अकाल तख्त ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को उनके कथित वायरल वीडियो की जांच के बाद 'गुरु विरोधी' और 'पंथ विरोधी' घोषित किया।
वीडियो की फोरेंसिक जांच में इसे असली पाया गया।
अकाल तख्त ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को उनके कथित वायरल वीडियो की जांच के बाद 'गुरु विरोधी' और 'पंथ विरोधी' घोषित किया।
वीडियो की फोरेंसिक जांच में इसे असली पाया गया।

Punjab CM Bhagwant Mann declared 'anti-Panth' by Akal Takht · NewsDarpan AI
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को अकाल तख्त ने 'गुरु विरोधी' और 'पंथ विरोधी' घोषित कर दिया है। यह फैसला सोमवार को अमृतसर के गोल्डन टेंपल परिसर में अकाल तख्त सचिवालय से जथेदार कुलदीप सिंह गडगज ने सुनाया। यह निर्णय भगवंत मान के कथित वायरल वीडियो की जांच के बाद लिया गया। जथेदार ने बताया कि वीडियो की फोरेंसिक जांच दो प्रमुख लैब्स से कराई गई, जिसमें यह वीडियो 100% असली पाया गया। वीडियो में भगवंत मान को गुरु साहिब की तस्वीर के सामने शराब का गिलास पकड़े हुए दिखाया गया है।
इस मामले में अकाल तख्त ने पंजाब में आम आदमी पार्टी (AAP) के उन सभी सिख विधायकों को भी बुलाया है जिन्होंने मान सरकार के उस कानून पर हस्ताक्षर किए थे जिसे अकाल तख्त ने गलत ठहराया था।
AAP के प्रवक्ता बलतेज पन्नू ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अगर वीडियो सही भी मान लिया जाए, तो यह साबित नहीं होता कि वीडियो में दिखने वाला व्यक्ति भगवंत मान ही हैं।
गौरतलब है कि 15 जनवरी 2026 को भगवंत मान अकाल तख्त साहिब पहुंचे थे और अपनी सफाई दी थी। इसके बाद अकाल तख्त ने वीडियो की जांच कराने का फैसला लिया। सोमवार को जांच रिपोर्ट के आधार पर यह फैसला सुनाया गया।