हाथरस में सपा ने मुख्य चुनाव आयुक्त का पुतला फूंका, पुलिस से झड़प
समाजवादी पार्टी ने मंगलवार को हाथरस में ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ अभियान के तहत पैदल मार्च निकालकर प्रदर्शन किया। पार्टी ने मतदाता अधिकारों और निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग उठाई।
समाजवादी पार्टी ने मंगलवार को हाथरस में ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ अभियान के तहत पैदल मार्च निकालकर प्रदर्शन किया। पार्टी ने मतदाता अधिकारों और निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग उठाई। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला फूंका। इसके बाद सपा कार्यकर्ता तहसील सदर पहुंचे और नायब तहसीलदार शिव कुमार को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा।
प्रदर्शन का नेतृत्व सपा जिलाध्यक्ष देवेंद्र कुशवाहा ने किया। इसकी शुरुआत सपा के जिला कार्यालय से हुई। बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता नारेबाजी करते हुए डॉ. भीमराव आंबेडकर पार्क पहुंचे। पार्क में कार्यकर्ताओं ने बाबा साहेब की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। इसके बाद राष्ट्रगान गाया गया।
राष्ट्रगान के बाद कार्यकर्ताओं ने मतदाता सूची और निर्वाचन प्रक्रिया को लेकर अपना विरोध जताया। इसी दौरान मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला दहन किया गया। प्रदर्शन को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा।
पुलिस ने कार्यकर्ताओं को आगे बढ़ने और प्रदर्शन करने से रोकने का प्रयास किया। इसको लेकर पुलिस और सपा कार्यकर्ताओं के बीच तीखी नोकझोंक और झड़प हुई। कुछ देर तक मौके पर तनाव की स्थिति बनी रही। वहीं, कुछ कार्यकर्ताओं ने पुलिसकर्मियों पर गाली-गलौज करने का आरोप भी लगाया।
पुतला दहन के बाद सपा कार्यकर्ता तहसील सदर पहुंचे। वहां नायब तहसीलदार शिव कुमार को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में मांग की गई कि प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में सुनिश्चित किया जाए। साथ ही निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के बिना किसी पात्र मतदाता का नाम सूची से नहीं हटाने की मांग रखी गई।
सपा ने मतदाता सूची में नाम जोड़ने, नाम हटाने और संशोधन की प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाने की मांग की। पार्टी ने कहा कि सभी पात्र नागरिकों को स्वतंत्र और निष्पक्ष मतदान का अवसर मिलना चाहिए। निर्वाचन प्रक्रिया और मतदाता सूची को लेकर सवाल उठाते हुए सपा ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग भी रखी।
सपा जिलाध्यक्ष देवेंद्र कुशवाहा ने कहा, “मतदाता का अधिकार सर्वोपरि” है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में मतदाता का अधिकार सर्वोपरि है और मतदाता सूची तथा निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता एवं निष्पक्षता सुनिश्चित होना जरूरी है। देवेंद्र कुशवाहा ने कहा कि समाजवादी पार्टी लोकतांत्रिक और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए लगातार आवाज उठाती रहेगी।
प्रदर्शन में जिला उपाध्यक्ष मोहर सिंह, लोहिया वाहिनी प्रदेश उपाध्यक्ष साकेत राहुल दिवाकर, जिलाध्यक्ष मालिक यादव, अनुसूचित जाति जिलाध्यक्ष योगेंद्र भारती, पूर्व हाथरस सदर प्रत्याशी रामनारायण काके, पूर्व मजदूर सभा जिलाध्यक्ष नीतीश यादव, सहपऊ ब्लॉक अध्यक्ष सतेंद्र यादव, मजदूर सभा प्रदेश सचिव नीरज कांडेरे, यूथ ब्रिगेड जिलाध्यक्ष नरेश दिवाकर, पुरदिलनगर नगर अध्यक्ष नुसरत अली और जिला सचिव जितेंद्र कुमार सेंगर मौजूद रहे।
इनके अलावा एसपी सिंह सेंगर, धीरज पांडेय, चौधरी भाजुद्दीन, प्रेम चौधरी, वीरेंद्र कुशवाहा, ललित चौधरी, चिराग वार्ष्णेय, पूरन कुशवाहा, अशोक गोला, रामबाबू सिंह, टिंकू सिंह, रिंकू सिंह, रजनीश कुशवाहा, हाजी नवाब हसन, राणाप्रताप सिसोदिया, अनुज उपाध्याय और जगदीश कुशवाहा सहित बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी, कार्यकर्ता और समर्थक भी प्रदर्शन में उपस्थित रहे.
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
हाथरस में सपा ने किस अभियान के तहत प्रदर्शन किया?
सपा ने ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ अभियान के तहत पैदल मार्च निकालकर प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन के दौरान सपा ने किसका पुतला फूंका?
कार्यकर्ताओं ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला फूंका।
सपा कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच झड़प क्यों हुई?
पुलिस कार्यकर्ताओं को आगे बढ़ने और प्रदर्शन करने से रोक रही थी, इसी दौरान दोनों के बीच नोकझोंक और झड़प हुई।
सपा ने ज्ञापन में क्या मांग की?
सपा ने हर पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में जोड़ने और कानूनी प्रक्रिया के बिना किसी पात्र मतदाता का नाम नहीं हटाने की मांग की।
प्रदर्शन का नेतृत्व किसने किया?
प्रदर्शन का नेतृत्व सपा जिलाध्यक्ष देवेंद्र कुशवाहा ने किया।
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