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कानपुर नगर निगम में 100 करोड़ का टेंडर घोटाला, अफसरों पर कसी कार्रवाई

कानपुर नगर निगम में 100 करोड़ रुपये के टेंडर घोटाले की जांच तेज हो गई है। बुधवार सुबह स्पेशल इंवेस्टीगेशन टीम (एसआईटी) अचानक नगर निगम मुख्यालय पहुंच गई और करीब पांच घंटे तक अफसरों से सख्त पूछताछ की।

कानपुर नगर निगम में 100 करोड़ का टेंडर घोटाला, अफसरों पर कसी कार्रवाई
Image credit: News Darpan Team

कानपुर नगर निगम में 100 करोड़ रुपये के टेंडर घोटाले की जांच तेज हो गई है। बुधवार सुबह स्पेशल इंवेस्टीगेशन टीम (एसआईटी) अचानक नगर निगम मुख्यालय पहुंच गई और करीब पांच घंटे तक अफसरों से सख्त पूछताछ की। एडीसीपी सेंट्रल डॉ. अर्चना सिंह के नेतृत्व में एसआईटी ने चीफ इंजीनियर एसएफए जैदी, एक्सईएन आरके सिंह और पर्यावरण अभियंता दिवाकर को आमने-सामने बैठाकर तीखे सवाल किए। यह कार्रवाई मंगलवार को हुई छापेमारी के एक दिन बाद हुई।

एसआईटी ने अफसरों को फटकार लगाते हुए कहा कि मानकों को ताक पर रखकर ब्लैकलिस्टेड फर्मों को टेंडर दिए गए, लेकिन किसी को भनक तक नहीं लगी। टीम ने विवादित फर्मों की सभी फाइलें जब्त कर ली हैं। खासतौर पर 'कैला देवी' नामक फर्म के दस्तावेजों में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी मिली है। अब नगर निगम के भीतर चर्चा है कि 100 करोड़ के टेंडर रद्द होने और छह ठेकेदारों पर एफआईआर के बाद कई बड़े अफसरों पर जल्द एक्शन हो सकता है।

पुलिस आयुक्त रघुवीर लाल ने मंगलवार को बताया था कि इस घोटाले का मुख्य सरगना गोविंद शर्मा अभी फरार है। पुलिस का दावा है कि उसकी गिरफ्तारी के बाद घोटाले के कई बड़े राज खुलेंगे। चर्चा यह भी है कि कुछ सफेदपोश नेताओं के संरक्षण में यह ठेकेदार मनमाने ढंग से करोड़ों रुपये के टेंडर हासिल करते रहे।

एडीसीपी डॉ. अर्चना सिंह ने साफ किया कि जब्त सभी फाइलों का गहराई से अध्ययन किया जा रहा है। जांच में जो भी अधिकारी या ठेकेदार दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होगी। एसआईटी ने अफसरों को सवालों की एक सूची भी सौंपी है और जवाब मांगे हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कानपुर नगर निगम में कितने रुपये का टेंडर घोटाला निकला है?

कानपुर नगर निगम में 100 करोड़ रुपये के टेंडर घोटाले की जांच चल रही है। इस घोटाले में ब्लैकलिस्टेड फर्मों को मानकों को नजरअंदाज करके टेंडर दिए गए थे।

एसआईटी ने अफसरों से क्या सवाल किए?

स्पेशल इंवेस्टीगेशन टीम (एसआईटी) ने चीफ इंजीनियर, एक्सईएन और पर्यावरण अभियंता को बुलाकर टेंडर प्रक्रिया में हुई गड़बड़ी के बारे में सख्त पूछताछ की। एसआईटी ने अफसरों को सवालों की एक सूची भी सौंपी है।

इस घोटाले का मुख्य सरगना कौन है?

पुलिस आयुक्त के अनुसार इस घोटाले का मुख्य सरगना गोविंद शर्मा है, जो फरार है। पुलिस को उम्मीद है कि उसकी गिरफ्तारी के बाद घोटाले के कई बड़े राज खुल जाएंगे।

किस फर्म के दस्तावेजों में सबसे ज्यादा गड़बड़ी मिली?

'कैला देवी' नामक फर्म के दस्तावेजों में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी मिली है। एसआईटी ने इस फर्म सहित सभी विवादित फर्मों की फाइलें जब्त कर ली हैं।

इस घोटाले के बाद क्या कार्रवाई हो सकती है?

100 करोड़ के टेंडर रद्द होने और छह ठेकेदारों पर एफआईआर दर्ज होने के बाद, नगर निगम के कई बड़े अफसरों पर जल्द कार्रवाई हो सकती है। दोषी पाए जाने वाले किसी भी अधिकारी या ठेकेदार के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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