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एबीवीपी ने देशभक्ति के लिए नए अभियानों का ऐलान किया

एबीवीपी की केंद्रीय कार्यकारिणी की बैठक खत्म, देशभर में अभियान चलाने का ऐलान अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने रविवार को अपनी दो-दिवसीय केंद्रीय कार्यकारिणी (सीडब्ल्यूसी) की बैठक खत्म की।

एबीवीपी ने देशभक्ति के लिए नए अभियानों का ऐलान किया
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एबीवीपी की केंद्रीय कार्यकारिणी की बैठक खत्म, देशभर में अभियान चलाने का ऐलान

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने रविवार को अपनी दो-दिवसीय केंद्रीय कार्यकारिणी (सीडब्ल्यूसी) की बैठक खत्म की। इस दौरान कई बड़े राष्ट्रीय अभियानों का ऐलान किया गया, जिनका मकसद देशभक्ति को बढ़ावा देना और ऐतिहासिक मौकों को याद करना है। इनमें सबसे अहम है ‘वंदे मातरम @150 ईयर्स: कैंपस टू कैंपस वंदे मातरम’ अभियान, जो देशभक्ति के इस मशहूर गीत के 150 साल पूरे होने पर शुरू किया जा रहा है।

वंदे मातरम की विरासत का जश्न
एबीवीपी के राष्ट्रीय महासचिव वीरेंद्र सिंह सोलंकी ने संसद में हाल ही में पास हुए ‘राष्ट्रीय सम्मान संरक्षण (संशोधन) विधेयक, 2026’ का स्वागत किया। उन्होंने इसे वंदे मातरम के भारत की सांस्कृतिक पहचान में महत्व को मान्यता देने वाला "ऐतिहासिक कदम" बताया। इस अभियान के तहत कैंपसों में तिरंगा रैलियां और वंदे मातरम का सामूहिक गान होगा, खासकर स्वतंत्रता दिवस के आसपास।

शिक्षा, आउटरीच और संगठनात्मक विकास पर जोर
बैठक में शिक्षा और संगठन के विकास से जुड़े बड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई। राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लागू करने, कैंपसों में एबीवीपी की मौजूदगी बढ़ाने, मेंबरशिप बढ़ाने और आने वाले छात्र संघ चुनावों की तैयारी पर फोकस किया गया। इसके अलावा महिलाओं और आदिवासी छात्रों के लिए खास पहलों पर भी जोर दिया गया, जो संगठन की समावेशिता की सोच को दिखाता है।

एक और देशभक्ति अभियान: ‘एक गांव, एक तिरंगा’
वंदे मातरम अभियान के साथ ही एबीवीपी ने ‘एक गांव, एक तिरंगा’ पहल का भी ऐलान किया। इसका मकसद गांव-गांव में तिरंगा फहराने के जरिए जमीनी स्तर पर देशभक्ति की भावना को मजबूत करना है। यह अभियान स्वतंत्रता दिवस के जश्न को और खास बनाएगा।

एबीवीपी के ये अभियान और चर्चाएं देशभक्ति, शिक्षा और संगठन के विकास पर उसके फोकस को दिखाती हैं। ये संगठन के व्यापक मकसद, यानी छात्रों को सशक्त बनाने और राष्ट्रीय सेवा के लिए प्रेरित करने के साथ मेल खाते हैं।

स्रोत: The Hindu

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एबीवीपी ने क्या नए अभियान शुरू किए हैं?

एबीवीपी ने दो मुख्य अभियान शुरू किए हैं - 'वंदे मातरम @150 ईयर्स: कैंपस टू कैंपस वंदे मातरम' और 'एक गांव, एक तिरंगा'। पहला अभियान देशभक्ति के गीत वंदे मातरम के 150 साल पूरे होने पर कैंपसों में तिरंगा रैलियां और सामूहिक गान करेगा। दूसरा अभियान गांवों में तिरंगा फहराने के जरिए जमीनी स्तर पर देशभक्ति की भावना को मजबूत करेगा।

एबीवीपी की केंद्रीय कार्यकारिणी की बैठक में क्या-क्या चर्चा हुई?

बैठक में शिक्षा, संगठन के विकास, कैंपसों में एबीवीपी की मौजूदगी बढ़ाने और आने वाले छात्र संघ चुनावों की तैयारी पर फोकस किया गया। इसके अलावा राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लागू करने, मेंबरशिप बढ़ाने और महिलाओं एवं आदिवासी छात्रों के लिए खास पहलों पर भी चर्चा हुई।

वंदे मातरम अभियान क्यों शुरू किया जा रहा है?

वंदे मातरम गीत के 150 साल पूरे होने पर यह अभियान शुरू किया जा रहा है। एबीवीपी के राष्ट्रीय महासचिव वीरेंद्र सिंह सोलंकी ने इसे भारत की सांस्कृतिक पहचान में वंदे मातरम के महत्व को मान्यता देने वाला कदम बताया।

'एक गांव, एक तिरंगा' पहल का क्या मकसद है?

इस पहल का मकसद गांव-गांव में तिरंगा फहराने के जरिए जमीनी स्तर पर देशभक्ति की भावना को मजबूत करना है। यह अभियान स्वतंत्रता दिवस के जश्न को और खास बनाएगा।

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