अमेठी के प्राइमरी स्कूल में सहायक शिक्षक को महिला रसोइयों से अश्लील टिप्पणी के आरोप में निलंबित किया गया
अमेठी के एक प्राइमरी स्कूल में तैनात सहायक शिक्षक को बेसिक शिक्षा विभाग ने महिला रसोइयों के साथ अश्लील टिप्पणी, शिक्षण में लापरवाही और कई अन्य गंभीर आरोपों के बाद निलंबित कर दिया है।
अमेठी के एक प्राइमरी स्कूल में तैनात सहायक शिक्षक को बेसिक शिक्षा विभाग ने महिला रसोइयों के साथ अश्लील टिप्पणी, शिक्षण में लापरवाही और कई अन्य गंभीर आरोपों के बाद निलंबित कर दिया है।
विकासखंड शाहगढ़ के प्राथमिक विद्यालय पंडरी में तैनात सहायक अध्यापक वैष्णवी नंदन शुक्ल के खिलाफ जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संजय तिवारी ने यह कार्रवाई शिकायतों की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के आधार पर की है। शिक्षक पर कुल सात गंभीर आरोप लगाए गए हैं, जिनमें महिला रसोइयों से अश्लील व आपत्तिजनक टिप्पणी करना, धमकी देना, शिक्षण कार्य में लापरवाही बरतना, छात्र-छात्राओं और कर्मचारियों से अभद्र व्यवहार करना, शिक्षकों को कथित रूप से ब्लैकमेल करना और विभागीय अभिलेखों के दुरुपयोग जैसे मामले शामिल हैं।
विद्यालय में कार्यरत महिला रसोइयों ने शपथपत्र देकर शिक्षक के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। उनका आरोप है कि शिक्षक उनके साथ अश्लील एवं आपत्तिजनक टिप्पणियां करते थे और जब वे विरोध करतीं तो उन्हें धमकी दी जाती थी। इसके अलावा विद्यालय के प्रधानाध्यापक, ग्रामीणों और उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ की अमेठी शाखा की ओर से भी शिक्षक के खिलाफ गंभीर कदाचार, अनैतिक व्यवहार, अनुशासनहीनता और शिक्षण कार्य में लापरवाही की शिकायतें दर्ज कराई गई थीं।
इन शिकायतों की प्रारंभिक जांच के लिए 11 सितंबर 2026 को खंड शिक्षा अधिकारी मुसाफिरखाना को जांच अधिकारी नामित किया गया था। जांच अधिकारी ने अपनी रिपोर्ट बीएसए को सौंपते हुए शिकायतों में लगाए गए आरोपों को प्रथम दृष्टया सही पाया है। रिपोर्ट के अनुसार शिक्षक का आचरण शिक्षक पद की गरिमा और शासकीय सेवक के आचरण के प्रतिकूल पाया गया है।
जांच में यह भी खुलासा हुआ कि शिक्षक विद्यालय समय में शिक्षण कार्य करने के बजाय शेयर बाजार में कारोबार करते थे और बिना अनुमति अनुपस्थित रहते थे। छात्र-छात्राओं और कर्मचारियों से अभद्र व्यवहार के साथ-साथ अन्य शिक्षकों को सतर्कता जांच और आय से अधिक संपत्ति का भय दिखाकर कथित रूप से ब्लैकमेल करने और रंगदारी मांगने के आरोप भी उनके खिलाफ लगाए गए हैं। विभागीय अभिलेखों के दुरुपयोग करके भ्रामक खबरें प्रकाशित कराने और सेवानिवृत्त शिक्षकों से वसूली करने के आरोप भी जांच में शामिल किए गए हैं।
प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के आधार पर बीएसए संजय तिवारी ने उत्तर प्रदेश सरकारी कर्मचारी आचरण नियमावली, 1956 और बेसिक शिक्षा परिषद कर्मचारी सेवा नियमावली, 1973 के तहत सहायक अध्यापक वैष्णवी नंदन शुक्ल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। साथ ही उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है। निलंबन अवधि के दौरान शिक्षक को विकासखंड संग्रामपुर के कंपोजिट विद्यालय चंडेरिया से संबद्ध किया गया है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
अमेठी के स्कूल में किस शिक्षक को निलंबित किया गया?
अमेठी के विकासखंड शाहगढ़ के प्राथमिक विद्यालय पंडरी में तैनात सहायक शिक्षक वैष्णवी नंदन शुक्ल को निलंबित किया गया है।
शिक्षक पर मुख्य आरोप क्या थे?
शिक्षक पर कुल सात गंभीर आरोप थे - महिला रसोइयों से अश्लील टिप्पणी, धमकी देना, पढ़ाई में लापरवाही, छात्रों से अभद्र व्यवहार, दूसरे शिक्षकों को ब्लैकमेल करना, और विभागीय रिकॉर्ड का गलत इस्तेमाल।
शिक्षा विभाग को किन-किन लोगों ने शिकायत दर्ज कराई?
विद्यालय की महिला रसोइयों, स्कूल के प्रधानाध्यापक, ग्रामीणों और उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ की अमेठी शाखा ने शिकायत दर्ज कराई।
जांच में और क्या बातें सामने आईं?
जांच में पता चला कि शिक्षक स्कूल के समय पढ़ाई की जगह शेयर बाजार का कारोबार करते थे, बिना अनुमति के अनुपस्थित रहते थे, और सतर्कता जांच का डर दिखाकर दूसरे शिक्षकों से रंगदारी वसूलते थे।
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