बेलगावी पुलिस ने हाई-टेक टूल्स से 12 लापता लोगों को ढूंढा
बेलगावी पुलिस ने हाई-टेक टूल्स से 12 लापता लोगों को ढूंढा बेलगावी जिले की पुलिस ने एडवांस टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके पिछले कुछ महीनों में 12 लापता लोगों को ढूंढकर उनके परिवारों से मिलाया है।
बेलगावी जिले की पुलिस ने एडवांस टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके पिछले कुछ महीनों में 12 लापता लोगों को ढूंढकर उनके परिवारों से मिलाया है। इस ऑपरेशन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डिजिटल फॉरेंसिक्स और सोशल मीडिया ट्रैकिंग जैसे हाई-टेक टूल्स का इस्तेमाल किया गया। इनमें से कई लोग सालों से लापता थे और कुछ तो अलग-अलग राज्यों में मिले।
लापता लोग महाराष्ट्र के सांगली, रायगढ़ और बीड जिलों, गुजरात के आनंद जिले और गोवा में मिले। कुछ लोग अपने परिवार से अलग होकर बेंगलुरु, विजयपुरा और बागलकोट जैसे जिलों में बस गए थे। कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद सभी 12 लोगों को उनके परिवारों से मिलाया गया।
इस ऑपरेशन में हाई-टेक टूल्स ने अहम भूमिका निभाई। फेसियल रिकग्निशन सॉफ्टवेयर की मदद से तस्वीरों का मिलान किया गया और डेटाबेस व सीसीटीवी फुटेज के जरिए लोगों की पहचान की गई। AI-पावर्ड एज-प्रोग्रेशन इमेज जनरेटर की मदद से लापता लोगों की पुरानी तस्वीरों को उनकी मौजूदा शक्ल से मिलाया गया। पुलिस ने सोशल मीडिया एक्टिविटी, मोबाइल फोन का इस्तेमाल, सिग्नल ट्रायंगुलेशन, ईमेल रिकॉर्ड्स, डिजिटल ट्रांजैक्शन और लोकेशन डेटा का भी विश्लेषण किया।
इन हाई-टेक तरीकों के साथ पारंपरिक जांच तकनीकों का भी इस्तेमाल किया गया। जब किसी लापता व्यक्ति का लोकेशन कन्फर्म हुआ, तो संबंधित पुलिस स्टेशन के अफसरों ने स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर उस व्यक्ति को ढूंढा और संपर्क किया। इस ऑपरेशन में बेलगावी सिटी पुलिस ने भी इन टूल्स का इस्तेमाल किया।
"डिटेक्ट एंड रीयूनाइट" ऑपरेशन की निगरानी एसपी के. रामराजन और एएसपी आर.बी. बसारगी ने की। महिला पुलिस स्टेशन की इंस्पेक्टर नेत्रवती बी. पाटिल, टेक्निकल स्टाफ सचिन पाटिल और विनोद ठक्कनावर की टीम ने इस पहल को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाई।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
बेलगावी पुलिस ने कितने लापता लोगों को ढूंढा?
बेलगावी पुलिस ने पिछले कुछ महीनों में 12 लापता लोगों को ढूंढकर उनके परिवारों से मिलाया है।
लापता लोग कहाँ-कहाँ मिले?
ये लोग महाराष्ट्र के सांगली, रायगढ़ और बीड जिलों, गुजरात के आनंद जिले, गोवा, बेंगलुरु, विजयपुरा और बागलकोट में मिले।
पुलिस ने लोगों को ढूंढने के लिए कौन से हाई-टेक टूल्स का इस्तेमाल किया?
पुलिस ने AI, डिजिटल फॉरेंसिक्स, फेसियल रिकग्निशन सॉफ्टवेयर, एज-प्रोग्रेशन इमेज जनरेटर, सोशल मीडिया ट्रैकिंग, सिग्नल ट्रायंगुलेशन, सीसीटीवी फुटेज और लोकेशन डेटा विश्लेषण का इस्तेमाल किया।
क्या इस ऑपरेशन में सिर्फ हाई-टेक तरीके ही इस्तेमाल किए गए?
नहीं, हाई-टेक तरीकों के साथ पारंपरिक जांच तकनीकों का भी इस्तेमाल किया गया। जब लोकेशन कन्फर्म हुआ, तो स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर उन व्यक्तियों को ढूंढा और संपर्क किया।
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