मैसूरु दशहरा में प्रशांत ने पहली बार 750 किलो की सुनहरी अंबारी उठाई
54 साल के प्रशांत ने मैसूरु दशहरा जुलूस में पहली बार 750 किलो की सुनहरी अंबारी उठाई और अभिमन्यु की परंपरा आगे बढ़ाई।
दशहरा हाथियों का नया राजा बनकर उभरा प्रशांत, सुनहरी अंबारी उठाई
दशहरा हाथियों का नया राजा बनकर उभरा प्रशांत, सुनहरी अंबारी उठाई
प्रशांत ने मैसूरु में बुधवार (21 अक्टूबर) को हुए भव्य दशहरा समापन समारोह में सुनहरी अंबारी उठाने की अपनी पहली जिम्मेदारी सफलतापूर्वक पूरी की। इसके साथ ही उसने उस जिम्मेदारी को संभाल लिया, जो लंबे समय से मशहूर दांत वाले हाथियों से जुड़ी रही है।
54 साल के इस नर हाथी ने जुलूस के दौरान 750 किलो की सुनहरी अंबारी उठाई। यह ‘अंबारी’ हाथियों की विरासत में एक नए अध्याय की शुरुआत थी। इस प्रदर्शन के साथ ही प्रशांत को अनुभवी नर हाथी अभिमन्यु का उत्तराधिकारी भी माना गया। इससे पहले अभिमन्यु ही इस प्रतिष्ठित अंबारी को उठाता था।
चयन के लिए आकलन
प्रशांत दुबारे हाथी कैंप में रहता है और उसे दशहरा हाथी के तौर पर 18 साल का अनुभव है। विशेषज्ञों और वन अधिकारियों की एक टीम ने उसकी फिटनेस, स्वभाव और इस मुश्किल जिम्मेदारी के लिए उसकी कुल उपयुक्तता का आकलन करने के बाद उसका चयन किया।
इस काम के लिए शॉर्टलिस्ट किए गए पांच नर हाथियों में से प्रशांत को चुना गया था। उसे देवी चामुंडेश्वरी की मूर्ति वाली 750 किलो की अंबारी उठानी थी। इस चयन के साथ वह दशहरा हाथियों के दल की सबसे अहम जिम्मेदारियों में से एक के केंद्र में आ गया।
जंबू सवारी के दौरान शांत प्रदर्शन
शांत स्वभाव के लिए पहचाना जाने वाला प्रशांत पूरी गंभीरता और शाही अंदाज के साथ यह जिम्मेदारी निभाता नजर आया। उसने उन हाथियों से जुड़ी गरिमा के अनुरूप प्रदर्शन किया, जो पिछले कई सालों से सुनहरी अंबारी उठाते रहे हैं।
जुलूस के रास्ते में जमा हजारों लोगों और कानों को चीर देने वाले शोर का भी उस पर कोई असर नहीं पड़ा। ये लोग मशहूर जंबू सवारी देखने के लिए वहां जुटे थे। प्रशांत के साथ कुमकी हाथी कावेरी और रूपा भी थीं और वह उनके साथ सड़कों से होकर आगे बढ़ा।
मशहूर परंपरा को आगे बढ़ाया
अपनी सफल पहली जिम्मेदारी के साथ प्रशांत दशहरा हाथियों के दल के नए प्रमुख के रूप में सबसे आगे आ गया है। उसका उभरना द्रोण, बलराम, अर्जुन और अभिमन्यु जैसे मशहूर नर हाथियों से जुड़ी परंपरा को आगे बढ़ाता है।
इस तरह प्रशांत की पहली जिम्मेदारी सुनहरी अंबारी उठाने वाले हाथी में बदलाव और दशहरा समापन से जुड़ी हाथियों की परंपरा, दोनों को दिखाती है। यह मौका एक तरफ अंबारी उठाने वाले हाथी के बदलने का संकेत है, तो दूसरी तरफ उस परंपरा के जारी रहने का भी, जो दशहरा समापन समारोह के साथ जुड़ी हुई है।
स्रोत: The Hindu
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रशांत ने पहली बार क्या जिम्मेदारी निभाई?
प्रशांत ने मैसूरु दशहरा समापन समारोह में पहली बार 750 किलो की सुनहरी अंबारी उठाई।
प्रशांत की उम्र कितनी है?
प्रशांत 54 साल का नर हाथी है।
प्रशांत को सुनहरी अंबारी उठाने के लिए कैसे चुना गया?
विशेषज्ञों और वन अधिकारियों ने उसकी फिटनेस, स्वभाव और इस जिम्मेदारी के लिए उपयुक्तता का आकलन किया। पांच शॉर्टलिस्ट किए गए हाथियों में से उसे चुना गया।
प्रशांत किस हाथी का उत्तराधिकारी माना जा रहा है?
प्रशांत को अनुभवी नर हाथी अभिमन्यु का उत्तराधिकारी माना जा रहा है, जो पहले सुनहरी अंबारी उठाता था।
जंबू सवारी के दौरान प्रशांत के साथ कौन-कौन से हाथी थे?
जंबू सवारी के दौरान प्रशांत के साथ कुमकी हाथी कावेरी और रूपा थीं।
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