एनवीडिया के एआई सिस्टम की कीमत 15 फीसदी बढ़ेगी अगले साल
NVIDIA के AI प्रोसेसर वाले सिस्टम अगले साल 15% महंगे होंगे। मेमोरी चिप की कीमत बढ़ने से कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरर्स ने क्लाउड कंपनियों को सूचित किया।
एनवीडिया के ग्राहकों को एआई से जुड़ी 15 फीसदी से ज्यादा की कीमत बढ़ोतरी की सूचना
डेटा सेंटर सर्वर बनाने वाली बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनियों ने अपने क्लाइंट्स को बताना शुरू कर दिया है कि एनवीडिया के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस प्रोसेसर इस्तेमाल करने वाले सिस्टम अगले साल की शुरुआत में डिलीवरी के वक्त 15 फीसदी से ज्यादा महंगे होंगे, इसकी वजह मेमोरी चिप के दाम तेजी से बढ़ना है।
माइक्रोसॉफ्ट, अल्फाबेट की गूगल और ओरेकल समेत बड़े क्लाउड ऑपरेटर्स को सप्लाई करने वाले कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरर्स ने पिछले कुछ हफ्तों में ये नोटिफिकेशन भेजे हैं, ऐसा उन लोगों का कहना है जिन्हें इन बातचीत की जानकारी है। कीमत में बढ़ोतरी इस बात पर निर्भर करेगी कि ग्राहक एनवीडिया की किस जनरेशन की चिप ऑर्डर करते हैं और सिस्टम में कितनी मेमोरी लगाई गई है।
फ्लैगशिप चिप्स पर असर
कीमत बढ़ोतरी का असर एनवीडिया के नए प्रोसेसर वाले सिस्टम पर होगा, जिसमें फ्लैगशिप वेरा रुबिन और ग्रेस ब्लैकवेल चिप्स शामिल हैं। एनवीडिया ने कमेंट के लिए रिक्वेस्ट का जवाब नहीं दिया।
मेमोरी बनाने वाली कंपनियों को मिली ताकत
यह कदम मेमोरी चिप बनाने वाली कंपनियों—सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स, एसके हाइनिक्स और माइक्रोन टेक्नोलॉजी—की मोलभाव की ताकत को दिखाता है, क्योंकि एआई इंफ्रास्ट्रक्चर की डिमांड तेजी से बढ़ रही है, और इंडस्ट्री का सबसे दबदबे वाला प्लेयर भी बढ़ती कॉम्पोनेंट कॉस्ट को अपने ऊपर नहीं ले पा रहा। एनवीडिया के एक्सेलरेटर प्रोसेसर उन कंप्यूटर्स का मुख्य हिस्सा हैं जो एआई सॉफ्टवेयर बनाते और चलाते हैं, लेकिन उनकी परफॉर्मेंस इस बात पर निर्भर करती है कि उनके साथ कितनी डायनेमिक रैंडम एक्सेस मेमोरी, यानी डीरैम लगाई गई है।
दूसरी बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनियों ने हाल ही में ऐसे ही कीमत के दबाव का खुलासा किया है। ऐपल और क्वालकॉम दोनों ने निवेशकों को बताया है कि चिप की कमी की वजह से उन्हें प्रोडक्ट की कीमत बढ़ानी पड़ी है।
स्रोत: South China Morning Post
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
एनवीडिया के एआई सिस्टम की कीमत में कितनी बढ़ोतरी होगी?
एनवीडिया के एआई प्रोसेसर इस्तेमाल करने वाले सिस्टम अगले साल की शुरुआत में 15 फीसदी से ज्यादा महंगे हो सकते हैं। कीमत की बढ़ोतरी इस बात पर निर्भर करेगी कि ग्राहक किस जनरेशन की चिप ऑर्डर करते हैं और सिस्टम में कितनी मेमोरी लगाई गई है।
कीमत बढ़ोतरी की वजह क्या है?
कीमत में बढ़ोतरी मेमोरी चिप के दाम तेजी से बढ़ने की वजह से हो रही है। एआई इंफ्रास्ट्रक्चर की डिमांड बहुत ज्यादा बढ़ गई है, जिससे मेमोरी चिप बनाने वाली कंपनियां ज्यादा कीमत वसूल कर पा रही हैं।
कौन सी एनवीडिया चिप्स की कीमत में बढ़ोतरी होगी?
कीमत बढ़ोतरी का असर एनवीडिया के नए प्रोसेसर वाले सिस्टम पर होगा, जिसमें फ्लैगशिप वेरा रुबिन और ग्रेस ब्लैकवेल चिप्स शामिल हैं।
कौन सी कंपनियों को इस कीमत बढ़ोतरी की सूचना मिली है?
माइक्रोसॉफ्ट, गूगल और ओरेकल समेत बड़े क्लाउड ऑपरेटर्स को सप्लाई करने वाले कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरर्स ने पिछले कुछ हफ्तों में ये नोटिफिकेशन भेजे हैं।
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