नारा लोकेश ने अमरावती में 5,000 एकड़ ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट का ऐलान किया
आंध्र प्रदेश के मंत्री नारा लोकेश ने अमरावती में 5,000 एकड़ में ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट बनाने की योजना का ऐलान किया।
राज्य को प्रमुख ठिकाना बनाने की रणनीति लोक>>श ने बताई
राज्य को प्रमुख ठिकाना बनाने की रणनीति लोक>>श ने बताई
आंध्र प्रदेश के एचआरडी मंत्री नारा लोक>>श ने अमरावती में 5,000 एकड़ में ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट बनाने की योजना का ऐलान किया। सरकार अमरावती को शहर, शिक्षा और रिसर्च के केंद्र के तौर पर विकसित कर रही है।
पैन-आईटी समिट 2026 में बोलते हुए श्री लोक>>श ने कहा कि आंध्र प्रदेश खुद को एक विकसित राज्य में बदलने और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के विजन में योगदान देने की दिशा में काम कर रहा है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की रणनीति “तेज रफ्तार, सेवा और स्थिरता” पर टिकी है। इसका फोकस सिर्फ निवेश के ऐलान तक सीमित नहीं है। सरकार प्रोजेक्ट बनाने, नौकरियां पैदा करने और लंबे समय की आर्थिक बढ़ोतरी पर भी ध्यान दे रही है।
निवेश के वादों से प्रोजेक्ट तक
श्री लोक>>श ने कहा कि सरकार जरूरी सेक्टरों में नेतृत्व हासिल करने की कोशिश कर रही है। इसके लिए अनुभवी नेतृत्व और युवा राजनीतिक टीम, दोनों के मेल पर भरोसा किया जा रहा है।
उन्होंने कहा, “करीब आधे विधायक और 25 में से 17 मंत्री क्रमशः पहली बार विधायक और मंत्री बने हैं।”
गवर्नेंस के बारे में श्री लोक>>श ने कहा कि नीतियां इस तरह बनाई जानी चाहिए कि वे कानूनी जांच और राजनीतिक बदलावों के बावजूद टिक सकें।
उन्होंने कहा कि नई नीतियां तैयार करते समय सरकार पिछली भर्ती से जुड़े आदेशों और अदालत के मामलों का विश्लेषण करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल कर रही है।
करीब 16,000 शिक्षकों की भर्ती का उदाहरण देते हुए बताया गया कि टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल पहले की प्रक्रियाओं की कमजोरियों का पता लगाने और कानूनी चुनौतियों के खतरे को कम करने के लिए किया जा रहा है।
मंत्री ने कहा कि राज्य सिर्फ एमओयू साइन करने तक सीमित नहीं रह रहा है। अब उसका ध्यान इन समझौतों को लागू कराना सुनिश्चित करने पर है।
उन्होंने मदनपल्ले में प्रस्तावित इंडियन स्कूल ऑफ एग्रीकल्चर का जिक्र किया। इसका मकसद रिसर्च, मशीनों के इस्तेमाल, प्रोसेसिंग और मार्केट तक पहुंच को शामिल करने वाले एकीकृत हॉर्टिकल्चर इकोसिस्टम को समर्थन देना है।
उन्होंने कहा, “सरकार का अनुमान है कि यह इकोसिस्टम करीब ₹1 लाख करोड़ का निवेश आकर्षित कर सकता है।”
स्टील, टेक्नोलॉजी और उभरते सेक्टर
श्री लोक>>श ने प्रस्तावित 17-मिलियन-टन आर्सेलरमित्तल ग्रीनफील्ड स्टील प्रोजेक्ट का भी जिक्र किया।
उन्होंने कहा कि आदित्य मित्तल के साथ शुरुआती बातचीत से लेकर करीब 17 महीनों में यह प्रोजेक्ट नींव रखे जाने के स्तर तक पहुंच गया। इस दौरान पर्यावरण से जुड़ी मंजूरियां भी शामिल थीं।
उन्होंने कहा कि गूगल के डेटा-सेंटर निवेश से वैश्विक टेक्नोलॉजी मैप पर विशाखापत्तनम की स्थिति और मजबूत हुई है।
श्री लोक>>श ने कहा कि इस निवेश से जुड़े रेगुलेटरी और टैक्स से जुड़े मुद्दों को सुलझाने में राज्य और केंद्र सरकारों के बीच तालमेल ने मदद की।
उन्होंने कहा कि आंध्र प्रदेश स्पेस, ड्रोन और क्वांटम टेक्नोलॉजी जैसे उभरते सेक्टरों को भी समर्थन दे रहा है।
उन्होंने बताया कि सरकार ने स्पेस स्टार्टअप स्काईरूट को 300 एकड़ जमीन दी है। वहीं, समुद्री ड्रोन कंपनी सागर डिफेंस को पानी के किनारे तक पहुंच उपलब्ध कराई गई है।
सेक्टरल क्लस्टर और रिन्यूएबल एनर्जी
श्री लोक>>श ने कहा कि आंध्र प्रदेश 23 सेक्टरल ग्रोथ क्लस्टर विकसित कर रहा है। इनमें हॉर्टिकल्चर, फार्मास्युटिकल्स, मेडिकल डिवाइस, ऑटोमोटिव, रिन्यूएबल एनर्जी, सोलर मैन्युफैक्चरिंग, सेमीकंडक्टर, क्वांटम टेक्नोलॉजी, स्पेस और डिफेंस जैसे क्षेत्र शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि राज्य ने एक साल में रिन्यूएबल एनर्जी की क्षमता में करीब 4.8 गीगावॉट की बढ़ोतरी की है। अब उसका लक्ष्य तीसरे स्थान से पहले स्थान पर पहुंचना है।
श्री लोक>>श ने औद्योगिक सप्लाई चेन के वर्टिकल इंटीग्रेशन की जरूरत पर जोर दिया।
उन्होंने इंडस्ट्री को शिक्षा, स्किल, रिसर्च और टेस्टिंग से जोड़ने वाले हॉरिजॉन्टल इंटीग्रेशन की भी मांग की।
उन्होंने पैन-आईटी समुदाय से आंध्र प्रदेश को इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स और पूर्व छात्रों से जोड़ने में मदद करने की अपील की, ताकि राज्य की क्लस्टर रणनीति को और मजबूत किया जा सके।
सरकारी प्रक्रियाओं में तेजी
श्री लोक>>श ने उस सहयोग की अपील की, जिसे उन्होंने “दिखने वाला गवर्नेंस, अदृश्य सरकार” कहा।
उन्होंने इस विचार को सरकारी प्रक्रियाओं को तेज बनाने की व्यवस्था से जोड़ा।
सरकार के बताए गए तरीके में खास सेक्टरों के विकास वाले क्लस्टर और इंडस्ट्री को शिक्षा, स्किल, रिसर्च और टेस्टिंग से जोड़ने की कोशिश, दोनों शामिल हैं।
मंत्री की ओर से बताए गए प्रोजेक्ट्स में मदनपल्ले में प्रस्तावित एग्रीकल्चर संस्थान, आर्सेलरमित्तल स्टील प्रोजेक्ट, गूगल का डेटा-सेंटर निवेश और अमरावती में प्रस्तावित एयरपोर्ट शामिल हैं।
इन सभी उदाहरणों से सरकार की बताई गई उस प्राथमिकता का पता चलता है, जिसमें निवेश के वादों और नीतियां बनाने से आगे बढ़कर उन्हें लागू करने, अलग-अलग सेक्टरों की क्षमता बढ़ाने और लंबे समय की आर्थिक बढ़ोतरी पर जोर दिया जा रहा है।
स्रोत: The Hindu
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
अमरावती में कितने एकड़ में ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट बनाने की योजना है?
अमरावती में 5,000 एकड़ में ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट बनाने की योजना है।
आंध्र प्रदेश सरकार अमरावती को किस रूप में विकसित कर रही है?
सरकार अमरावती को शहर, शिक्षा और रिसर्च के केंद्र के तौर पर विकसित कर रही है।
नई नीतियां तैयार करने में सरकार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल क्यों कर रही है?
सरकार पिछली भर्ती से जुड़े आदेशों और अदालत के मामलों का विश्लेषण करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल कर रही है, ताकि प्रक्रियाओं की कमजोरियों और कानूनी चुनौतियों के खतरे का पता लगाया जा सके।
आंध्र प्रदेश किन उभरते सेक्टरों को समर्थन दे रहा है?
आंध्र प्रदेश स्पेस, ड्रोन और क्वांटम टेक्नोलॉजी जैसे उभरते सेक्टरों को समर्थन दे रहा है।
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