श्रावस्ती में ग्राम पंचायतों में रोजाना एक रुपये स्वच्छता शुल्क लगाने का फैसला
श्रावस्ती में स्वच्छता व्यवस्था को लेकर DM अन्नपूर्णा गर्ग ने सख्त निर्देश जारी किए हैं। जिला स्वच्छता समिति की बैठक में गांवों में सफाई व्यवस्था बेहतर करने के लिए कई अहम फैसले लिए गए।
श्रावस्ती में स्वच्छता व्यवस्था को लेकर DM अन्नपूर्णा गर्ग ने सख्त निर्देश जारी किए हैं। जिला स्वच्छता समिति की बैठक में गांवों में सफाई व्यवस्था बेहतर करने के लिए कई अहम फैसले लिए गए। इसके तहत हर ग्राम पंचायत में 1 रुपये प्रतिदिन स्वच्छता शुल्क लागू करने का फैसला हुआ है।
इसके साथ ही हर गांव में डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन की व्यवस्था करने की बात कही गई है। कूड़ा उठान के लिए वाहनों की खरीद करने और आरआरसी केंद्रों यानी RRC केंद्रों का नियमित संचालन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
बैठक में व्यक्तिगत शौचालय, सामुदायिक शौचालय और ठोस-तरल अपशिष्ट प्रबंधन पर भी जोर दिया गया। प्रशासन की ओर से स्वच्छता व्यवस्था को लेकर इन सभी बिंदुओं पर काम करने के लिए निर्देश जारी किए गए हैं।
हालांकि, इन आदेशों का जमीन पर कितना असर होगा, यह आने वाला वक्त बताएगा। 1 अक्टूबर से स्वच्छता अभियान शुरू होने के बावजूद कई गांवों में सफाई कर्मियों के नहीं पहुंचने के आरोप सामने आ रहे हैं। कुछ गांवों में सफाई कर्मियों के नहीं पहुंचने की शिकायतें सामने आने की बात भी कही जा रही है।
ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जब नियमित सफाई व्यवस्था ही पूरी तरह जमीन पर नहीं उतर पा रही है, तो स्वच्छता शुल्क लेकर शुरू की जाने वाली डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन व्यवस्था कितनी प्रभावी होगी। गांवों में सफाई कर्मियों की मौजूदगी और कूड़ा उठान की नियमित व्यवस्था इस फैसले की अहम कड़ी मानी जा रही है।
फिलहाल बेहतर ठोस अपशिष्ट प्रबंधन करने वाली टंडवा महन्थ, कटरा और ददौरा ग्राम पंचायतों को सम्मानित किया गया है। अब देखना होगा कि प्रशासन के ये निर्देश गांवों की गलियों में कितनी जल्दी नजर आते हैं और स्वच्छता शुल्क की व्यवस्था का असर किस तरह दिखाई देता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
श्रावस्ती की ग्राम पंचायतों में स्वच्छता शुल्क कितना लगाया गया है?
हर ग्राम पंचायत में रोजाना 1 रुपये स्वच्छता शुल्क लगाने का फैसला हुआ है।
गांवों में स्वच्छता व्यवस्था के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे?
हर गांव में घर-घर कूड़ा उठाने की व्यवस्था की जाएगी। इसके लिए वाहन खरीदे जाएंगे और RRC केंद्रों का नियमित संचालन होगा।
स्वच्छता शुल्क लगाने का फैसला किसने लिया?
यह फैसला जिला स्वच्छता समिति की बैठक में DM अन्नपूर्णा गर्ग के निर्देश पर लिया गया।
स्वच्छता व्यवस्था को लेकर क्या शिकायतें सामने आ रही हैं?
कई गांवों में सफाई कर्मियों के नहीं पहुंचने और सफाई व्यवस्था के पूरी तरह लागू नहीं होने की शिकायतें सामने आ रही हैं।
किन ग्राम पंचायतों को बेहतर ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के लिए सम्मानित किया गया?
टंडवा महन्थ, कटरा और ददौरा ग्राम पंचायतों को सम्मानित किया गया।
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