आंध्र प्रदेश में कॉन्ट्रैक्ट हेल्थ स्टाफ ने बातचीत बाद हड़ताल कुछ समय रोकी
अधिकारियों से बातचीत के बाद आंध्र प्रदेश के कॉन्ट्रैक्ट हेल्थ स्टाफ ने हड़ताल कुछ समय के लिए रोक दी। 11 अक्टूबर से ड्यूटी पर लौटेंगे।
आंध्र प्रदेश में कॉन्ट्रैक्ट हेल्थ स्टाफ ने अधिकारियों से बातचीत के बाद हड़ताल कुछ समय के लिए रोक दी
आंध्र प्रदेश के स्वास्थ्य, चिकित्सा और परिवार कल्याण विभाग में काम कर रहे सभी कॉन्ट्रैक्ट स्टाफ 11 अक्टूबर से अपनी ड्यूटी पर वापस लौटेंगे। यह फैसला उनकी संयुक्त कार्रवाई समिति ने हड़ताल को कुछ समय के लिए रोकने के बाद लिया है।
आंध्र प्रदेश मेडिकल एंड हेल्थ कॉन्ट्रैक्ट एम्प्लॉइज की संयुक्त कार्रवाई समिति ने शनिवार, 10 अक्टूबर को स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ हुई बातचीत के बाद यह फैसला किया।
हड़ताल अधूरी मांगों के बाद शुरू हुई थी
संयुक्त कार्रवाई समिति ने 6 अक्टूबर से ड्यूटी के बहिष्कार का ऐलान किया था। समिति का कहना था कि सरकार के साथ कई बार बातचीत के बावजूद उनकी सेवाओं को नियमित करने और ग्रॉस सैलरी देने की मांगें पूरी नहीं हुई हैं।
इस विरोध में विभाग के नर्स और दूसरे कॉन्ट्रैक्ट स्टाफ शामिल थे।
सरकार का कहना था कि राज्य की आर्थिक स्थिति को देखते हुए इन दो बड़ी मांगों को मंजूर नहीं किया जा सकता।
हालांकि, स्वास्थ्य, चिकित्सा और परिवार कल्याण विभाग ने एसोसिएशन की ओर से उठाई गई कुछ गैर-वित्तीय मांगों को मानने पर सहमति दी थी।
इन मांगों में महामारी के दौरान ड्यूटी करते हुए जान गंवाने वाले कॉन्ट्रैक्ट हेल्थ स्टाफ के परिवारों को एक्स-ग्रेशिया रकम देना शामिल था। इसके अलावा रेडियोग्राफर के लिए रेडिएशन लीव देने की मांग भी इसमें शामिल थी।
इंसेंटिव की मांग की जांच के लिए कमेटी
शनिवार को हुई बातचीत के दौरान संयुक्त कार्रवाई समिति के सदस्यों ने कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों की मौजूदा बेसिक पे के आधार पर 30% इंसेंटिव देने की मांग भी रखी।
यह बैठक स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ हुई। इसमें कमिश्नर के.वी.एन. चक्रधर बाबू समेत दूसरे अधिकारी शामिल थे।
संयुक्त कार्रवाई समिति की ओर से जारी एक बयान के मुताबिक, अधिकारियों ने बताया कि इंसेंटिव की मांग की जांच के लिए एक खास कमेटी बनाई जाएगी।
संयुक्त कार्रवाई समिति ने अधिकारियों के इस जवाब को सकारात्मक बताया और हड़ताल को कुछ समय के लिए खत्म करने का फैसला किया।
बड़ी मांगें अब भी बाकी
संयुक्त कार्रवाई समिति ने कहा कि उसके इस फैसले का मतलब यह नहीं है कि उसने अपनी बड़ी मांगें वापस ले ली हैं।
समिति ने कहा कि हड़ताल को कुछ समय के लिए रोकने से सरकार को बातचीत के जरिए इन मुद्दों को हल करने का मौका मिलेगा।
इस तरह, सेवाएं फिर शुरू हो जाएंगी, लेकिन सेवाओं को नियमित करने और ग्रॉस सैलरी देने की मांगें अब भी पूरी नहीं हुई हैं।
स्रोत: The Hindu
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
आंध्र प्रदेश में कॉन्ट्रैक्ट हेल्थ स्टाफ ने हड़ताल क्यों रोकी?
अधिकारियों के साथ बातचीत के बाद कॉन्ट्रैक्ट हेल्थ स्टाफ ने हड़ताल कुछ समय के लिए रोक दी।
कॉन्ट्रैक्ट हेल्थ स्टाफ कब से ड्यूटी पर लौटेगा?
सभी कॉन्ट्रैक्ट स्टाफ 11 अक्टूबर से अपनी ड्यूटी पर लौटेंगे।
कर्मचारियों की मुख्य मांगें क्या हैं?
कर्मचारियों की मुख्य मांगों में सेवाओं को नियमित करना और ग्रॉस सैलरी देना शामिल है।
इंसेंटिव की मांग पर अधिकारियों ने क्या कहा?
अधिकारियों ने 30% इंसेंटिव की मांग की जांच के लिए एक खास कमेटी बनाने की बात कही।
क्या कर्मचारियों ने अपनी बड़ी मांगें वापस ले ली हैं?
नहीं, हड़ताल रोकने का मतलब यह नहीं है कि कर्मचारियों ने सेवाओं को नियमित करने और ग्रॉस सैलरी की मांगें वापस ले ली हैं।
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