हाथरस में फसल नुकसान पर सपा का प्रदर्शन, मुआवजे की मांग
हाथरस जिले में बीते दिनों हुई बारिश और तेज हवाओं से फसलों को हुए नुकसान को लेकर समाजवादी पार्टी ने किसानों के लिए मुआवजे और राहत की मांग की है।
हाथरस जिले में बीते दिनों हुई बारिश और तेज हवाओं से फसलों को हुए नुकसान को लेकर समाजवादी पार्टी ने किसानों के लिए मुआवजे और राहत की मांग की है। किसानों की अलग-अलग समस्याओं को लेकर सपा पदाधिकारियों ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन किया और राज्यपाल के नाम जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा।
सपा नेताओं ने ज्ञापन में कहा कि बारिश और तेज हवाओं की वजह से जिले के कई किसानों को नुकसान हुआ है। पार्टी ने प्रशासन से मांग की कि प्रभावित क्षेत्रों का सर्वे कराया जाए और किसानों को नियमानुसार मुआवजा और राहत उपलब्ध कराई जाए। सपा पदाधिकारियों का कहना है कि फसल नुकसान के बाद किसानों को समय पर मदद मिलना जरूरी है।
ज्ञापन में खास तौर पर सिकंदराराऊ और हाथरस तहसील क्षेत्र का जिक्र किया गया। इसमें कहा गया कि लगातार बारिश के कारण धान, बाजरा और मिर्च की फसलों को नुकसान पहुंचा है। कई क्षेत्रों में बारिश और तेज हवा की वजह से धान और बाजरा की फसल खेतों में बिछ गई है। सपा नेताओं ने प्रशासन से मांग की कि ऐसे प्रभावित क्षेत्रों का तत्काल सर्वे कराया जाए, ताकि किसानों को उचित मुआवजा दिलाया जा सके।
समाजवादी पार्टी ने किसानों से जुड़ी खाद की समस्या भी उठाई। ज्ञापन में खाद की कालाबाजारी और जमाखोरी पर प्रभावी रोक लगाने की मांग की गई। साथ ही थोक और रिटेल विक्रेताओं की जांच कराने की बात कही गई। सपा ने कहा कि पोटाश पर अनुदान कम होने के कारण इसका कट्टा करीब 2200 रुपये में बिक रहा है। इससे किसानों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
पार्टी ने पोटाश की कीमत कम कराने की मांग की। इसके साथ ही बुवाई के समय किसानों को पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध कराने की भी मांग रखी गई। सपा नेताओं ने कहा कि महंगे कृषि निवेश और फसल नुकसान की स्थिति में किसानों को और परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ज्ञापन में किसान रजिस्ट्री से जुड़ी समस्याओं को भी शामिल किया गया। सपा ने कहा कि किसान रजिस्ट्री में आ रही तकनीकी और दस्तावेजी समस्याओं का समाधान ग्राम पंचायत स्तर पर कराया जाए। पार्टी ने यह भी मांग की कि पट्टे पर खेती करने वाले किसानों और कृषि मजदूरों को समय से खाद-बीज उपलब्ध कराया जाए।
सपा नेताओं ने पशुओं में खुरपका-मुंहपका और लम्पी बीमारी से बचाव का मुद्दा भी उठाया। ज्ञापन में मांग की गई कि इन बीमारियों से बचाव के लिए समय से टीकाकरण कराया जाए। इसके अलावा सरकारी बीज गोदामों और सहकारी संस्थाओं पर गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध कराने की भी मांग की गई।
धान खरीद को लेकर भी सपा ने प्रशासन से व्यवस्था सुधारने की मांग की। पार्टी नेताओं ने कहा कि धान खरीद केंद्रों पर खरीद प्रक्रिया को पारदर्शी और सरल बनाया जाए। साथ ही धान खरीद का लक्ष्य बढ़ाया जाए, ताकि किसानों को अपनी फसल बेचने में दिक्कत न हो।
ज्ञापन में फसलों को नुकसान पहुंचाने वाले जानवरों का मुद्दा भी उठाया गया। सपा नेताओं ने कहा कि सांड़, नीलगाय और जंगली सूअर से फसलों को हो रहे नुकसान की रोकथाम के लिए प्रभावी व्यवस्था की जानी चाहिए। पार्टी ने इसे किसानों की बड़ी समस्या बताते हुए प्रशासन से ठोस कदम उठाने की मांग की।
सपा ने किसानों के किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) ऋण को ब्याज मुक्त करने की मांग भी रखी। ज्ञापन में किसानों के ऋण माफ किए जाने की मांग शामिल रही। सपा नेताओं ने कहा कि किसानों की समस्याओं का समयबद्ध तरीके से समाधान कराया जाना जरूरी है, ताकि उन्हें बारिश, महंगे कृषि निवेश और फसल नुकसान के कारण आर्थिक संकट का सामना न करना पड़े।
ज्ञापन सौंपने वालों में सपा उपाध्यक्ष बबलू यादव, एडवोकेट गिनेश यादव, राष्ट्रीय सचिव युवजन सभा प्रवीण बघेल, प्रदेश सचिव एडवोकेट ब्रजमोहन राही, राज्य कार्यकारिणी सदस्य महेंद्र सिंह सोलंकी सहित पार्टी के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
हाथरस में सपा ने प्रदर्शन क्यों किया?
सपा ने बारिश और तेज हवाओं से फसलों को हुए नुकसान पर किसानों के लिए मुआवजा और राहत की मांग को लेकर कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन किया।
सपा ने प्रशासन से फसल नुकसान पर क्या मांग की?
सपा ने प्रभावित क्षेत्रों का तुरंत सर्वे कराने और किसानों को नियम के अनुसार उचित मुआवजा और राहत देने की मांग की।
किन इलाकों और फसलों के नुकसान का जिक्र किया गया?
ज्ञापन में खास तौर पर सिकंदराराऊ और हाथरस तहसील क्षेत्र का जिक्र है। धान, बाजरा और मिर्च की फसलों को नुकसान बताया गया।
खाद को लेकर सपा ने क्या मुद्दे उठाए?
सपा ने खाद की कालाबाजारी और जमाखोरी रोकने, विक्रेताओं की जांच कराने, पोटाश की कीमत कम करने और बुवाई के समय पर्याप्त उर्वरक उपलब्ध कराने की मांग की।
किसानों की और कौन सी समस्याएं ज्ञापन में शामिल थीं?
ज्ञापन में किसान रजिस्ट्री की दिक्कतें, पशुओं के टीकाकरण, अच्छे बीज, धान खरीद व्यवस्था, फसल नुकसान करने वाले जानवरों और KCC ऋण को ब्याज मुक्त करने जैसे मुद्दे शामिल थे।
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