मुरैना के प्रसूता वार्ड में पुरुषों के सोने का वीडियो, सुरक्षा पर सवाल
मुरैना के कैलारस सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, यानी कैलारस CHC, के प्रसूता वार्ड से जुड़ा एक वीडियो सामने आया है, जिसने अस्पताल की सुरक्षा, निगरानी और व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मुरैना के कैलारस सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, यानी कैलारस CHC, के प्रसूता वार्ड से जुड़ा एक वीडियो सामने आया है, जिसने अस्पताल की सुरक्षा, निगरानी और व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वीडियो में रात के समय प्रसूता महिलाओं के लिए आरक्षित वार्ड में पुरुष सोते दिखाई दे रहे हैं। दावा है कि ये पुरुष महिलाओं के लिए रखे गए बेड और पलंगों के आसपास चादर बिछाकर सो रहे थे।
कैलारस CHC के प्रसूता वार्ड को लेकर सामने आया यह मामला इसलिए भी संवेदनशील है, क्योंकि यह वार्ड प्रसूता महिलाओं के लिए आरक्षित होता है। इसी जगह दिन के समय प्रसूताओं का उपचार और प्रसव कराया जाता है। ऐसे वार्ड में रात के समय पुरुषों की मौजूदगी ने महिला मरीजों की निजता और सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। अस्पताल प्रबंधन की निगरानी व्यवस्था भी अब सवालों के घेरे में आ गई है।
सामने आए वीडियो में वार्ड के अंदर एक से अधिक पुरुष नजर आ रहे हैं। आरोप है कि रात के समय प्रसूता महिलाओं के लिए आरक्षित बेड पर ही बाहरी पुरुष चादर बिछाकर सो जाते हैं। वीडियो में पुरुष वार्ड के भीतर दिखाई दे रहे हैं और प्रसूताओं के लिए रखे गए पलंगों के आसपास चादर बिछाकर सोते नजर आ रहे हैं। इसी वजह से स्थानीय स्तर पर इस मामले को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि अगर ये लोग मरीजों के अधिकृत अटेंडेंट थे, तो प्रसूता वार्ड के भीतर रात में उनके रुकने की अनुमति किस व्यवस्था के तहत दी गई। और अगर ये लोग बाहरी थे, तो उन्हें अस्पताल के इस संवेदनशील वार्ड में प्रवेश कैसे मिला। प्रसूता वार्ड में पुरुषों की रातभर मौजूदगी ने इस बात पर भी सवाल खड़ा किया है कि रात में वार्ड की निगरानी कैसे की जा रही थी।
प्रसूता और लेबर से जुड़े कक्ष अस्पताल के संवेदनशील हिस्से माने जाते हैं। ऐसे क्षेत्रों में अनधिकृत लोगों की आवाजाही पर निगरानी जरूरी होती है। इसके बावजूद अगर पुरुष वार्ड में रातभर सोते दिखाई दे रहे हैं, तो ड्यूटी स्टाफ और सुरक्षा व्यवस्था की भूमिका पर भी सवाल उठना स्वाभाविक है। यह मामला सिर्फ वार्ड में सोने का नहीं, बल्कि अस्पताल की रात की व्यवस्था और जिम्मेदारी से भी जुड़ा है।
मरीजों और उनके परिजनों का कहना है कि अस्पताल में रात के समय वार्ड की निगरानी और प्रवेश व्यवस्था को लेकर जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। उनका सवाल है कि अगर प्रसूता वार्ड महिलाओं के लिए आरक्षित है, तो वहां रात में पुरुषों का रुकना कैसे संभव हुआ। अगर किसी मरीज के साथ अटेंडेंट को रुकने की अनुमति थी, तो उसकी सीमा और व्यवस्था क्या थी, यह भी साफ होना चाहिए।
वीडियो सामने आने के बाद यह सवाल भी उठ रहा है कि अस्पताल प्रबंधन को इस स्थिति की जानकारी थी या नहीं। अगर अस्पताल प्रबंधन को जानकारी थी, तो इसे रोकने के लिए कार्रवाई क्यों नहीं की गई। और अगर जानकारी नहीं थी, तो फिर रात की निगरानी व्यवस्था कितनी प्रभावी है, इसका जवाब भी अस्पताल प्रबंधन को देना होगा। संवेदनशील वार्ड में इस तरह की स्थिति सामने आने के बाद जिम्मेदारी तय करने की मांग उठ रही है।
मामले में जब संवाददाता ने कैलारस बीएमओ डॉ. मनीष शर्मा से अस्पताल के प्रसूता वार्ड में पुरुषों के सोने और वायरल वीडियो को लेकर जानकारी चाही, तो उन्होंने व्यवस्था से जुड़े सवालों पर स्पष्ट जवाब देने के बजाय वीडियो के सूत्रधार का पता बताने की बात कही। बीएमओ के इस रुख के बाद मामला और चर्चा में आ गया है। सवाल यह है कि वीडियो किसने बनाया, यह जानना जरूरी हो सकता है, लेकिन उससे पहले यह साफ होना चाहिए कि वार्ड के अंदर पुरुष पहुंचे कैसे और वहां सोने की अनुमति किसने दी।
अब यह भी पूछा जा रहा है कि वीडियो बनाने वाले का पता लगाने से पहले वार्ड में पुरुषों के पहुंचने और वहां सोने की अनुमति किसने दी, इसकी जांच कब होगी। अस्पताल में संवेदनशील वार्ड की व्यवस्था से जुड़े सवालों पर अगर स्पष्ट जवाब नहीं मिलता, तो लोगों की चिंता और बढ़ती है। खासकर तब, जब मामला प्रसूता महिलाओं की निजता और सुरक्षा से जुड़ा हो।
इस पूरे मामले में कई सवालों के जवाब जरूरी हैं। प्रसूता महिलाओं के लिए आरक्षित वार्ड में पुरुष कैसे पहुंचे? क्या उन्हें वार्ड में रातभर रुकने की अनुमति थी? अगर अनुमति नहीं थी, तो उन्हें रोका क्यों नहीं गया? रात की ड्यूटी पर तैनात स्टाफ और सुरक्षा कर्मियों की जिम्मेदारी क्या थी? अस्पताल प्रबंधन को इस स्थिति की जानकारी थी या नहीं? वीडियो सामने आने के बाद जिम्मेदार कर्मचारियों पर क्या कार्रवाई होगी?
इन सवालों का जवाब इसलिए भी जरूरी है, क्योंकि वीडियो ने अस्पताल की अंदरूनी व्यवस्था को लेकर संदेह पैदा कर दिया है। अगर वार्ड में प्रवेश को लेकर कोई नियम हैं, तो उनका पालन कैसे हुआ, यह साफ होना चाहिए। अगर नियमों का पालन नहीं हुआ, तो जिम्मेदार कौन है, यह भी तय किया जाना चाहिए। प्रसूता वार्ड जैसा हिस्सा सामान्य वार्ड नहीं माना जा सकता, क्योंकि यहां महिलाओं की निजता और सुरक्षा सीधे तौर पर जुड़ी रहती है।
मामले में अस्पताल प्रबंधन का पक्ष जानने के लिए संवाददाता ने CMHO डॉ. पद्मेश उपाध्याय से फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। उनका पक्ष सामने आने पर खबर में शामिल किया जाएगा। फिलहाल CMHO की ओर से इस मामले पर कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
कैलारस CHC के प्रसूता वार्ड में रात के समय पुरुषों के सोने का वीडियो सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से जांच की मांग उठ रही है। साथ ही अस्पताल की रात की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की मांग भी की जा रही है। लोगों का कहना है कि प्रसूता वार्ड जैसे संवेदनशील क्षेत्र में ऐसी स्थिति कैसे बनी, यह पता लगाया जाना चाहिए।
अब नजर इस बात पर है कि विभाग वीडियो में दिखाई दे रही स्थिति की जांच कर जिम्मेदारी तय करता है या मामला महज वीडियो तक सीमित रह जाता है। अस्पताल प्रबंधन, ड्यूटी स्टाफ और सुरक्षा व्यवस्था की भूमिका को लेकर उठे सवालों के जवाब मिलने तक यह मामला चर्चा में बना रहेगा।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
मुरैना के कैलारस CHC के प्रसूता वार्ड में क्या मामला सामने आया है?
एक वीडियो सामने आया है, जिसमें रात के समय प्रसूता महिलाओं के लिए आरक्षित वार्ड में पुरुष सोते दिखाई दे रहे हैं। दावा है कि वे बेड और पलंगों के आसपास चादर बिछाकर सो रहे थे।
इस वीडियो को लेकर सुरक्षा पर सवाल क्यों उठ रहे हैं?
प्रसूता वार्ड महिलाओं के लिए आरक्षित और संवेदनशील जगह माना जाता है। वहां रात में पुरुषों की मौजूदगी से महिला मरीजों की निजता, सुरक्षा और अस्पताल की निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठे हैं।
लोग अस्पताल प्रबंधन से क्या जवाब मांग रहे हैं?
लोग पूछ रहे हैं कि अगर ये पुरुष अटेंडेंट थे तो उन्हें रात में वार्ड में रुकने की अनुमति किस नियम के तहत मिली, और अगर वे बाहरी थे तो उन्हें अंदर प्रवेश कैसे मिला।
कैलारस BMO डॉ. मनीष शर्मा ने क्या कहा?
जब उनसे वायरल वीडियो और वार्ड में पुरुषों के सोने को लेकर सवाल पूछे गए, तो उन्होंने व्यवस्था पर साफ जवाब देने के बजाय वीडियो बनाने वाले का पता बताने की बात कही।
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