मुरैना अस्पताल के मैटरनिटी वार्ड में पलंग को लेकर दो महिलाएं भिड़ीं
मुरैना के जिला अस्पताल के मैटरनिटी वार्ड में बुधवार रात पलंग पर बैठने को लेकर दो महिलाओं के बीच शुरू हुआ विवाद मारपीट में बदल गया।
मुरैना के जिला अस्पताल के मैटरनिटी वार्ड में बुधवार रात पलंग पर बैठने को लेकर दो महिलाओं के बीच शुरू हुआ विवाद मारपीट में बदल गया। दोनों महिलाएं एक-दूसरे के बाल पकड़कर खींचती रहीं और लात-घूंसे बरसाती रहीं। बताया जा रहा है कि यह हंगामा करीब आधे घंटे तक चलता रहा। वार्ड में मौजूद मरीज और उनके परिजन इस घटना को देखकर सहम गए।
घटना का वीडियो गुरुवार रात सामने आया। वीडियो सामने आने के बाद जिला अस्पताल के मैटरनिटी वार्ड की सुरक्षा व्यवस्था और वहां तैनात स्टाफ की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। सवाल यह भी है कि गर्भवती महिलाओं और प्रसूताओं की मौजूदगी वाले संवेदनशील वार्ड में दो महिलाओं के बीच इतनी देर तक विवाद और मारपीट कैसे चलती रही।
जानकारी के अनुसार, बुधवार रात मैटरनिटी वार्ड में पलंग पर बैठने को लेकर दो महिलाओं के बीच कहासुनी शुरू हुई थी। शुरुआत में यह विवाद मामूली नजर आया, लेकिन कुछ ही देर में दोनों के बीच बहस बढ़ गई। इसके बाद दोनों महिलाओं ने एक-दूसरे पर हमला कर दिया।
मारपीट के दौरान दोनों महिलाएं एक-दूसरे के बाल पकड़कर खींचती नजर आईं। दोनों के बीच लगातार हाथापाई हुई और लात-घूंसे भी चले। वार्ड में ही यह पूरा हंगामा चलता रहा। अस्पताल में इलाज कराने आए मरीजों और उनके परिजनों के सामने काफी देर तक दोनों महिलाएं एक-दूसरे से भिड़ती रहीं।
इस घटना के कारण मैटरनिटी वार्ड में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। जिस वार्ड में गर्भवती महिलाओं और प्रसूताओं को देखभाल और सुरक्षित माहौल मिलना चाहिए, वहीं मारपीट का नजारा सामने आया। वार्ड में भर्ती मरीजों और उनके परिजनों के लिए यह स्थिति डराने वाली रही।
बताया जा रहा है कि दोनों महिलाओं के बीच विवाद और मारपीट करीब आधे घंटे तक चलती रही। इस दौरान अस्पताल के नर्सिंग स्टाफ या अन्य कर्मचारियों की ओर से उन्हें रोकने के लिए तत्काल हस्तक्षेप किए जाने की जानकारी सामने नहीं आई है। आखिरकार दोनों महिलाएं खुद ही झगड़ते-झगड़ते अलग हो गईं।
घटना का वीडियो सामने आने के बाद अस्पताल के कर्मचारियों और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। अस्पताल प्रशासन के सामने यह सवाल है कि जब मैटरनिटी वार्ड में काफी देर तक हंगामा और मारपीट हो रही थी, तब वहां मौजूद स्टाफ ने बीच-बचाव क्यों नहीं किया। यह भी सवाल उठ रहा है कि सुरक्षा व्यवस्था तत्काल सक्रिय क्यों नहीं हुई।
मामले में सिविल सर्जन डॉ. गजेंद्र तोमर ने कहा कि दोनों महिलाओं के बीच व्यक्तिगत बात को लेकर विवाद हुआ था। उनका कहना है कि इस मामले में अस्पताल प्रशासन की कोई भूमिका नहीं है। सिविल सर्जन ने बताया कि सुरक्षा गार्ड को हिदायत दी गई है कि ऐसी घटना होने पर तत्काल पुलिस को सूचना दें और जरूरी कार्रवाई करवाएं।
जिला अस्पताल के मैटरनिटी वार्ड में हुई इस घटना ने अस्पतालों में सुरक्षा व्यवस्था और कर्मचारियों की जवाबदेही पर सवाल खड़े कर दिए हैं। गर्भवती महिलाओं और प्रसूताओं की मौजूदगी वाले वार्ड में यदि दो महिलाओं के बीच लंबे समय तक मारपीट होती रही, तो समय रहते हस्तक्षेप क्यों नहीं किया गया, यह सवाल अब भी बना हुआ है।
अब देखना होगा कि अस्पताल प्रबंधन सामने आए वीडियो की जांच करता है या नहीं। साथ ही, घटना के दौरान ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों की भूमिका की पड़ताल की जाती है या मामला केवल सुरक्षा गार्डों को हिदायत देने तक सीमित रह जाता है। फिलहाल, वीडियो सामने आने के बाद जिला अस्पताल के मैटरनिटी वार्ड की निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था पर चर्चा शुरू हो गई है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
मुरैना जिला अस्पताल के मैटरनिटी वार्ड में विवाद क्यों हुआ?
दो महिलाओं के बीच पलंग पर बैठने को लेकर कहासुनी हुई थी, जो बाद में मारपीट में बदल गई।
दोनों महिलाओं के बीच मारपीट कितनी देर चली?
बताया जा रहा है कि दोनों के बीच विवाद और मारपीट करीब आधे घंटे तक चली।
मारपीट के दौरान क्या हुआ?
दोनों महिलाएं एक-दूसरे के बाल खींचती रहीं और लात-घूंसे भी चलाए।
घटना का वीडियो कब सामने आया?
घटना का वीडियो गुरुवार रात सामने आया।
सिविल सर्जन ने मामले पर क्या कहा?
सिविल सर्जन डॉ. गजेंद्र तोमर ने कहा कि विवाद व्यक्तिगत बात को लेकर हुआ था और अस्पताल प्रशासन की इसमें कोई भूमिका नहीं है।
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