थाईलैंड की प्रस्तावित ड्यूटी से चीन में ड्यूरियन महंगे, क्वालिटी बेहतर होने का अनुमान
थाईलैंड ड्यूरियन पर एक्सपोर्ट ड्यूटी लगाने की तैयारी में है। इससे चीन में कीमतें बढ़ सकती हैं और रिसर्च से फल की क्वालिटी सुधरने की उम्मीद है।
क्या थाईलैंड का ड्यूरियन एक्सपोर्ट ड्यूटी चीन में कीमतें बढ़ाने के साथ फल की क्वालिटी भी बेहतर कर सकता है?
थाईलैंड की सरकार ने ड्यूरियन पर एक्सपोर्ट ड्यूटी लगाने का प्रस्ताव रखा है। एनालिस्ट्स का कहना है कि इस कदम से चीन में ड्यूरियन की कीमतें बढ़ सकती हैं। साथ ही, फल की क्वालिटी में भी सुधार हो सकता है।
यह प्रस्ताव ड्यूरियन से जुड़ा है, जो थाईलैंड की कमाई वाली बड़ी फसलों में शामिल है। यह एक ड्राफ्ट बिल का हिस्सा है। इस बिल का मकसद इस सेक्टर में रिसर्च और “टिकाऊ” विकास के लिए एक फंड बनाना है।
प्रस्तावित लेवी का संबंध रिसर्च फंड से
थाईलैंड के सरकारी जनसंपर्क विभाग ने पिछले महीने कहा था कि ड्राफ्ट बिल में फीस वसूलने का प्रावधान शामिल होगा।
दक्षिण-पूर्व एशिया के मीडिया संस्थानों और कृषि से जुड़े प्रकाशनों ने अनुमान जताया है कि प्रस्तावित एक्सपोर्ट ड्यूटी 2 baht (5 US cents) प्रति किलोग्राम तक हो सकती है।
इन स्रोतों के मुताबिक, यह लेवी अकेले लगाए जाने वाले चार्ज के बजाय एक बड़ी फंडिंग योजना का हिस्सा है।
एनालिस्ट्स ने कहा कि इस अतिरिक्त लागत का बोझ चीन के सुपरमार्केट्स तक पहुंच सकता है। इससे चीन में खरीदारों के लिए ड्यूरियन और महंगा हो सकता है।
थाई ड्यूरियन कारोबार में चीन की अहमियत को देखते हुए, इस प्रस्ताव का असर थाईलैंड के प्रोड्यूसर्स और एक्सपोर्टर्स से आगे तक जा सकता है।
एचएसबीसी के एनालिस्ट्स ने 2023 में प्रकाशित एक रिपोर्ट में कहा था कि दुनिया में पैदा होने वाले ड्यूरियन का 90 per cent से ज्यादा हिस्सा चीन में खपता है।
क्वालिटी में सुधार भी इस दलील का हिस्सा
एनालिस्ट्स ने कहा कि प्रस्तावित ड्यूटी से चीन में ड्यूरियन की कीमतों के साथ-साथ फल की क्वालिटी भी बढ़ सकती है।
ड्राफ्ट बिल में रिसर्च और “टिकाऊ” विकास पर दिया गया फोकस, क्वालिटी में सुधार के इस दावे का नीतिगत आधार है।
मौजूद जानकारी में यह नहीं बताया गया है कि प्रस्तावित ड्यूटी कब से लागू होगी। यह भी साफ नहीं है कि आखिर में लेवी 2 baht प्रति किलोग्राम तय की जाएगी या नहीं।
स्रोत: South China Morning Post
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
थाईलैंड ड्यूरियन पर एक्सपोर्ट ड्यूटी क्यों लगाना चाहता है?
इसका मकसद ड्यूरियन सेक्टर में रिसर्च और टिकाऊ विकास के लिए फंड बनाना है।
प्रस्तावित ड्यूटी से चीन में ड्यूरियन की कीमतों पर क्या असर पड़ेगा?
एनालिस्ट्स का अनुमान है कि अतिरिक्त लागत का बोझ चीन के सुपरमार्केट्स और खरीदारों तक पहुंच सकता है, जिससे ड्यूरियन महंगा हो सकता है।
प्रस्तावित ड्यूटी से ड्यूरियन की क्वालिटी कैसे बेहतर हो सकती है?
ड्यूटी से मिलने वाले फंड का इस्तेमाल रिसर्च और टिकाऊ विकास में किया जा सकता है, जिससे फल की क्वालिटी में सुधार का अनुमान है।
प्रस्तावित एक्सपोर्ट ड्यूटी कितनी हो सकती है?
कृषि और मीडिया से जुड़े स्रोतों के मुताबिक, यह ड्यूटी 2 baht यानी करीब 5 US cents प्रति किलोग्राम तक हो सकती है।
क्या ड्यूटी लागू होने की तारीख तय है?
नहीं, अभी यह साफ नहीं है कि ड्यूटी कब से लागू होगी और आखिर में इसकी दर 2 baht प्रति किलोग्राम होगी या नहीं।
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