केन्या की मरिमा हिल बनी अमेरिका-चीन मिनरल्स टक्कर का नया मोर्चा
केन्या की पवित्र मरिमा हिल रेयर अर्थ्स और नायोबियम भंडार के कारण अमेरिका-चीन की क्रिटिकल मिनरल्स टक्कर का नया केंद्र बनी।
हिंद महासागर के तट के पास मौजूद केन्या का पवित्र जंगल, मरिमा हिल, अब मिनरल्स को लेकर विवाद का एक बड़ा केंद्र बन गया है, क्योंकि अमेरिका के नेतृत्व वाले और चीनी बोली लगाने वाले पक्ष इसके रेयर अर्थ्स और नायोबियम भंडार को डेवलप करने के अधिकार पाने की कोशिश कर रहे हैं।
मरिमा हिल पर क्या दांव पर है
यह साइट मोम्बासा से करीब 65km (40 miles) दक्षिण-पश्चिम में है, और इसी वजह से यह केन्या के हिंद महासागर तट के करीब पड़ती है।
इसे पवित्र बताया जाता है और यह रेयर अर्थ्स और नायोबियम से भरपूर है। इस तरह एक लोकल जंगल, क्रिटिकल मिनरल्स को लेकर चल रही एक बड़ी होड़ से जुड़ गया है।
नायोबियम का इस्तेमाल स्टील को ज्यादा मजबूत और हल्का बनाने में होता है। इसी वजह से यह भंडार केन्या की सीमाओं से बाहर भी अहम माना जा रहा है।
रेयर अर्थ्स भी इस टक्कर के केंद्र में हैं, क्योंकि वॉशिंगटन दुनिया भर में रेयर अर्थ रिफाइनिंग पर बीजिंग के दबदबे को चुनौती देने की कोशिश कर रहा है।
अमेरिका और चीन इसमें क्यों शामिल हैं
अमेरिका के नेतृत्व वाले और चीनी बोली लगाने वाले पक्ष इस साइट को डेवलप करने के अधिकारों के लिए मुकाबला कर रहे हैं।
अमेरिकी अधिकारियों ने केन्या को देश के भीतर क्रिटिकल मिनरल्स प्रोसेसिंग इंडस्ट्री विकसित करने में समर्थन देने की पेशकश की है।
यह पेशकश वॉशिंगटन की उस कोशिश से जुड़ी है, जिसके तहत वह दुनिया भर की रेयर अर्थ रिफाइनिंग में चीन की बढ़त को कम करना चाहता है।
इसलिए मरिमा हिल के आसपास की यह होड़, एक तरफ इस साइट पर मौजूद मिनरल्स की कीमत को दिखाती है और दूसरी तरफ क्रिटिकल मिनरल सप्लाई चेन को लेकर चल रही व्यापक अमेरिका-चीन टक्कर को भी सामने लाती है।
मिनरल्स की इस दौड़ में केन्या की भूमिका
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान केन्या के राष्ट्रपति विलियम रूटो से मुलाकात की।
उन्होंने इस पर चर्चा की कि केन्या के क्रिटिकल मिनरल्स संसाधन कैसे “देश को इस सेक्टर में एक अहम खिलाड़ी के तौर पर स्थापित कर सकते हैं, साथ ही अमेरिकी कंपनियों को वैल्यू एडिशन देने के मौके दे सकते हैं”।
केन्या के लिए यह चर्चा सिर्फ मिनरल्स निकालने तक सीमित नहीं थी, बल्कि देश के भीतर संभावित प्रोसेसिंग और वैल्यू एडिशन पर भी केंद्रित थी।
स्रोत: South China Morning Post
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
मरिमा हिल चर्चा में क्यों है?
केन्या की मरिमा हिल रेयर अर्थ्स और नायोबियम से भरपूर है। इसी वजह से अमेरिका के नेतृत्व वाले और चीनी बोली लगाने वाले पक्ष इसे डेवलप करने के अधिकार पाने की होड़ में हैं।
मरिमा हिल कहां है?
मरिमा हिल केन्या में मोम्बासा से करीब 65 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में है, यानी यह हिंद महासागर तट के पास पड़ती है।
नायोबियम इतना अहम क्यों माना जा रहा है?
नायोबियम का इस्तेमाल स्टील को ज्यादा मजबूत और हल्का बनाने में होता है। इसलिए मरिमा हिल का भंडार केन्या से बाहर भी अहम माना जा रहा है।
अमेरिका इस मामले में क्यों दिलचस्पी ले रहा है?
अमेरिका केन्या में क्रिटिकल मिनरल्स प्रोसेसिंग इंडस्ट्री को बढ़ावा देने की बात कर रहा है। उसका मकसद रेयर अर्थ रिफाइनिंग में चीन की बढ़त को चुनौती देना भी है।
केन्या को इससे क्या फायदा हो सकता है?
केन्या सिर्फ मिनरल्स निकालने तक सीमित नहीं रहना चाहता। चर्चा देश के भीतर प्रोसेसिंग और वैल्यू एडिशन पर भी है, जिससे वह इस सेक्टर में अहम खिलाड़ी बन सकता है।
सबसे ज़्यादा पढ़ी गई
- 1
श्रावस्ती में सपा बैठक में हंगामा, नेता का माइक छीनने का आरोप
- 2
शामली में 50 से ज्यादा दुकानों के नाम कथित फर्जी बिल, लाखों भुगतान
- 3
शामली महिला का रिश्तेदारों पर 15 लाख के जेवर ले जाने का आरोप
- 4
गन्ने की फसल नुकसान और मारपीट के आरोप, डीएम से जांच की मांग
- 5
हाथरस में आयुष्मान संविदा कर्मियों ने सौंपा ज्ञापन, 22 अक्टूबर से कार्य बहिष्कार की …
टिप्पणियाँ
अभी कोई टिप्पणी नहीं। पहली टिप्पणी करें।