सरकारी विभागों को कचरा साफ न करने पर नोटिस भेजने का आदेश
सरकारी विभागों को कचरा साफ न करने पर नोटिस भेजे जाएंगे 'कचरे से आज़ादी' अभियान के तहत सख्त कार्रवाई के निर्देश ग्रेटर बेंगलुरु डेवलपमेंट मंत्री कृष्णा बायरे गौड़ा ने सिविक बॉडीज को आदेश दिया है कि जो
'कचरे से आज़ादी' अभियान के तहत सख्त कार्रवाई के निर्देश
ग्रेटर बेंगलुरु डेवलपमेंट मंत्री कृष्णा बायरे गौड़ा ने सिविक बॉडीज को आदेश दिया है कि जो सरकारी विभाग अपने परिसर और आसपास के इलाकों की सफाई नहीं करते, उन्हें नोटिस भेजा जाए। शुक्रवार को वर्चुअल रिव्यू मीटिंग में उन्होंने त्यज्यदिंदा स्वतंत्र ('कचरे से आज़ादी') अभियान की प्रगति का जायजा लिया। गौड़ा ने कहा कि हर सरकारी ऑफिस को अपने परिसर और आसपास के इलाकों का कचरा साफ करना होगा।
अभियान ने छह दिनों में 10,000 टन से ज्यादा कचरा हटाया
1 अगस्त को शुरू हुए इस अभियान ने अब तक अच्छे नतीजे दिए हैं। 1 अगस्त से 6 अगस्त के बीच सिविक बॉडीज ने बेंगलुरु के 453 सार्वजनिक स्थानों से 10,056 टन कंस्ट्रक्शन और डिमोलिशन (C&D) वेस्ट हटाया। अधिकारियों ने शहर में 3,022 अवैध C&D वेस्ट डंपिंग साइट्स की पहचान की है, जहां करीब 59,823 टन मलबा पड़ा है।
अवैध डंपिंग पर कार्रवाई और ऑपरेशनल चुनौतियां
अभियान को जारी रखने के लिए गौड़ा ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि मानसून के दौरान भी सरकारी तौर पर तय किए गए क्वारी साइट्स पर कचरे का निपटान बिना रुकावट जारी रहे। उन्होंने साफ किए गए इलाकों में दोबारा अवैध डंपिंग रोकने पर जोर दिया। डंपिंग साइट्स पर तैनात मार्शलों को शेल्टर, पीने का पानी और खाना जैसी बेसिक सुविधाएं दी जाएं और टिपर ट्रकों की मूवमेंट का पूरा रिकॉर्ड रखा जाए।
फिलहाल बेंगलुरु के पांच नगर निगमों में कचरा हटाने के लिए 54 टिपर ट्रक और 18 हेवी मशीनें लगाई गई हैं। लेकिन पीक आवर्स में ट्रैफिक रेस्ट्रिक्शन की वजह से काम में देरी हो रही है। गौड़ा ने GBA चीफ कमिश्नर एम. महेश्वर राव को ट्रैफिक पुलिस के सीनियर अधिकारियों से बात करके इस समस्या का हल निकालने को कहा।
रेलवे की जमीन पर सफाई में धीमी प्रगति
मंत्री ने रेलवे की प्रॉपर्टी पर सफाई के काम में धीमी गति पर नाराज़गी जताई। उन्होंने अधिकारियों को रेलवे अथॉरिटीज के साथ मिलकर काम तेज़ करने के निर्देश दिए।
त्यज्यदिंदा स्वतंत्र अभियान का मकसद बेंगलुरु के बढ़ते कचरे के संकट को सख्त नियमों और सरकारी व सार्वजनिक जगहों पर जवाबदेही तय करके हल करना है। अभी भी 59,000 टन से ज्यादा मलबा हटाया जाना बाकी है, और इस पहल की सफलता लगातार कोशिशों और एजेंसियों के बीच तालमेल पर निर्भर करेगी।
स्रोत: The Hindu
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