शी की कामयाब अमेरिकी यात्रा के बाद भी अमेरिका-चीन दूरी कायम
शी जिनपिंग की अमेरिकी यात्रा में गर्मजोशी दिखी, लेकिन ट्रंप की चीन नीति पर अमेरिकी राजनीति और मीडिया में मतभेद अब भी कायम हैं।
शिखर बैठक के बाद भी: अमेरिका-चीन रिश्ते अब भी कैसे पटरी से उतर सकते हैं
शिखर बैठक के बाद भी: अमेरिका-चीन रिश्ते अब भी कैसे पटरी से उतर सकते हैं
इस साल वॉशिंगटन में चीन के राष्ट्रीय दिवस के स्वागत समारोह में माहौल साफ तौर पर ज्यादा खुशगवार नजर आया। यह समारोह राष्ट्रपति शी जिनपिंग की अमेरिका की छोटी, लेकिन कामयाब राजकीय यात्रा के बाद हुआ था। हालांकि, इससे दोनों देशों के रिश्तों को लेकर बनी राजनीतिक दूरी खत्म नहीं हुई।
शी की यात्रा के बाद बदला गर्मजोशी भरा अंदाज
समारोह में मौजूद लोगों के मुताबिक, हाल के वर्षों में हुए ऐसे ही कार्यक्रमों के मुकाबले इस बार का माहौल साफ तौर पर ज्यादा सहज था।
चीनी राजदूत श्ये फेंग ने उत्साह भरा शुरुआती भाषण दिया। उन्होंने अपने ही ऊपर मज़ाक करते हुए पांडा राजदूतों का भी जिक्र किया।
यह हल्का और सहज माहौल शी की यात्रा की ऊंचे स्तर वाली सार्वजनिक तस्वीर को दिखाता था। इस यात्रा के दौरान उनके अमेरिकी समकक्ष राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उनका ऐसा स्वागत किया, जैसा पहले कभी नहीं हुआ था।
स्रोत के मुताबिक, यह स्वागत समारोह सबसे ज्यादा नुक्ताचीनी करने वाले मेहमान को भी खुश कर देता।
लेकिन दूतावास के अंदर के माहौल और बाहर के बड़े राजनीतिक माहौल के बीच अंतर साफ दिखाई दे रहा था।
दूतावास के बाहर माहौल को बिल्कुल अलग बताया गया।
डेमोक्रेट्स और मीडिया ने इस तस्वीर को खारिज किया
विपक्षी डेमोक्रेट्स ने ट्रंप के “कम्युनिस्ट” चीन के साथ बढ़ती नजदीकी की आलोचना की। उन्होंने इसे ट्रंप की उस गलत विदेश नीति का एक और उदाहरण बताया, जिसे वे भटका हुआ मानते हैं।
उन्होंने इस रवैये को अमेरिका के सहयोगियों के साथ विश्वासघात और राष्ट्रीय हितों को बेचने जैसा भी बताया।
इस आलोचना से साफ हुआ कि अमेरिका के भीतर इस यात्रा को लेकर समारोह ने कोई साझा राजनीतिक नजरिया नहीं बनाया।
इस बीच, मुख्यधारा का मीडिया व्हाइट हाउस में मीडिया की पहुंच पर रोक को लेकर ट्रंप के साथ पहले से ही टकराव में था।
मीडिया ने या तो इस यात्रा को कम महत्व दिया या फिर उस बात पर ध्यान केंद्रित किया, जिसे वह ठोस प्रगति की कमी मान रहा था।
यहां तक कि ट्रंप के सहयोगियों ने भी निजी तौर पर माना कि किसी बड़ी कामयाबी की उम्मीद करने के लिए “वक्त सही नहीं था।”
शिखर बैठक की यह तस्वीर लंबे समय तक क्यों नहीं टिक सकती
इसलिए, राजनयिक स्तर पर दिख रही गर्मजोशी के साथ-साथ टेक्नोलॉजी के निर्यात, निवेश और घरेलू राजनीति को लेकर तनाव अब भी बना हुआ है।
शी की राजकीय यात्रा के सकारात्मक संकेतों और असामान्य तौर पर ऊंचे स्तर के स्वागत के बावजूद, ये तनाव अमेरिका-चीन रिश्तों को फिर पटरी से उतारने का खतरा पैदा कर रहे हैं।
स्वागत समारोह का अंदाज भले ही ज्यादा भरोसेमंद लगा हो और यात्रा से सार्वजनिक तौर पर दोनों देशों के बीच रिश्तों की तस्वीर भले ही ज्यादा दोस्ताना दिखी हो, लेकिन डेमोक्रेट्स, मीडिया और यहां तक कि ट्रंप के सहयोगियों की प्रतिक्रिया इस बदलाव की सीमाएं दिखाती है।
फिलहाल, दूतावास के अंदर के माहौल और उसके बाहर की राजनीतिक प्रतिक्रिया के बीच बनी दूरी इस बात का सबसे साफ संकेत है कि दोनों देशों के रिश्ते अब भी कमजोर स्थिति में हैं।
स्रोत: South China Morning Post
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
शी जिनपिंग की अमेरिकी यात्रा के बाद स्वागत समारोह का माहौल कैसा था?
समारोह का माहौल पिछले वर्षों के मुकाबले ज्यादा सहज और खुशगवार था।
अमेरिका में डेमोक्रेट्स ने शी की यात्रा की आलोचना क्यों की?
डेमोक्रेट्स ने ट्रंप की चीन के साथ बढ़ती नजदीकी को गलत विदेश नीति और अमेरिकी सहयोगियों के साथ विश्वासघात बताया।
अमेरिका-चीन रिश्तों में अब भी कौन से तनाव बने हुए हैं?
टेक्नोलॉजी के निर्यात, निवेश और घरेलू राजनीति को लेकर तनाव अब भी बना हुआ है।
शी की यात्रा के बाद रिश्तों में आई गर्मजोशी लंबे समय तक क्यों नहीं टिक सकती?
क्योंकि अमेरिका के भीतर राजनीतिक और मीडिया प्रतिक्रिया सकारात्मक नहीं थी, जिससे दोनों देशों के रिश्तों की कमजोरी साफ दिखी।
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