तेलंगाना के 320 मंडलों में गंभीर सूखे के हालात की शुरुआती पहचान
तेलंगाना के 18 जिलों के 320 मंडलों में गंभीर सूखे की शुरुआती पहचान हुई है। अधिकारियों से अक्टूबर तक विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई।
तेलंगाना के 320 मंडलों में शुरुआती तौर पर गंभीर सूखे के हालात की पहचान की गई है।
तेलंगाना के अधिकारियों ने 18 जिलों के 320 मंडलों में गंभीर सूखे के हालात की शुरुआती पहचान की है। इन हालात के लिए एल नीनो के असर को वजह बताया गया है।
मुख्य सचिव संजौ जाजू ने अधिकारियों को अक्टूबर के आखिर तक प्रभावित मंडलों को सूखा प्रभावित घोषित करने पर एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने का निर्देश दिया।
मंगलवार को हैदराबाद में हुई एक बैठक में जाजू ने कहा कि आकलन में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के दौरान जून से सितंबर के बीच हुई बारिश के अलावा दूसरे पहलुओं को भी शामिल किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने से पहले 12 अतिरिक्त संकेतकों की जांच करनी होगी।
जाजू ने अधिकारियों को भूजल, योजना, राजस्व, कृषि, पंचायत राज और ग्रामीण जल आपूर्ति विभागों से आंकड़े जुटाने का भी निर्देश दिया।
इस जानकारी का इस्तेमाल लागू नियमों के मुताबिक सूखे से प्रभावित मंडलों की पहचान करने के लिए किया जाना है।
यह आकलन ऐसे समय हो रहा है, जब राज्य मंत्रिमंडल ने एल नीनो के हालात से प्रभावित इलाकों के लिए तुरंत उठाए जाने वाले कदमों की पहचान करने के लिए एक उप-समिति बनाने का फैसला किया है।
मंत्रिमंडल ने यह भी फैसला किया कि राहत और हालात को कम करने के उपायों को अंतिम रूप देने से पहले किसान संगठन और विशेषज्ञों के साथ बातचीत की जाएगी।
इसलिए प्रस्तावित रिपोर्ट और विभागवार आंकड़े जुटाने की प्रक्रिया सूखे से प्रभावित मंडलों को तय करने की प्रक्रिया का हिस्सा होगी। साथ ही, इन हालात से निपटने के लिए उठाए जाने वाले कदमों पर भी इसी प्रक्रिया के तहत विचार किया जाएगा।
स्रोत: The Hindu
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
तेलंगाना में कितने मंडलों में गंभीर सूखे के हालात मिले हैं?
तेलंगाना के 18 जिलों के 320 मंडलों में शुरुआती तौर पर गंभीर सूखे के हालात मिले हैं।
तेलंगाना में सूखे के हालात की वजह क्या बताई गई है?
इन हालात की वजह एल नीनो के असर को बताया गया है।
प्रभावित मंडलों पर विस्तृत रिपोर्ट कब तक तैयार करनी है?
अधिकारियों को अक्टूबर के आखिर तक प्रभावित मंडलों को सूखा प्रभावित घोषित करने पर विस्तृत रिपोर्ट तैयार करनी है।
सूखे का आकलन करने के लिए किन आंकड़ों की जरूरत होगी?
बारिश के अलावा भूजल, योजना, राजस्व, कृषि, पंचायत राज और ग्रामीण जल आपूर्ति विभागों के आंकड़े जुटाए जाएंगे।
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