आंध्र प्रदेश के 100 से ज्यादा पर्यटन स्थलों पर एआई सेवाएं शुरू होंगी
आंध्र प्रदेश के 100 से ज्यादा पर्यटन और तीर्थस्थलों पर AI सेवा शुरू होगी। QR कोड से 130 से अधिक भाषाओं में जानकारी मिलेगी।
आंध्र प्रदेश ने टूरिज्म को तकनीक के केंद्र में रखा है, मंत्री कंडुला दुर्गेश ने कहा
आंध्र प्रदेश ने टूरिज्म को तकनीक के केंद्र में रखा है, मंत्री कंडुला दुर्गेश ने कहा
आंध्र प्रदेश की स्मार्ट टूरिज्म डेस्टिनेशन बनाने की योजना को उस समय आगे बढ़ाया गया, जब स्पेन के सेविल में हुए अंतरराष्ट्रीय Tourism Innovation Summit-2026 में NiVU AI को पेश किया गया।
टूरिज्म, संस्कृति और सिनेमैटोग्राफी मंत्री कंडुला दुर्गेश ने बुधवार को सेविल-FIBES आयोजन स्थल पर NiVU AI पेश किया। NiVU AI का पूरा नाम Neural Intelligence Vernacular Unified Model है।
इस सिस्टम को Explurger ने तैयार किया है। यह आंध्र प्रदेश के टूरिज्म सेक्टर में बदलाव लाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल तकनीक के इस्तेमाल की कोशिशों का हिस्सा है।
100 से ज्यादा डेस्टिनेशन पर AI सेवाओं की योजना
आंध्र प्रदेश सरकार और Explurger के बीच हुए समझौते के तहत 100 से ज्यादा बड़े टूरिस्ट और तीर्थस्थलों पर AI से चलने वाली सेवाएं शुरू की जाएंगी।
इस योजना के पहले चरण में 30 बड़े डेस्टिनेशन शामिल हैं। यह पहल मंगलागिरि के श्री पनकाला लक्ष्मी नरसिम्हा स्वामी मंदिर में पहले ही लागू की जा चुकी है।
टूरिस्ट “ASK AI” QR कोड स्कैन करके किसी डेस्टिनेशन के बारे में 130 से ज्यादा भाषाओं में जानकारी हासिल कर सकेंगे।
श्री दुर्गेश ने कहा कि इस सेवा का इस्तेमाल करने के लिए विजिटर्स को कोई ऐप डाउनलोड करने या किसी तरह का चार्ज देने की जरूरत नहीं होगी।
इस प्रस्तावित सिस्टम का मकसद अलग-अलग भाषाएं इस्तेमाल करने वाले विजिटर्स के लिए टूरिस्ट और तीर्थस्थलों से जुड़ी जानकारी तक पहुंच को आसान बनाना है।
इतिहास, संस्कृति और आसपास के आकर्षणों पर ध्यान
श्री दुर्गेश ने आंध्र प्रदेश को आध्यात्मिकता, विरासत, प्रकृति और संस्कृति का अनोखा मेल बताया।
उन्होंने कहा कि राज्य में तिरुमला की पहाड़ियों, अमरावती की प्राचीन बौद्ध विरासत, गांदीकोटा के नजारों, मारेडुमिल्ली के जंगलों, अराकू घाटी और विशाखापत्तनम के समुद्र तटों को समेटे हुए एक असाधारण यात्रा का अनुभव मिलता है।
उन्होंने कहा कि तकनीक अंतरराष्ट्रीय विजिटर्स को अपनी पसंद की भाषा में AI के साथ बातचीत करने की सुविधा देगी।
इससे उन्हें अलग-अलग जगहों के इतिहास और उनके सांस्कृतिक महत्व को समझने में भी मदद मिलेगी। साथ ही, वे आसपास मौजूद दूसरे आकर्षणों के बारे में भी जान सकेंगे।
इस तरह यह तकनीकी पहल राज्य में मौजूद अलग-अलग टूरिज्म विकल्पों को विजिटर्स पर केंद्रित एक ही सिस्टम के जरिए पेश करने की बड़ी कोशिश का हिस्सा बनती है।
भविष्य की टूरिज्म योजना में डेटा की मदद
यह सिस्टम टूरिस्टों की पसंद, उनकी भाषाओं और उनके व्यवहार से जुड़ा रियल-टाइम एनालिटिक्स उपलब्ध कराएगा।
श्री दुर्गेश के मुताबिक, इस जानकारी से राज्य को भविष्य की टूरिज्म योजनाएं बनाने में मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा कि टूरिज्म में इनोवेशन सिर्फ तकनीक तक सीमित नहीं होना चाहिए। इसका ध्यान विजिटर्स के अनुभव को बेहतर बनाने, स्थानीय स्तर पर रोजगार को सहारा देने और जिम्मेदार टूरिज्म को बढ़ावा देने पर भी होना चाहिए।
मंत्री ने ट्रैवल-टेक कंपनियों, स्टार्टअप्स, यूनिवर्सिटीज, निवेशकों और टूरिज्म ऑपरेटर्स को आंध्र प्रदेश के साथ साझेदारी करने का न्योता दिया।
उन्होंने AI पर आधारित टूरिज्म सेवाओं, डिजिटल टूल्स और स्मार्ट डेस्टिनेशन मैनेजमेंट में निवेश करने के लिए भी आमंत्रित किया।
उन्होंने दुनिया भर के टूरिज्म से जुड़े लोगों से कहा, “सिर्फ टूरिस्ट बनकर आंध्र प्रदेश मत आइए; पार्टनर बनकर आइए।”
उन्होंने कहा, “अगर आपको लगता है कि आपने भारत को पहले ही देख लिया है, तो एक बार आंध्र प्रदेश आइए। हम निश्चित तौर पर आपको हैरान कर देंगे।”
स्रोत: The Hindu
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
NiVU AI क्या है?
NiVU AI का पूरा नाम Neural Intelligence Vernacular Unified Model है। इसे Explurger ने तैयार किया है।
आंध्र प्रदेश में AI सेवाएं कितने पर्यटन स्थलों पर शुरू होंगी?
आंध्र प्रदेश के 100 से ज्यादा बड़े पर्यटन और तीर्थस्थलों पर AI सेवाएं शुरू की जाएंगी। पहले चरण में 30 बड़े डेस्टिनेशन शामिल हैं।
टूरिस्ट इन AI सेवाओं का इस्तेमाल कैसे कर सकेंगे?
टूरिस्ट “ASK AI” QR कोड स्कैन करके 130 से ज्यादा भाषाओं में किसी डेस्टिनेशन की जानकारी ले सकेंगे। इसके लिए ऐप डाउनलोड करने या कोई चार्ज देने की जरूरत नहीं होगी।
AI सिस्टम से टूरिस्टों को क्या जानकारी मिलेगी?
टूरिस्टों को जगहों के इतिहास, सांस्कृतिक महत्व और आसपास के आकर्षणों की जानकारी अपनी पसंद की भाषा में मिल सकेगी।
इस सिस्टम से आंध्र प्रदेश को क्या फायदा होगा?
सिस्टम टूरिस्टों की पसंद, भाषा और व्यवहार का रियल-टाइम एनालिटिक्स देगा, जिससे राज्य को भविष्य की टूरिज्म योजनाएं बनाने में मदद मिलेगी।
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