हाथरस में दो छात्राएं बनीं एक दिन की थानाध्यक्ष, सुनीं फरियादें
मिशन शक्ति फेज-6.0 के तहत हाथरस पुलिस ने बालिकाओं को नेतृत्व का मौका दिया। पुलिस ने कक्षा-8 में पढ़ने वाली दो छात्राओं को एक-एक दिन के लिए थानाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी।
मिशन शक्ति फेज-6.0 के तहत हाथरस पुलिस ने बालिकाओं को नेतृत्व का मौका दिया। पुलिस ने कक्षा-8 में पढ़ने वाली दो छात्राओं को एक-एक दिन के लिए थानाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी। थाना हसायन में वैष्णवी और थाना सहपऊ में गोपी ने यह जिम्मेदारी संभाली। दोनों छात्राओं ने थाने में जनसुनवाई की, फरियादियों की समस्याएं सुनीं और शिकायतों के निस्तारण के लिए संबंधित पुलिसकर्मियों को जरूरी निर्देश दिए।
यह कार्यक्रम महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान और सशक्तिकरण के उद्देश्य से चलाए जा रहे मिशन शक्ति अभियान के तहत किया गया। मंगलवार, 13 अक्टूबर को पुलिस अधीक्षक चिरंजीव नाथ सिन्हा के निर्देशन में थाना हसायन और थाना सहपऊ में यह पहल हुई। कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय की छात्राओं को पुलिस की कार्यप्रणाली को करीब से समझने का मौका मिला।
थाना हसायन क्षेत्र के रति का नगला स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय की कक्षा-8 की छात्रा वैष्णवी को एक दिन के लिए थानाध्यक्ष बनाया गया। थानाध्यक्ष की जिम्मेदारी संभालने के बाद वैष्णवी ने थाने पर पहुंचे फरियादियों की समस्याओं को ध्यान से सुना। उन्होंने शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए।
वैष्णवी ने जनसुनवाई के दौरान फरियादियों से उनकी समस्याओं के बारे में जानकारी ली। प्राप्त शिकायतों पर जरूरी कार्रवाई करने और उनका सही तरीके से निस्तारण सुनिश्चित करने के लिए संबंधित पुलिसकर्मियों को जिम्मेदारी दी गई। इस दौरान छात्रा ने थाने में होने वाली जनसुनवाई की प्रक्रिया को समझते हुए फरियादियों की बात सुनी।
इसी क्रम में कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, सहपऊ की कक्षा-8 की छात्रा गोपी ने थाना सहपऊ में एक दिन के लिए थानाध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाली। गोपी ने भी थाने पर आए फरियादियों की शिकायतें सुनीं। उन्होंने संबंधित प्रार्थना पत्रों पर आवश्यक कार्रवाई करने के लिए पुलिसकर्मियों को निर्देश दिए।
शिकायतों के समाधान के लिए जरूरत के अनुसार दोनों पक्षों को बुलाकर काउंसलिंग के जरिए समस्या सुलझाने का प्रयास भी किया गया। छात्राओं को बताया गया कि जनसुनवाई के दौरान शिकायत को समझना, संबंधित पक्षों की बात सुनना और उसके बाद जरूरी कार्रवाई के लिए निर्देश देना पुलिस की जिम्मेदारी का हिस्सा है।
कार्यक्रम के दौरान दोनों छात्राओं को थाने की कार्यप्रणाली के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि थाने में जनसुनवाई कैसे की जाती है और शिकायतों के निस्तारण की प्रक्रिया क्या होती है। पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की जिम्मेदारियों के बारे में भी उन्हें समझाया गया।
छात्राओं को कानून-व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी और महिला संबंधी अपराधों की रोकथाम के लिए पुलिस की ओर से किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी गई। महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा के लिए पुलिस की तरफ से किए जा रहे कामों से भी उन्हें अवगत कराया गया।
हाथरस पुलिस के अनुसार, इस पहल का मकसद छात्राओं को पुलिस की कार्यप्रणाली समझाने के साथ उनमें नेतृत्व क्षमता, फैसला लेने की योग्यता और आत्मविश्वास बढ़ाना है। पुलिस का कहना है कि छात्राओं को वास्तविक परिस्थितियों में पुलिस की जिम्मेदारियों को समझने का अवसर दिया गया, ताकि वे भविष्य में हर क्षेत्र में आगे बढ़कर अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर सकें।
कार्यक्रम के दौरान थाना परिसर में मौजूद छात्राओं और महिला अध्यापिकाओं का भी उत्साह बढ़ाया गया। उन्हें चॉकलेट और फ्रूटी देकर सम्मानित किया गया। पुलिस की इस पहल से छात्राओं में उत्साह देखने को मिला। उन्हें अपनी प्रतिभा पहचानने, आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने और नेतृत्व की जिम्मेदारियां निभाने के लिए प्रेरित किया गया।
मिशन शक्ति अभियान के तहत छात्राओं और महिलाओं को उनके अधिकारों, सुरक्षा उपायों और सहायता सेवाओं के बारे में भी जानकारी दी गई। उन्हें महिला पावर लाइन 1090, पुलिस आपातकालीन सेवा 112, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, महिला हेल्पलाइन 181 और साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 के बारे में बताया गया।
छात्राओं और महिलाओं को बताया गया कि किसी भी तरह की समस्या या उत्पीड़न की स्थिति में बिना किसी डर के पुलिस से संपर्क किया जा सकता है। इन हेल्पलाइन सेवाओं की जानकारी देने का उद्देश्य उन्हें उपलब्ध मदद और सुरक्षा उपायों के बारे में जागरूक करना है।
हाथरस पुलिस के अनुसार, मिशन शक्ति फेज-6.0 के तहत इस तरह के कार्यक्रमों का उद्देश्य बालिकाओं को उनके अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक करना है। इसके साथ ही उनमें आत्मनिर्भरता, नेतृत्व क्षमता और फैसला लेने का आत्मविश्वास विकसित करना भी इस पहल का हिस्सा है।
पुलिस ने कहा कि एक दिवसीय थानाध्यक्ष बनाकर छात्राओं को पुलिस की जिम्मेदारियों को समझने और जनसुनवाई की प्रक्रिया में भाग लेने का मौका दिया गया। इस दौरान छात्राओं ने शिकायतें सुनीं, जरूरी निर्देश दिए और पुलिस के कामकाज को करीब से जाना।
हाथरस पुलिस ने महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान और सशक्तिकरण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। पुलिस के अनुसार, मिशन शक्ति अभियान के तहत जागरूकता और सहभागिता से जुड़े कार्यक्रम लगातार आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि बालिकाएं अपने अधिकारों को समझें, आत्मनिर्भर बनें और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ सकें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
हाथरस में छात्राओं को एक दिन के लिए क्या जिम्मेदारी दी गई?
कक्षा-8 में पढ़ने वाली वैष्णवी और गोपी को एक-एक दिन के लिए थानाध्यक्ष बनाया गया।
वैष्णवी और गोपी ने किन थानों की जिम्मेदारी संभाली?
वैष्णवी ने थाना हसायन और गोपी ने थाना सहपऊ की जिम्मेदारी संभाली।
छात्राओं ने थानाध्यक्ष बनकर क्या काम किया?
उन्होंने जनसुनवाई की, फरियादियों की समस्याएं सुनीं और शिकायतों पर कार्रवाई के लिए पुलिसकर्मियों को निर्देश दिए।
यह पहल किस अभियान के तहत की गई?
यह पहल महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान और सशक्तिकरण के लिए चलाए जा रहे मिशन शक्ति फेज-6.0 के तहत की गई।
इस कार्यक्रम का मकसद क्या था?
इसका मकसद छात्राओं को पुलिस की कार्यप्रणाली समझाना और उनमें leadership, फैसला लेने की योग्यता व आत्मविश्वास बढ़ाना था।
सबसे ज़्यादा पढ़ी गई
- 1
श्रावस्ती में सपा बैठक में हंगामा, नेता का माइक छीनने का आरोप
- 2
शामली में 50 से ज्यादा दुकानों के नाम कथित फर्जी बिल, लाखों भुगतान
- 3
शामली महिला का रिश्तेदारों पर 15 लाख के जेवर ले जाने का आरोप
- 4
गन्ने की फसल नुकसान और मारपीट के आरोप, डीएम से जांच की मांग
- 5
हाथरस में आयुष्मान संविदा कर्मियों ने सौंपा ज्ञापन, 22 अक्टूबर से कार्य बहिष्कार की …
टिप्पणियाँ
अभी कोई टिप्पणी नहीं। पहली टिप्पणी करें।