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80 ग्राम प्रोटीन रोजाना पाने के लिए आसान इंडियन डाइट टिप्स

80 ग्राम प्रोटीन रोजाना पाने का आसान तरीका: हर रोज़ के इंडियन खाने से करें पूरा रोज़ाना 80 ग्राम प्रोटीन लेना महंगे सप्लीमेंट्स के बिना भी मुमकिन है।

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रोज़ाना 80 ग्राम प्रोटीन लेना महंगे सप्लीमेंट्स के बिना भी मुमकिन है। फिटनेस आंत्रप्रेन्योर सोनाली सारोगी सिंह ने हाल ही में अपने इंस्टाग्राम पोस्ट में बताया कि कैसे आम भारतीय खाने से ये लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। उन्होंने सलाह दी कि दिन की शुरुआत ओट्स, दूध, चिया सीड्स और नट्स के साथ करें। लंच में पनीर के साथ दाल या चना खाएं। स्नैक्स में प्रोटीन से भरपूर चीजें लें और डिनर में दाल, पनीर और चावल को शामिल करें।

हालांकि सोशल मीडिया पर रोज़ाना 80 ग्राम प्रोटीन लेने का ट्रेंड बढ़ रहा है, लेकिन हेल्थ एक्सपर्ट्स इसे सभी के लिए जरूरी मानने से इनकार करते हैं। डॉक्टर सुंदर कृष्णन ने बताया कि प्रोटीन की जरूरत हर व्यक्ति के लिए अलग होती है। ये शरीर के वजन, उम्र, एक्टिविटी लेवल, मसल्स मास और हेल्थ पर निर्भर करती है। जो लोग ज्यादा एक्टिव नहीं हैं, उन्हें कम प्रोटीन की जरूरत होती है। वहीं, जो लोग रेगुलर एक्सरसाइज करते हैं, बीमारी से उबर रहे हैं या उम्रदराज हैं, उन्हें मसल्स स्ट्रेंथ और हेल्थ बनाए रखने के लिए ज्यादा प्रोटीन चाहिए।

डॉक्टर कृष्णन ने कहा कि प्रोटीन की जरूरत को शरीर के वजन के हिसाब से तय करना ज्यादा सही है। आमतौर पर स्वस्थ वयस्कों के लिए ये 0.8 से 1.2 ग्राम प्रति किलो वजन के बीच होती है। एथलीट्स या जिनके फिटनेस गोल्स खास हैं, उन्हें ज्यादा प्रोटीन की जरूरत हो सकती है। 80 ग्राम प्रोटीन कुछ लोगों के लिए सही हो सकता है, लेकिन इसे सभी के लिए स्टैंडर्ड मानना ठीक नहीं है।

हाई-प्रोटीन डाइट को लेकर एक आम गलतफहमी है कि इसके लिए सप्लीमेंट्स या इम्पोर्टेड फूड्स की जरूरत होती है। डॉक्टर कृष्णन ने साफ किया कि एक अच्छी तरह से प्लान किया हुआ भारतीय खाना ही पर्याप्त प्रोटीन दे सकता है। दाल, चना, राजमा, पनीर, दही, दूध, सोया, मूंगफली, अंडे, चिकन और मछली जैसे फूड्स प्रोटीन के बेहतरीन सोर्स हैं। साथ ही, पारंपरिक फूड कॉम्बिनेशन जैसे चावल-दाल या रोटी-चना प्रोटीन की क्वालिटी को बढ़ाते हैं। प्रोटीन पाउडर उन लोगों के लिए फायदेमंद हो सकते हैं जिनका शेड्यूल बहुत बिज़ी है या जिनके फिटनेस गोल्स एडवांस हैं, लेकिन ये सभी के लिए जरूरी नहीं हैं।

डॉक्टर कृष्णन ने यह भी बताया कि खाने की प्लानिंग और पूरे दिन में प्रोटीन का सही वितरण बहुत जरूरी है। भारतीय खाने में अक्सर कार्बोहाइड्रेट ज्यादा और प्रोटीन कम होता है। खाने का बैलेंस सही करना और ब्रेकफास्ट, लंच, स्नैक्स और डिनर में प्रोटीन को बराबर बांटना जरूरी है। जैसे सुबह के खाने में अंडे, दही, पनीर, दूध, स्प्राउट्स या दाल वाली डिशेज़ शामिल करें। शरीर प्रोटीन को ज्यादा अच्छे से इस्तेमाल करता है जब इसे पूरे दिन में बराबर मात्रा में लिया जाए, न कि एक ही समय पर ज्यादा।

आखिर में, प्रोटीन को एक ऐसे न्यूट्रिएंट के तौर पर देखना चाहिए जिसकी शरीर को पूरे दिन जरूरत होती है, न कि सिर्फ एक बार में ज्यादा मात्रा में। सिंह की सलाह और एक्सपर्ट्स की बातें दिखाती हैं कि अगर खाने को सही तरीके से प्लान किया जाए, तो रोज़ाना के भारतीय खाने से प्रोटीन की जरूरत पूरी की जा सकती है।

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