शामली सभासद ने अध्यक्ष कार्यालय में हमले की साजिश का आरोप लगाया
नगर पालिका परिषद शामली के निर्वाचित सभासद अनिल कुमार उपाध्याय ने 19 सितंबर को नगर पालिका अध्यक्ष अरविंद संगल के कार्यालय में हुई घटना को लेकर पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र दिया है।
नगर पालिका परिषद शामली के निर्वाचित सभासद अनिल कुमार उपाध्याय ने 19 सितंबर को नगर पालिका अध्यक्ष अरविंद संगल के कार्यालय में हुई घटना को लेकर पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र दिया है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष एवं प्रभावी जांच किए जाने की मांग की है। साथ ही, घटना से जुड़े सीसीटीवी फुटेज, डीवीआर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को सुरक्षित कराने की मांग भी की है।
प्रार्थना पत्र में सभासद अनिल कुमार उपाध्याय ने आरोप लगाया है कि 19 सितंबर को नगर पालिका अध्यक्ष अरविंद संगल के कार्यालय में उनके साथ गंभीर घटना हुई। सभासद के अनुसार, उनके खिलाफ साजिश के तहत भीड़ को उकसाया गया और उनके साथ हमला करने की स्थिति पैदा की गई।
प्रार्थना पत्र के मुताबिक, इस स्थिति के बाद सभासद को अपनी जान बचाकर कोतवाली शामली की ओर भागना पड़ा। सभासद ने घटना की परिस्थितियों की निष्पक्ष जांच किए जाने की मांग की है। उन्होंने पुलिस अधीक्षक से कहा है कि मामले से जुड़े सभी उपलब्ध साक्ष्यों को जांच में शामिल किया जाए।
घटना के संबंध में कोतवाली शामली में एफआईआर संख्या 0429/2026 दर्ज होने का उल्लेख प्रार्थना पत्र में किया गया है। इसमें बीएनएस की विभिन्न धाराओं के साथ धारा 109(1) भी लगाई गई है। सभासद ने आशंका जताई है कि प्रभावशाली लोगों के दबाव में जांच को प्रभावित करने की कोशिश की जा सकती है।
उन्होंने यह भी आशंका जताई है कि धारा 109(1) को हटाने या घटना की गंभीरता को कम करके पेश करने का प्रयास किया जा सकता है। इसी वजह से सभासद ने एफआईआर में दर्ज धाराओं को लेकर भी पुलिस अधीक्षक से स्पष्ट मांग की है।
सभासद ने कहा है कि एफआईआर में दर्ज धाराओं में किसी भी प्रकार का बदलाव केवल निष्पक्ष विवेचना, उपलब्ध साक्ष्यों और सक्षम विधिक परीक्षण के आधार पर ही किया जाए। उनके अनुसार, किसी भी धारा में बदलाव जांच की प्रक्रिया और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर होना चाहिए।
प्रार्थना पत्र में घटना के समय के सीसीटीवी फुटेज, डीवीआर, मोबाइल वीडियो और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को तत्काल सुरक्षित कराने की मांग की गई है। सभासद ने कहा है कि ऐसा किए जाने से जांच के दौरान महत्वपूर्ण साक्ष्य नष्ट होने से बचाए जा सकेंगे।
उन्होंने पुलिस अधीक्षक से घटना की परिस्थितियों की समुचित जांच कर निष्पक्ष कार्रवाई किए जाने की मांग की है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
शामली के सभासद अनिल कुमार उपाध्याय ने पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र क्यों दिया?
उन्होंने 19 सितंबर को नगर पालिका अध्यक्ष अरविंद संगल के कार्यालय में हुई घटना की निष्पक्ष और प्रभावी जांच की मांग को लेकर प्रार्थना पत्र दिया।
सभासद ने घटना के बारे में क्या आरोप लगाया है?
उनका आरोप है कि उनके खिलाफ साजिश के तहत भीड़ को उकसाया गया और उन पर हमला करने की स्थिति पैदा की गई।
घटना के बाद सभासद को क्या करना पड़ा?
सभासद के अनुसार, उन्हें अपनी जान बचाकर कोतवाली शामली की ओर भागना पड़ा।
सभासद ने किन साक्ष्यों को सुरक्षित कराने की मांग की है?
उन्होंने सीसीटीवी फुटेज, डीवीआर, मोबाइल वीडियो और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को तुरंत सुरक्षित कराने की मांग की है।
इस मामले में कौन सी एफआईआर दर्ज होने का उल्लेख है?
प्रार्थना पत्र में कोतवाली शामली की एफआईआर संख्या 0429/2026 का उल्लेख है, जिसमें BNS की विभिन्न धाराओं के साथ धारा 109(1) भी लगाई गई है।
सबसे ज़्यादा पढ़ी गई
- 1
श्रावस्ती में सपा बैठक में हंगामा, नेता का माइक छीनने का आरोप
- 2
शामली में 50 से ज्यादा दुकानों के नाम कथित फर्जी बिल, लाखों भुगतान
- 3
शामली महिला का रिश्तेदारों पर 15 लाख के जेवर ले जाने का आरोप
- 4
गन्ने की फसल नुकसान और मारपीट के आरोप, डीएम से जांच की मांग
- 5
हाथरस में आयुष्मान संविदा कर्मियों ने सौंपा ज्ञापन, 22 अक्टूबर से कार्य बहिष्कार की …
टिप्पणियाँ
अभी कोई टिप्पणी नहीं। पहली टिप्पणी करें।