Ajit Doval का बड़ा बयान: भारत की उदारता को कमजोरी न समझें, जरूरत पड़ी तो करारा प्रहार कर सकते हैं
Ajit Doval: राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार Ajit Doval ने Operation Sindoor को लेकर पहली बार विस्तार से बात करते हुए भारत की सुरक्षा नीति और ऑपरेशन के पीछे की सोच पर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है।
Ajit Doval: राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार Ajit Doval ने Operation Sindoor को लेकर पहली बार विस्तार से बात करते हुए भारत की सुरक्षा नीति और ऑपरेशन के पीछे की सोच पर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है। Doval ने साफ कहा कि भारत की उदारता और सहनशीलता को उसकी कमजोरी नहीं समझा जाना चाहिए। जरूरत पड़ने पर भारत जोखिम लेने और कड़ा जवाब देने की क्षमता रखता है।
Ajit Doval ने ये बातें Discovery की दो हिस्सों वाली डॉक्यूमेंट्री "Declassified: Operation Sindoor" में कहीं हैं। यह Operation Sindoor के बाद उनका पहला इंटरव्यू बताया जा रहा है।
Ajit Doval ने Operation Sindoor को लेकर क्या कहा?
Ajit Doval के मुताबिक Operation Sindoor का मुख्य उद्देश्य स्पष्ट था—ऐसे आतंकी ठिकानों को नष्ट करना, जो पहलगाम आतंकी हमले के लिए जिम्मेदार थे।
उन्होंने बताया कि ऑपरेशन की planning के दौरान लक्ष्य को लेकर स्पष्टता रखी गई थी और कोशिश थी कि कार्रवाई को सटीक तरीके से अंजाम दिया जाए।
Doval ने भारत के संदेश को भी स्पष्ट शब्दों में रखा। उनके मुताबिक भारत का संयम, उदारता और सहनशीलता उसकी कमजोरी नहीं है और देश जरूरत पड़ने पर जोखिम उठाकर कड़ा प्रहार कर सकता है।
88 घंटे चला था Operation Sindoor
Operation Sindoor की शुरुआत 7 मई 2025 को पहलगाम आतंकी हमले के बाद हुई थी। 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत हुई थी।
इसके बाद भारत ने पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में मौजूद आतंकी ढांचे को निशाना बनाते हुए सैन्य कार्रवाई की। इसके बाद दोनों देशों के बीच सैन्य गतिविधियां बढ़ीं और करीब 88 घंटे तक तनाव और सैन्य कार्रवाई जारी रही। 10 मई को दोनों पक्षों के बीच सैन्य कार्रवाई रोकने को लेकर सहमति बनी।
Operation Sindoor का मकसद सिर्फ हमला करना नहीं था
Ajit Doval के बयान से यह संकेत मिलता है कि Operation Sindoor को केवल सैन्य कार्रवाई के तौर पर नहीं देखा गया था। इसका उद्देश्य खास आतंकी ठिकानों को निशाना बनाना और भारत की जवाब देने की क्षमता का स्पष्ट संदेश देना था।
Operation Sindoor की planning में intelligence gathering, surveillance, target identification और अलग-अलग परिस्थितियों के लिए तैयारी शामिल थी। Discovery के मुताबिक डॉक्यूमेंट्री में ऑपरेशन से पहले किए गए mock drills और planning के बारे में भी जानकारी सामने आती है।
Ajit Doval का 'Tolerance' वाला संदेश क्यों महत्वपूर्ण है?
Ajit Doval का बयान ऐसे समय आया है जब भारत Operation Sindoor के एक साल से ज्यादा समय बाद उस कार्रवाई से जुड़े strategic decisions पर सार्वजनिक रूप से चर्चा कर रहा है।
Doval का संदेश मूल रूप से deterrence से जुड़ा है—भारत सामान्य परिस्थितियों में संयम और tolerance को प्राथमिकता दे सकता है, लेकिन इसे सुरक्षा खतरों के सामने कमजोरी नहीं माना जाना चाहिए।
यानी संदेश यह है कि संयम का मतलब जवाब देने में असमर्थता नहीं है।
Operation Sindoor से क्या संदेश गया?
Operation Sindoor ने भारत की counter-terror response policy को लेकर भी एक स्पष्ट संदेश दिया। कार्रवाई ने यह दिखाने की कोशिश की कि किसी बड़े आतंकी हमले के बाद भारत केवल कूटनीतिक प्रतिक्रिया तक सीमित नहीं रहेगा।
Ajit Doval के ताजा बयान में इसी broader approach की झलक दिखाई देती है—भारत बातचीत और संयम के रास्ते को महत्व देता है, लेकिन राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े गंभीर खतरे की स्थिति में कार्रवाई करने की क्षमता और इच्छाशक्ति दोनों रखता है।
Ajit Doval ने दुनिया को क्या संदेश दिया?
Ajit Doval का ताजा बयान तीन शब्दों में समझा जा सकता है—Tolerance, Deterrence और Response।
भारत की उदारता को कमजोरी नहीं माना जाना चाहिए। देश जरूरत पड़ने पर जोखिम उठा सकता है और अपने नागरिकों तथा राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा के लिए कठोर कदम भी उठा सकता है।
Operation Sindoor पर Doval की यह टिप्पणी इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह उस ऑपरेशन के पीछे मौजूद रणनीतिक सोच की एक झलक देती है, जिसे अब तक मुख्य रूप से सैन्य कार्रवाई के रूप में देखा जाता रहा है।
Ajit Doval का संदेश साफ है—भारत का संयम उसकी कमजोरी नहीं, बल्कि उसकी पसंद है; लेकिन जब राष्ट्रीय सुरक्षा की बात आती है तो जवाब देने की क्षमता भी उतनी ही स्पष्ट है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
Ajit Doval ने Operation Sindoor के बारे में क्या कहा?
Ajit Doval ने बताया कि Operation Sindoor का मुख्य उद्देश्य आतंकी ठिकानों को नष्ट करना था जो पहलगाम आतंकी हमले के लिए जिम्मेदार थे।
Operation Sindoor कब शुरू हुआ था?
Operation Sindoor की शुरुआत 7 मई 2025 को पहलगाम आतंकी हमले के बाद हुई थी।
Ajit Doval का संयम और सहनशीलता पर क्या बयान था?
Ajit Doval ने कहा कि भारत की उदारता और सहनशीलता को कमजोरी नहीं समझा जाना चाहिए, और जरूरत पड़ने पर भारत कड़ा प्रहार कर सकता है।
Operation Sindoor का मकसद क्या था?
Operation Sindoor का मकसद सिर्फ हमला करना नहीं था, बल्कि खास आतंकी ठिकानों को निशाना बनाना और भारत की जवाब देने की क्षमता का संदेश देना था।
Ajit Doval का 'Tolerance' वाला संदेश क्यों महत्वपूर्ण है?
Doval का संदेश यह है कि संयम का मतलब जवाब देने में असमर्थता नहीं है, और भारत सुरक्षा खतरों के सामने मजबूत जवाब देने की क्षमता रखता है।
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