीसरा बड़ा फैसला है। सबसे पहले पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने 2007-2012 के अपने कार्यकाल में भदोही का नाम बदलकर संत रविदास नगर रखा था। लेकिन उनके बाद अखिलेश यादव ने समाजवादी पार्टी की सरकार के दौरान इसे फिर से भदोही कर दिया। अब योगी आदित्यनाथ ने इसे फिर से संत रविदास नगर बनाने का फैसला किया है। बीजेपी सरकार का ये कदम समाज सुधार और सामाजिक न्याय के प्रतीकों को सम्मान देने की नीति को मजबूत करता है।
संत रविदास को श्रद्धांजलि
कार्यक्रम वाराणसी के सीर गोवर्धन में हुआ, जो संत रविदास की जन्मस्थली है। योगी आदित्यनाथ ने ऐलान किया कि जिस पार्क में ये कार्यक्रम हुआ, उसे भी संत रविदास के नाम पर समर्पित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोच के तहत जालंधर में एक एयरपोर्ट का नाम भी संत रविदास के नाम पर रखा गया है।
सामाजिक समरसता को बढ़ावा
योगी आदित्यनाथ ने एक प्रतीकात्मक कदम उठाते हुए उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों और अन्य राज्यों के प्रतिनिधियों को पवित्र मिट्टी से भरे कलश सौंपे। इन कलशों का इस्तेमाल स्थानीय कार्यक्रमों में किया जाएगा, जो "समरसता" को बढ़ावा देंगे। मुख्यमंत्री ने रविदास घाट पर दीपोत्सव कार्यक्रम का उद्घाटन भी किया और दीप जलाए।
सामाजिक न्याय के प्रतीकों के लिए योजनाएं
योगी आदित्यनाथ ने संत रविदास, महर्षि वाल्मीकि, भीमराव अंबेडकर और अन्य समाज सुधारकों की मूर्तियों के ऊपर छत बनाने और उनके नाम पर बने पार्कों की सुरक्षा के लिए बाउंड्री वॉल बनाने की योजना का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि ‘समरसता संकल्प अभियान’ के जरिए गांव-गांव और घर-घर को जोड़ा जाएगा, जिससे समावेशिता और सामाजिक सौहार्द बढ़ेगा।
क्यों है ये फैसला अहम
भदोही का नाम संत रविदास नगर रखना सिर्फ एक प्रतीकात्मक कदम नहीं है, बल्कि एक राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण फैसला है। ये बीजेपी की रणनीति को दर्शाता है, जिसमें शासन को सांस्कृतिक और सामाजिक प्रतीकों से जोड़ने पर जोर दिया गया है। संत रविदास को सम्मान देकर सरकार उन समुदायों को जोड़ने की कोशिश कर रही है, जो उन्हें बेहद मानते हैं।
उत्तर प्रदेश में नाम बदलने की परंपरा और राजनीतिक पहचान का ये फैसला राज्य की सांस्कृतिक और राजनीतिक कहानियों को भी उजागर करता है।
स्रोत: Indian Express
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