आंध्र प्रदेश में 15 जुलाई को बिजली की खपत 285 मिलियन यूनिट हुई
आंध्र प्रदेश में बिजली की खपत 15 जुलाई को 285 मिलियन यूनिट पहुंची आंध्र प्रदेश ने जुलाई महीने में अब तक की सबसे ज्यादा बिजली खपत दर्ज की है।
आंध्र प्रदेश ने जुलाई महीने में अब तक की सबसे ज्यादा बिजली खपत दर्ज की है। 15 जुलाई को राज्य में रोजाना बिजली की मांग 285 मिलियन यूनिट (MU) तक पहुंच गई। इसका कारण एल नीनो की वजह से लगातार बढ़ते तापमान को बताया जा रहा है। यह जानकारी ऊर्जा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने स्पेशल चीफ सेक्रेटरी के. विजयानंद के साथ हुई समीक्षा बैठक में दी।
एल नीनो की वजह से बढ़ी बिजली की मांग
अधिकारियों ने बताया कि एल नीनो की वजह से मौसम में बदलाव हुआ है, जिससे तापमान काफी ज्यादा बढ़ गया है। इसका असर बिजली की खपत पर पड़ा है। सभी उपभोक्ता वर्गों में बिजली की मांग बढ़ी है, जिससे राज्य के पावर इंफ्रास्ट्रक्चर पर दबाव पड़ा है। इस बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए तुरंत कदम उठाने की जरूरत है।
अगस्त और सितंबर के लिए तैयारी
इस स्थिति को देखते हुए श्री विजयानंद ने पावर यूटिलिटीज को अगस्त और सितंबर में बिजली की मांग बढ़ने की संभावना को ध्यान में रखते हुए तैयारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने एक्सचेंज और टर्म-अहेड मार्केट से अतिरिक्त बिजली खरीदने पर जोर दिया ताकि बिजली की सप्लाई बिना किसी रुकावट के जारी रहे।
थर्मल पावर स्टेशनों पर बिजली उत्पादन बनाए रखने के लिए एपी-जेनको को पर्याप्त कोयले का स्टॉक रखने के निर्देश दिए गए। साथ ही एपी स्टेट लोड डिस्पैच सेंटर, एपी-जेनको, एपी-ट्रांसको, एपी पावर कोऑर्डिनेशन कमेटी और डिस्कॉम्स के बीच तालमेल बनाए रखने पर जोर दिया गया ताकि बिजली की मांग, संसाधनों की उपलब्धता और ट्रांसमिशन तैयारियों पर नजर रखी जा सके।
बैठक में मौजूद नेतृत्व
इस समीक्षा बैठक में डिस्कॉम्स के सीएमडी लोथेटी शिवा शंकर, आई. पृथ्वी तेज और पी. पुल्ला रेड्डी, एपी-ट्रांसको के डायरेक्टर (ग्रिड) ए.के.वी. भास्कर और अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
यह स्थिति दिखाती है कि आंध्र प्रदेश को चरम मौसम की चुनौतियों का सामना करने के लिए बेहतर योजना और संसाधन प्रबंधन की सख्त जरूरत है।
स्रोत: The Hindu
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
आंध्र प्रदेश में 15 जुलाई को बिजली की खपत कितनी थी?
15 जुलाई को आंध्र प्रदेश में रोजाना बिजली की मांग 285 मिलियन यूनिट (MU) तक पहुंच गई, जो जुलाई महीने में अब तक की सबसे ज्यादा खपत है।
बिजली की खपत इतनी ज्यादा क्यों बढ़ गई?
एल नीनो की वजह से लगातार बढ़ते तापमान के कारण बिजली की खपत बढ़ी है। सभी उपभोक्ता वर्गों में बिजली की मांग में वृद्धि हुई है।
अगस्त और सितंबर में बिजली की आपूर्ति के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं?
विशेष मुख्य सचिव के. विजयानंद ने पावर यूटिलिटीज को निर्देश दिए हैं कि एक्सचेंज और टर्म-अहेड मार्केट से अतिरिक्त बिजली खरीदी जाए और थर्मल पावर स्टेशनों के लिए पर्याप्त कोयले का स्टॉक रखा जाए।
बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए किन एजेंसियों के बीच तालमेल बनाया जा रहा है?
एपी स्टेट लोड डिस्पैच सेंटर, एपी-जेनको, एपी-ट्रांसको, एपी पावर कोऑर्डिनेशन कमेटी और डिस्कॉम्स के बीच तालमेल बनाया जा रहा है ताकि बिजली की मांग और संसाधनों पर नजर रखी जा सके।
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