99% भारतीय एक्सपोर्ट्स को मिलेगा ड्यूटी-फ्री फायदा, अमित शाह का दावा
99% भारतीय एक्सपोर्ट को मिलेगा ड्यूटी-फ्री फायदा: अमित शाह भारत और यूके के बीच नया व्यापार समझौता लागू भारत के एक्सपोर्ट्स के लिए यूके का बाजार अब और ज्यादा प्रतिस्पर्धी हो गया है।
भारत और यूके के बीच नया व्यापार समझौता लागू
भारत के एक्सपोर्ट्स के लिए यूके का बाजार अब और ज्यादा प्रतिस्पर्धी हो गया है। भारत-यूके के बीच हुए Comprehensive Economic and Trade Agreement (CETA) आज, 15 जुलाई 2026 से लागू हो गया। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बताया कि इस समझौते के तहत भारत के 99% एक्सपोर्ट्स को यूके में ड्यूटी-फ्री मार्केट एक्सेस मिलेगा। यह टेक्सटाइल, लेदर, इंजीनियरिंग, फूड प्रोसेसिंग, फार्मा और MSMEs जैसे लेबर-इंटेंसिव सेक्टर्स के लिए बड़ा मौका है।
लेबर-इंटेंसिव इंडस्ट्रीज को मिलेगा बड़ा फायदा
अमित शाह ने कहा कि यह समझौता भारतीय बिजनेस के लिए नए मौके खोलेगा। ड्यूटी-फ्री एक्सेस से एक्सपोर्टर्स के खर्च कम होंगे और भारतीय प्रोडक्ट्स यूके मार्केट में ज्यादा प्रतिस्पर्धी बनेंगे। इसके अलावा, इस समझौते में भारतीय प्रोफेशनल्स के लिए यूके में काम करने की पाबंदियों को आसान बनाने का भी प्रावधान है, जिससे दोनों देशों के रिश्ते और मजबूत होंगे।
ट्रेड और इकोनॉमिक ग्रोथ होगी दोगुनी
पिछले साल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूके के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने इस समझौते पर साइन किया था। CETA से दोनों देशों के बीच सालाना ट्रेड, जो अभी करीब £48 बिलियन है, दोगुना होने की उम्मीद है। 2030 तक यह समझौता दोनों देशों की GDP में हर साल करीब £5 बिलियन का इजाफा करेगा।
'विकसित भारत' की ओर बड़ा कदम
अमित शाह ने इस समझौते को 'विकसित भारत' की दिशा में अहम बताया। उन्होंने कहा कि यह प्रधानमंत्री मोदी के विकसित भारत के विजन के साथ पूरी तरह मेल खाता है। शाह ने इसे सरकार की जनहितकारी डिप्लोमेसी का उदाहरण बताया, जो देश के उद्योगों और वर्कर्स को फायदा पहुंचाने के लिए बनाई गई है।
भारत-यूके का यह व्यापार समझौता दोनों देशों के आर्थिक रिश्तों को नई परिभाषा देगा। भारतीय एक्सपोर्टर्स के लिए यह अभूतपूर्व मौके लाएगा और प्रोफेशनल्स व इकोनॉमिक सहयोग को और गहरा करेगा।
स्रोत: The Hindu
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
भारत-यूके के बीच नया ट्रेड एग्रीमेंट क्या है?
भारत और यूके के बीच Comprehensive Economic and Trade Agreement (CETA) 15 जुलाई 2026 से लागू हो गया है। इस समझौते के तहत भारत के 99% एक्सपोर्ट्स को यूके में ड्यूटी-फ्री मार्केट एक्सेस मिलेगा।
किन सेक्टर्स को इस समझौते से सबसे ज्यादा फायदा मिलेगा?
टेक्सटाइल, लेदर, इंजीनियरिंग, फूड प्रोसेसिंग, फार्मा और MSMEs जैसे लेबर-इंटेंसिव सेक्टर्स को इस समझौते से सबसे ज्यादा फायदा मिलेगा।
ड्यूटी-फ्री एक्सेस से भारतीय एक्सपोर्टर्स को क्या फायदा होगा?
ड्यूटी-फ्री एक्सेस से एक्सपोर्टर्स के खर्च कम होंगे और भारतीय प्रोडक्ट्स यूके मार्केट में ज्यादा प्रतिस्पर्धी बनेंगे।
इस एग्रीमेंट से दोनों देशों के ट्रेड और GDP में कितना इजाफा होगा?
CETA से दोनों देशों के बीच सालाना ट्रेड दोगुना होने की उम्मीद है। 2030 तक यह समझौता दोनों देशों की GDP में हर साल करीब £5 बिलियन का इजाफा करेगा।
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