सम्भल में पत्रकार सुरक्षा समिति की बैठक, संगठन मजबूत करने का संकल्प
सम्भल में पत्रकारों की सुरक्षा, सम्मान, अधिकार और सामाजिक सुरक्षा के मुद्दे पर जिले के कलमकार एक मंच पर जुटे। पत्रकार सुरक्षा सेवा समिति की समीक्षा बैठक में बड़ी संख्या में पत्रकारों ने हिस्सा लिया।
सम्भल में पत्रकारों की सुरक्षा, सम्मान, अधिकार और सामाजिक सुरक्षा के मुद्दे पर जिले के कलमकार एक मंच पर जुटे। पत्रकार सुरक्षा सेवा समिति की समीक्षा बैठक में बड़ी संख्या में पत्रकारों ने हिस्सा लिया। बैठक में संगठन को मजबूत बनाने और पत्रकारों के हितों की लड़ाई को और धार देने का संकल्प लिया गया। पत्रकारों के साथ होने वाली घटनाओं, उत्पीड़न, सुरक्षा, सम्मान और पेंशन समेत कई मांगों पर प्रमुखता से चर्चा हुई।
रजत मल्होत्रा की रिपोर्ट के मुताबिक, बैठक में पत्रकारों ने कहा कि समाचार संकलन के दौरान कई बार उन्हें दबाव, धमकी और अलग-अलग तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे मामलों में संगठन को तुरंत सक्रिय होकर पत्रकार के साथ खड़ा होना चाहिए। पत्रकारों ने यह भी कहा कि किसी पत्रकार के साथ होने वाली समस्या को अकेले उसकी समस्या नहीं माना जाना चाहिए, बल्कि संगठन को मिलकर उसका सामना करना चाहिए।
समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद वर्मा ने कहा, “पत्रकार लोकतंत्र के प्रहरी हैं।” उन्होंने कहा कि पत्रकार समाज की समस्याओं को सामने लाने और शासन-प्रशासन तक आमजन की आवाज पहुंचाने का काम पूरी जिम्मेदारी से करते हैं। ऐसे में पत्रकारों की सुरक्षा और सम्मान से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं होना चाहिए।
विनोद वर्मा ने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष के नेतृत्व में संगठन पत्रकारों के हितों की लड़ाई मजबूती से लड़ेगा। उन्होंने साफ कहा कि अगर किसी पत्रकार साथी के साथ कोई घटना, उत्पीड़न या अन्याय होता है, तो संगठन उसकी आवाज बनकर खड़ा होगा। उन्होंने पत्रकारों को भरोसा दिलाया कि ऐसे मामलों में संगठन मजबूती से साथ देगा।
उन्होंने कहा कि पत्रकारों के सामने केवल सुरक्षा का सवाल नहीं है। उनके सामने आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े मुद्दे भी हैं। पत्रकारों के लिए पेंशन की व्यवस्था, पत्रकारों के साथ होने वाली घटनाओं में त्वरित कार्रवाई, सुरक्षा की गारंटी और सम्मानजनक व्यवहार जैसे मुद्दों को संगठन शासन-प्रशासन के सामने प्रमुखता से उठाएगा।
राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद वर्मा ने कहा कि पत्रकार हितों से जुड़ी अन्य मांगों को भी संगठन के स्तर पर उठाया जाएगा। बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि पत्रकारों को काम के दौरान आने वाली परेशानियों में संगठनात्मक सहयोग मिलना चाहिए। पत्रकारों की सुरक्षा, सम्मान और अधिकारों से जुड़े मुद्दों को लगातार सामने रखने की जरूरत बताई गई।
प्रदेश सचिव शैलेंद्र कुमार ने कहा कि पत्रकारों की एकजुटता ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने कहा कि किसी एक पत्रकार की समस्या को पूरे संगठन की समस्या मानकर उसका समाधान कराने के लिए प्रयास किया जाएगा। उनके मुताबिक, संगठन की मजबूती से पत्रकारों की आवाज को और प्रभावी तरीके से उठाया जा सकेगा।
प्रदेश मीडिया प्रभारी प्रताप तिवारी ने पत्रकारों से संगठन को गांव-गांव और तहसील स्तर तक मजबूत करने का आह्वान किया। उन्होंने संगठन की पहुंच को ज्यादा से ज्यादा पत्रकारों तक ले जाने की बात कही। वहीं महिला विंग की प्रदेश सचिव सर्वेश यादव ने पत्रकारों, विशेषकर महिला पत्रकारों की सुरक्षा और सम्मान से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाने की बात कही।
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि कलम की ताकत को दबाने का प्रयास किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। पत्रकारों ने कहा कि अगर समाचार संकलन के दौरान किसी साथी को दबाव, धमकी या किसी अन्य तरह की परेशानी का सामना करना पड़ता है, तो संगठन को तत्काल उसके साथ खड़ा होना चाहिए। ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई और संगठनात्मक सहयोग की जरूरत पर भी जोर दिया गया।
बैठक में पत्रकारों की सुरक्षा, उत्पीड़न की घटनाओं पर त्वरित कार्रवाई, पत्रकारों के सम्मान की रक्षा, पेंशन की मांग, पत्रकारों के लिए सामाजिक एवं आर्थिक सुरक्षा और किसी भी संकट की स्थिति में संगठनात्मक सहयोग समेत कई मुद्दों पर चर्चा हुई। सभी मुद्दों को पत्रकारों के हितों से जुड़ा बताते हुए उन्हें शासन-प्रशासन के सामने प्रमुखता से उठाने की बात कही गई।
अंत में सभी पत्रकारों ने एकजुट होकर पत्रकार हितों की आवाज को बुलंद करने का संकल्प लिया। उन्होंने साथी पत्रकार के सुख-दुख में मजबूती से साथ खड़े रहने की बात भी कही। बैठक में यह संकल्प दोहराया गया कि पत्रकारों के साथ होने वाली घटना, उत्पीड़न या अन्याय के मामलों में संगठन उनकी आवाज बनेगा और पत्रकारों के अधिकारों, सुरक्षा, सम्मान, पेंशन तथा सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा से जुड़े मुद्दे उठाता रहेगा।
इस दौरान सर्वेश यादव, राकेश कुमार, वीरेंद्र सिंह, राजेश यादव, सुखवीर सिंह, नवल शर्मा, भारत सिंह राणा, विभोर अग्रवाल, मुकेश कुमार मौर्य, चंद्रकेश, गौतम कुमार, रन विजय, मौ. इम्तियाज, विपिन कुमार यादव, सुलेन्द्र सिंह, जीतपाल सिंह, रिंकू दिवाकर, नितिन कुमार गुप्ता, प्रवेश कुमार, विपिन कुमार और राजेश शुक्ल समेत बड़ी संख्या में पत्रकार मौजूद रहे।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
सम्भल में पत्रकार सुरक्षा समिति की बैठक क्यों हुई?
बैठक पत्रकारों की सुरक्षा, सम्मान, अधिकार और सामाजिक सुरक्षा के मुद्दों पर चर्चा करने के लिए हुई।
बैठक में पत्रकारों ने किन समस्याओं पर चर्चा की?
पत्रकारों ने दबाव, धमकी, उत्पीड़न, सुरक्षा, सम्मान, पेंशन और आर्थिक-सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी समस्याओं पर चर्चा की।
पत्रकारों की समस्या होने पर संगठन क्या करेगा?
संगठन पत्रकार की समस्या को अपनी समस्या मानकर तुरंत उसके साथ खड़ा होगा और उसकी आवाज मजबूती से उठाएगा।
पत्रकार सुरक्षा समिति को मजबूत करने के लिए क्या संकल्प लिया गया?
संगठन को गांव-गांव और तहसील स्तर तक मजबूत करने, ज्यादा पत्रकारों को जोड़ने और पत्रकार हितों की लड़ाई को और प्रभावी बनाने का संकल्प लिया गया।
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