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Tamil Nadu Official source चेन्नई

सी. जोसेफ विजय ने ₹3,108 करोड़ की रिंग मेन पाइपलाइन शुरू की

सी. जोसेफ विजय ने चेन्नई में ₹3,108.55 करोड़ की रिंग मेन पाइपलाइन की आधारशिला रखी। इससे पानी के स्रोत जुड़ेंगे और सप्लाई बेहतर होगी।

सी. जोसेफ विजय ने ₹3,108 करोड़ की रिंग मेन पाइपलाइन शुरू की
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समान और लगातार पीने के पानी की सप्लाई के लिए विजय ने ₹3,108 करोड़ की रिंग मेन पाइपलाइन परियोजना शुरू की

मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने ₹3,108.55 करोड़ की रिंग मेन पाइपलाइन प्रणाली की आधारशिला रखी। इस प्रणाली का मकसद चेन्नई के पानी के स्रोतों को आपस में जोड़ना और ग्रेटर चेन्नई कॉरपोरेशन यानी जीसी इलाके में लोगों को समान और बिना रुकावट पीने के पानी की सप्लाई सुनिश्चित करना है।

यह परियोजना चेन्नई मेट्रोपॉलिटन वॉटर सप्लाई एंड सीवरेज बोर्ड यानी सीएमडब्ल्यूएसबी लागू कर रहा है। श्री विजय ने शोलिंगनल्लूर में चेन्नई मेट्रोवॉटर के पंपिंग स्टेशन पर बंद सर्कुलर लूप वाली इस परियोजना की शुरुआत की।

चेन्नई के पानी के स्रोत आपस में जुड़ेंगे

एक आधिकारिक रिलीज के मुताबिक, चेन्नई के बड़े पानी के स्रोतों में पुज़ल, चोलावरम, वीरानम, चेम्बरमबक्कम, थेरवॉय कंडिगई-कन्ननकोट्टई और पूंडी जलाशय शामिल हैं। इसके अलावा कृष्णा नदी भी चेन्नई के पानी का एक स्रोत है।

इन स्रोतों से मिलने वाले पानी को पुज़ल, सुरापेट, किलपॉक, चेम्बरमबक्कम और वीरानम में बने प्लांट में साफ किया जाता है। शहर की पानी सप्लाई व्यवस्था में मिंजूर का एक डिसेलिनेशन प्लांट और नेम्मेली के दो डिसेलिनेशन प्लांट भी शामिल हैं।

सीएमडब्ल्यूएसबी इस समय 143 डिस्ट्रीब्यूशन स्टेशनों के जरिए हर दिन 1,260 मिलियन लीटर यानी एमएलडी उपचारित और सुरक्षित पीने का पानी सप्लाई करता है। यह सप्लाई जीसी इलाके में रहने वाले करीब 91 लाख लोगों की जरूरत पूरी करती है।

फिलहाल, पानी सप्लाई का मौजूदा ढांचा इस तरह बनाया गया है कि अलग-अलग ट्रीटमेंट प्लांट से पानी प्राइमरी पाइपलाइनों के जरिए शहर के तय हिस्सों तक पहुंचाया जा सके। लेकिन अगर पानी के किसी स्रोत या ट्रीटमेंट सुविधा में रुकावट आती है, तो उस स्थिति में पानी की सप्लाई करने के लिए पर्याप्त वैकल्पिक व्यवस्था मौजूद नहीं है।

रिंग मेन परियोजना का मकसद शहर की सभी नौ ट्रीटमेंट सुविधाओं को आपस में जोड़कर इस कमी को दूर करना है। इन नौ सुविधाओं में पांच वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट, तीन डिसेलिनेशन प्लांट और पेरूर में बनाया जा रहा 400 एमएलडी का डिसेलिनेशन प्लांट शामिल है।

पाइपलाइन और निगरानी की व्यवस्था

यह परियोजना एशियन डेवलपमेंट बैंक की वित्तीय मदद से लागू की जा रही है। इसके तहत आपस में जुड़ी 91.2 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन, 64.2 किलोमीटर लंबी वॉटर ट्रांसमिशन पाइपलाइन और 2.65 किलोमीटर लंबी पंपिंग मेन बिछाई जाएगी।

तय की गई इस प्रणाली में ट्रीटमेंट प्लांट और डिस्ट्रीब्यूशन स्टेशनों पर पानी का दबाव, पानी के बहाव और पानी की गुणवत्ता मापने वाले उपकरण भी लगाए जाएंगे। परियोजना के हिस्से के तौर पर सुपरवाइजरी कंट्रोल एंड डेटा एक्विजिशन यानी एससीएडीए सिस्टम भी लगाए जाएंगे।

इन सिस्टम की मदद से चेन्नई मेट्रोवॉटर मुख्यालय के कंट्रोल रूम से लगातार निगरानी की जा सकेगी। ट्रीटमेंट सुविधाओं और डिस्ट्रीब्यूशन स्टेशनों में हालात पर नजर रखने के लिए निगरानी की यह व्यवस्था परियोजना के तहत तैयार किए जाने वाले बुनियादी ढांचे का हिस्सा है।

परियोजना की शुरुआत के मौके पर मंत्री एन. आनंद, आधव अर्जुन, पी. वेंकटरामन, राजमोहन, एन. मैरी विल्सन और आर. कुमार मौजूद थे। नगर प्रशासन और जल आपूर्ति विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव गगनदीप सिंह बेदी, वरिष्ठ अधिकारी और विधायक भी कार्यक्रम में शामिल हुए।

बाढ़ से बचाव के कामों का निरीक्षण

बाद में श्री विजय ने करपक्कम के ओकियम मडुवु में बाढ़ से बचाव के लिए चल रहे कामों का निरीक्षण किया। एक आधिकारिक रिलीज के मुताबिक, उन्होंने अधिकारियों को चल रहे कामों में तेजी लाने का निर्देश दिया।

स्रोत: The Hindu

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रिंग मेन पाइपलाइन परियोजना की लागत कितनी है?

इस परियोजना की लागत ₹3,108.55 करोड़ है।

रिंग मेन पाइपलाइन परियोजना का मकसद क्या है?

इसका मकसद चेन्नई के पानी के स्रोतों को जोड़कर ग्रेटर चेन्नई कॉरपोरेशन इलाके में समान और बिना रुकावट पीने के पानी की सप्लाई सुनिश्चित करना है।

यह परियोजना कौन लागू कर रहा है?

यह परियोजना चेन्नई मेट्रोपॉलिटन वॉटर सप्लाई एंड सीवरेज बोर्ड यानी सीएमडब्ल्यूएसबी लागू कर रहा है।

परियोजना के तहत कितनी पाइपलाइन बिछाई जाएगी?

इसके तहत 91.2 किलोमीटर लंबी आपस में जुड़ी पाइपलाइन, 64.2 किलोमीटर लंबी वॉटर ट्रांसमिशन पाइपलाइन और 2.65 किलोमीटर लंबी पंपिंग मेन बिछाई जाएगी।

चेन्नई में फिलहाल कितना पानी सप्लाई किया जा रहा है?

सीएमडब्ल्यूएसबी 143 डिस्ट्रीब्यूशन स्टेशनों के जरिए हर दिन 1,260 मिलियन लीटर उपचारित और सुरक्षित पीने का पानी सप्लाई करता है।

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