हरिद्वार में सवा 76 लाख श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान किया
सौमवती अमावस्या पर हरिद्वार में सवा 76 लाख श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान किया। उत्तराखंड समेत 12 राज्यों से आए भक्तों ने पूजा-अर्चना और दान-पुण्य किया। प्रशासन ने इसे कुम्भ-2027 की तैयारियों की बड़ी परीक्षा बताया। सुरक्षा के लिए 6 सुपर जोन, 16 जोन और 46 सेक्टर बनाए गए।
हरिद्वार में सौमवती अमावस्या के मौके पर सवा 76 लाख श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान किया। हर की पौड़ी और अन्य घाटों पर भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी। उत्तराखंड समेत 12 राज्यों से आए लोगों ने गंगा स्नान, पितृ तर्पण, पूजा-अर्चना और दान-पुण्य किया। श्रद्धालुओं का आना सुबह से देरात तक जारी रहा। प्रशासन और पुलिस ने इस आयोजन को कुंभ-2027 की तैयारियों की एक बड़ी परीक्षा बताया है।
सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के लिए मेला क्षेत्र को 6 सुपर जोन, 16 जोन और 46 सेक्टर में बांटा गया था। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया और हर गतिविधि पर नजर रखने के लिए सीसीटीवी कैमरों और कंट्रोल रूम का इस्तेमाल किया गया। ट्रैफिक और भीड़ नियंत्रण के लिए भी खास प्लान तैयार किया गया था।
मेला अधिकारी सोनिका ने कहा कि यह आयोजन सिर्फ धार्मिक नहीं, बल्कि कुंभ-2027 की व्यवस्थाओं का रियल टाइम टेस्ट भी है। हर की पौड़ी और अन्य घाटों पर भीड़ के दबाव और श्रद्धालुओं की आवाजाही पर लगातार नजर रखी गई। उन्होंने बताया कि इस आयोजन से मिले अनुभव और आंकड़ों का इस्तेमाल भविष्य में कुंभ की तैयारियों को और बेहतर बनाने के लिए किया जाएगा।
प्रशासन ने यह भी बताया कि आने वाले समय में टेक्नोलॉजी का और बेहतर इस्तेमाल किया जाएगा। इसमें रियल टाइम क्राउड एनालिटिक्स, एडवांसीसीटीवी नेटवर्क और इंटीग्रेटेड कमांड सिस्टम जैसी तकनीकों को शामिल किया जाएगा। इस आयोजन ने प्रशासन को भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए अहम सीख दी है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
हरिद्वार में सौमवती अमावस्या पर कितने श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान किया?
हरिद्वार में सौमवती अमावस्या के मौके पर सवा 76 लाख श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान किया। हर की पौड़ी और अन्य घाटों पर भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी।
यह आयोजन कुंभ-2027 से कैसे जुड़ा है?
प्रशासन और पुलिस ने इस आयोजन को कुंभ-2027 की तैयारियों की एक बड़ी परीक्षा बताया है। इस आयोजन से मिले अनुभव और आंकड़ों का इस्तेमाल भविष्य में कुंभ की तैयारियों को और बेहतर बनाने के लिए किया जाएगा।
भीड़ प्रबंधन के लिए मेला क्षेत्र को कैसे विभाजित किया गया था?
सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के लिए मेला क्षेत्र को 6 सुपर जोन, 16 जोन और 46 सेक्टर में बांटा गया था।
आने वाले समय में भीड़ प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए क्या किया जाएगा?
प्रशासन ने बताया कि आने वाले समय में रियल टाइम क्राउड एनालिटिक्स, एडवांसीसीटीवी नेटवर्क और इंटीग्रेटेड कमांड सिस्टम जैसी तकनीकों का इस्तेमाल किया जाएगा।
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