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पीएमआई के अमित गोयल बोले, एआई की कामयाबी के लिए इंसानी समझ जरूरी

पीएमआई के अमित गोयल ने कहा कि एआई से बेहतर बिजनेस नतीजों के लिए इंसानी समझ, नेतृत्व और काम पूरा करने की क्षमता जरूरी है।

पीएमआई के अमित गोयल बोले, एआई की कामयाबी के लिए इंसानी समझ जरूरी
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‘तकनीक को इंसानी समझ, नेतृत्व और काम को सही तरीके से पूरा करने की क्षमता के साथ जोड़ना ही एआई की कामयाबी का आधार है’

‘तकनीक को इंसानी समझ, नेतृत्व और काम को सही तरीके से पूरा करने की क्षमता के साथ जोड़ना ही एआई की कामयाबी का आधार है’

प्रोजेक्ट्स को कामयाब नतीजों में बदलने के लिए संगठनों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के साथ इंसानी समझ, नेतृत्व और काम को सही तरीके से पूरा करने की क्षमता को जोड़ना होगा। प्रोजेक्ट मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट यानी पीएमआई के साउथ एशिया के मैनेजिंग डायरेक्टर अमित गोयल ने संस्थान की सालाना कॉन्फ्रेंस PMSAC26 में यह बात कही।

इस कॉन्फ्रेंस में दुनिया भर के इंडस्ट्री लीडर्स एक साथ आए। यहां इस बात पर चर्चा की गई कि बिजनेस अपनी एआई से जुड़ी योजनाओं को किस तरह ऐसे नतीजों में बदल सकते हैं, जिनका असली मतलब और असर हो।

अपनाई गई तकनीक का असर बिजनेस पर दिखना जरूरी

श्री गोयल ने कहा कि एआई के दौर में किसी प्रोजेक्ट की कामयाबी इस बात पर ज्यादा निर्भर करेगी कि संगठन तकनीक और इंसानी क्षमताओं को कितनी अच्छी तरह साथ लाते हैं।

उनकी यह बात ऐसे समय में सामने आई है, जब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस नौकरियों, बिजनेस मॉडल और तकनीक को लागू करने के तरीकों में बदलाव ला रहा है। इससे संगठनों के लिए तकनीक को अपनाने और उसे सही तरीके से लागू करने के बीच तालमेल बनाना और भी जरूरी हो गया है।

उन्होंने कहा कि भारत का मजबूत टेक्नोलॉजी इकोसिस्टम और नई तकनीकों को अपनाने और बड़े स्तर पर इस्तेमाल करने की उसकी क्षमता देश को विकास के अगले दौर के लिए अच्छी स्थिति में रख सकती है।

हालांकि, एआई का बढ़ता इस्तेमाल अपने आप ऐसे बिजनेस फायदे में नहीं बदला है, जिन्हें साफ तौर पर मापा जा सके।

मैकिन्से की स्टेट ऑफ एआई रिपोर्ट का हवाला देते हुए श्री गोयल ने कहा कि सिर्फ 39% संगठनों ने बताया कि एआई से उन्हें पूरे संगठन के स्तर पर EBIT यानी ब्याज और टैक्स से पहले की कमाई पर असर मिला।

उन्होंने कहा कि यह आंकड़ा दिखाता है कि एआई को अपनाने के बाद उसे ऐसे बिजनेस नतीजों में बदलना अब भी बड़ी चुनौती है, जिन्हें मापा जा सके।

इस कॉन्फ्रेंस की थीम ‘एआई के दौर में भविष्य के लिए तैयार नेतृत्व’ थी। इसमें इस चुनौती से मिलकर निपटने के लिए व्यावहारिक नजरिए और रणनीतियों पर ध्यान दिया गया।

इंसानी क्षमताएं अब भी सबसे जरूरी

कॉन्फ्रेंस में बिजनेस लीडर्स ने चर्चा की कि एआई प्रोजेक्ट की कामयाबी और प्रोजेक्ट को पूरा करने के तरीके को किस तरह बदल रहा है।

उन्होंने यह भी देखा कि रणनीतिक सोच, इंसानी समझ, बदलती स्थिति के मुताबिक ढलने की क्षमता, नेतृत्व और काम को मजबूत तरीके से पूरा करने की क्षमता को तकनीक के साथ जोड़ना अब कितना जरूरी हो गया है।

चर्चाओं में कहा गया कि एआई से जुड़े कामों से नतीजे हासिल करने के लिए नेतृत्व और काम को सही तरीके से पूरा करना, तकनीक जितने ही जरूरी हिस्से हैं।

एक इंटरैक्टिव सेशन में बोलते हुए पीएमआई के अंतरिम प्रेसिडेंट और सीईओ जोहान्स हेनलाइन ने कहा कि सिर्फ तकनीकी जानकारी किसी प्रोफेशनल को दूसरों से अलग नहीं बनाएगी।

श्री हेनलाइन ने कहा, “आज सबसे जरूरी है सीखना, लगातार खुद को अपडेट करते रहना और जॉब मार्केट में प्रासंगिक बने रहना सीखना।”

उन्होंने आगे कहा, “एआई ने कोडिंग से जुड़ी कुछ तरह की नौकरियां जरूर खत्म कीं, लेकिन इसके साथ ही करियर के नए तरह के मौके भी बनाए।”

उनकी बातों से यह जरूरत सामने आई कि एआई के चलते काम की प्रकृति बदल रही है और ऐसे में प्रोफेशनल्स को अपनी स्किल्स लगातार विकसित करते रहना होगा।

पीएमआई पेनसिल्वेनिया में मुख्यालय वाला एक नॉन-प्रॉफिट संगठन है। यह दुनिया भर में लाखों प्रोजेक्ट प्रोफेशनल्स और बदलाव लाने वाले लोगों की सेवा करता है।

यह संगठन उन्हें अपने प्रोफेशन में आगे बढ़ने में मदद करने के लिए स्टैंडर्ड्स, सर्टिफिकेशन, संसाधन और नेटवर्किंग के मौके उपलब्ध कराता है।

स्रोत: The Hindu

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पीएमआई के अमित गोयल के मुताबिक एआई की कामयाबी के लिए क्या जरूरी है?

एआई को इंसानी समझ, नेतृत्व और काम को सही तरीके से पूरा करने की क्षमता के साथ जोड़ना जरूरी है।

एआई अपनाने के बाद संगठनों के सामने सबसे बड़ी चुनौती क्या है?

एआई को ऐसे बिजनेस नतीजों में बदलना बड़ी चुनौती है, जिन्हें साफ तौर पर मापा जा सके।

कितने संगठनों ने एआई से EBIT पर असर की बात कही?

मैकिन्से की स्टेट ऑफ एआई रिपोर्ट के मुताबिक, 39% संगठनों ने पूरे संगठन के स्तर पर EBIT पर असर की बात कही।

PMSAC26 कॉन्फ्रेंस की थीम क्या थी?

कॉन्फ्रेंस की थीम ‘एआई के दौर में भविष्य के लिए तैयार नेतृत्व’ थी।

एआई के दौर में प्रोफेशनल्स के लिए क्या जरूरी बताया गया?

लगातार सीखना, खुद को अपडेट रखना और जॉब मार्केट में प्रासंगिक बने रहना जरूरी बताया गया।

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