श्रावस्ती के गाँव में अधूरी सड़क से बच्चों को स्कूल जाने में खतरा
श्रावस्ती के विकास खंड जमुनहा की ग्राम पंचायत जमुनहा भवानियापुर के मजरा विधायक पुरवा (द्वारिकागाँव बाग) में विकास कार्य अधूरा रह जाने से स्थानीय ग्रामीणों में गहरा आक्रोश है।
श्रावस्ती के विकास खंड जमुनहा की ग्राम पंचायत जमुनहा भवानियापुर के मजरा विधायक पुरवा (द्वारिकागाँव बाग) में विकास कार्य अधूरा रह जाने से स्थानीय ग्रामीणों में गहरा आक्रोश है। खास तौर पर प्राथमिक विद्यालय विधायक पुरवा में पढ़ने वाले बच्चों को रोज गड्ढायुक्त और खतरनाक मार्ग से स्कूल आना-जाना पड़ रहा है।
ग्रामीणों के अनुसार, वर्ष 2022-23 में जोगी के घर से पिच रोड तक नाली का निर्माण कराया गया था, लेकिन उसके बाद मार्ग पर इंटरलॉकिंग नहीं लगाई गई। नाली पटने से गंदा पानी सड़क पर भरने लगा, जिससे मार्ग उबड़-खाबड़ और गड्ढायुक्त हो गया है।
बरसात में जलभराव से आवागमन बाधित है। जलभराव से बचने के लिए मार्ग पर ईंटों के रोड़े डाले गए हैं, जिससे रास्ता और खतरनाक हो गया है। दोपहिया और पैदल चलना मुश्किल हो रहा है।
सबसे अधिक परेशानी प्राथमिक विद्यालय विधायक पुरवा में पढ़ने वाले बच्चों को हो रही है। इसी बदहाल मार्ग से रोज स्कूल आना-जाना पड़ता है। मार्ग समतल न होने से कई बार बच्चे कीचड़ में फिसलकर गिर जाते हैं। बच्चों को गिरने और कीचड़ लगने से दिक्कत होना शुरू हुआ है।
ग्रामीणों ने जोगी के घर से पिच रोड तक जल्द इंटरलॉकिंग की मांग की है। इस संबंध में ग्राम प्रधान प्रतिनिधि असरार आलम ने बताया कि 150 मीटर इंटरलॉकिंग कार्य को कार्ययोजना में शामिल किया गया है, जल्द ही मार्ग सुगम होगा।
इस इलाके का इतिहास बताते हुए ग्रामीणों ने कहा कि 1996 में राप्ती नदी में भीषण बाढ़ आने से कलकलवा, गंगापुर भागड़, बेलरी, कोदिया गांव, रामपुर आदि दर्जनों पुरवा राप्ती नदी में समा गए। जो भी गांव के विस्थापित ग्रामीण थे, उन्होंने अपना आशियाना उठाकर मार्गों के किनारे बस गए।
कलकलवा गांव का नामोनिशान मिट गया। मात्र प्राथमिक विद्यालय बचा और सभी विस्थापित लोग ककरदरी अब्दुलागंज मार्ग के किनारे बस गए। उस समय केंद्र में अटल बिहारी की सरकार थी। बहराइच की सांसद पदमसेन चौधरी के द्वारा कलकलवा मार्जिनल बांध का निर्माण हुआ जो अब्दुल्लागंज जंगल के मलौना पुरवा होते हुए कलकलवा तक 1998 में बना।
कलकलवा के अनेक ग्रामीणों ने जमुनहा भवानियापुर के मजरा द्वारिका गांव के बगल कई एकड़ में सिलिंग की जमीन पर अपना आशियाना बनाकर रहने लगे। इसका नाम द्वारिकागाँव बाग हो गया।
विधायक चर्दा शब्बीर अहमद बाल्मीकि ने 2007 में प्राथमिक विद्यालय का निर्माण करवाया। उसके बाद जिला पंचायत सदस्य राम प्रताप सिंह ने इसी में खड़ांजा लगाकर विकास होने लगा।
जमुनहा भवानियापुर में पानी टंकी का प्रस्ताव सिलिंग की जमीन पर हुआ। पानी टंकी बनते-बनते मार्ग गड्ढायुक्त एवं निष्प्रयोजन हो गया। 2022-23 में जोगी के घर से पिच मार्ग तक ब्लाक प्रमुख के द्वारा नाली का निर्माण हुआ जो अब तक पट जाने से नाली का गंदा पानी मार्ग में बहने लगा। ग्राम प्रधान ने ईंट के रोड़े डलवा दिए, लेकिन मार्ग समतल नहीं होने से बच्चों को गिरने और कीचड़ लगने से दिक्कत होना शुरू हुआ।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
श्रावस्ती के विधायक पुरवा गाँव में बच्चों को स्कूल जाने में क्या समस्या है?
प्राथमिक विद्यालय विधायक पुरवा जाने वाली सड़क अधूरी है। 2022-23 में नाली का निर्माण तो हुआ, लेकिन उस पर इंटरलॉकिंग नहीं लगाई गई। नाली पटने से गंदा पानी सड़क पर भर जाता है और बरसात में जलभराव होता है। सड़क गड्ढायुक्त और खतरनाक हो गई है, जिससे बच्चे कीचड़ में गिरते हैं।
यह गाँव पहले कहाँ था और यहाँ लोग कैसे बसे?
1996 में राप्ती नदी की भीषण बाढ़ में कलकलवा गाँव समा गया। विस्थापित लोग मार्ग के किनारे बस गए। कलकलवा के कई ग्रामीणों ने द्वारिकागाँव के बगल सिलिंग की जमीन पर अपना घर बनाया, जिस जगह का नाम द्वारिकागाँव बाग हो गया।
सड़क की समस्या हल करने के लिए क्या कदम लिए जा रहे हैं?
ग्राम प्रधान असरार आलम के अनुसार, 150 मीटर इंटरलॉकिंग कार्य को कार्ययोजना में शामिल किया गया है। जोगी के घर से पिच रोड तक जल्द ही इंटरलॉकिंग लगाई जाएगी और मार्ग सुगम हो जाएगा।
स्कूल यहाँ कब बना और क्यों बना?
प्राथमिक विद्यालय विधायक पुरवा का निर्माण 2007 में विधायक चर्दा शब्बीर अहमद बाल्मीकि के द्वारा करवाया गया। यह स्कूल उस समय विस्थापित बच्चों के लिए बनाया गया था जब कलकलवा गाँव बाढ़ में डूब गया था।
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