रात की पुलिस जांच में नशे में ड्राइविंग के 113 मामले दर्ज
पुलिस के रातभर चले अभियान में 8,780 गाड़ियों और 1,417 प्रतिष्ठानों की जांच हुई। नशे में ड्राइविंग के 113 मामले दर्ज किए गए।
पुलिस ने रात में चलाए गए एक खास जांच अभियान के दौरान नशे में गाड़ी चलाने के 113 मामले दर्ज किए। इस अभियान में 8,780 गाड़ियों की जांच की गई। इसके साथ ही पुलिस की टीमों ने 1,417 प्रतिष्ठानों का भी निरीक्षण किया। इन जगहों पर तय समय से ज्यादा देर तक काम करने और दूसरे नियमों के उल्लंघन की जांच की गई।
यह अभियान शुक्रवार को पुलिस कमिश्नर सीमांत कुमार सिंह की अगुवाई में पूरे शहर में चलाया गया। पुलिस की टीमों ने अलग-अलग इलाकों में मौजूद प्रतिष्ठानों का दौरा किया। कुछ कारोबारी आउटलेट तय समय के बाद भी खुले मिले। ऐसे आउटलेट को बंद करने का निर्देश दिया गया।
पब, क्लब और रेस्टोरेंट में भी जांच
इस अभियान के तहत 843 पब और बार, 42 डांस बार और क्लब, 53 मनोरंजन स्थलों और 522 होटल और रेस्टोरेंट को शामिल किया गया। पुलिस ने इन सभी प्रतिष्ठानों में तय समय के नियमों और लागू दूसरे नियमों का पालन हो रहा है या नहीं, इसकी जांच की। यह कार्रवाई रात में चलने वाले कारोबार और मनोरंजन से जुड़े ठिकानों पर नियमों को लागू कराने की पुलिस की कोशिश का हिस्सा थी।
अभियान के दौरान पुलिस की टीमों ने शहर की प्रमुख सड़कों पर नाका चेकिंग भी की। इन जांच के दौरान 2,584 दोपहिया वाहनों, 692 तीनपहिया वाहनों और 748 चारपहिया वाहनों को चेक किया गया। पुलिस ने अलग-अलग नियमों के उल्लंघन के चलते 187 दोपहिया वाहन, दो तीनपहिया वाहन और पांच चारपहिया वाहन जब्त किए।
ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर मामले
ट्रैफिक पुलिस ने वन-वे ट्रैफिक नियम तोड़ने से जुड़े 364 मामले दर्ज किए। बिना नंबर प्लेट वाले वाहनों के खिलाफ 34 मामले दर्ज किए गए। इन उल्लंघनों के सिलसिले में कुल 114 वाहन जब्त किए गए।
इस अभियान के दौरान 292 छोटे मामलों को भी दर्ज किया गया। इसके अलावा सिगरेट और दूसरे तंबाकू उत्पाद अधिनियम के तहत 355 मामले दर्ज किए गए। एक्साइज एक्ट के तहत तीन मामले और कर्नाटक पुलिस एक्ट के तहत एक मामला दर्ज किया गया।
इन आंकड़ों से पता चलता है कि पुलिस की यह कार्रवाई केवल पब, बार, क्लब और दूसरे मनोरंजन स्थलों की जांच तक सीमित नहीं रही। अभियान के दौरान नशे में गाड़ी चलाने, ट्रैफिक की आवाजाही, वाहनों की पहचान और नियमों के दूसरे उल्लंघनों पर भी कार्रवाई की गई। इन सभी मामलों को इसी अभियान के दौरान दर्ज किया गया।
सुरक्षा और नियमों के पालन पर पुलिस का जोर
पुलिस विभाग ने कहा कि लोगों की सुरक्षा, महिलाओं की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखना उसकी सबसे बड़ी प्राथमिकताओं में शामिल रहा। पब, बार, क्लब, होटल और दूसरे मनोरंजन प्रतिष्ठानों के मालिकों और मैनेजमेंट को लागू कानूनों, लाइसेंस की शर्तों और तय कारोबारी समय का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया गया।
यह अभियान पुलिस कमिश्नर की निगरानी में चलाया गया। इसमें अलग-अलग डिविजन के डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस, सेंट्रल क्राइम ब्रांच के अधिकारी और पुलिस के दूसरे जवान भी शामिल हुए।
विभाग ने कहा कि शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए खास जांच अभियान आगे भी जारी रहेंगे। इन अभियानों के जरिए बेंगलुरु में नियमों का पालन सुनिश्चित करने की कोशिश की जाएगी।
स्रोत: The Hindu
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
रात के पुलिस जांच अभियान में नशे में गाड़ी चलाने के कितने मामले दर्ज हुए?
पुलिस ने नशे में गाड़ी चलाने के 113 मामले दर्ज किए।
अभियान के दौरान कितनी गाड़ियों की जांच की गई?
पुलिस ने 8,780 गाड़ियों की जांच की।
पुलिस ने कितने प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया?
पुलिस टीमों ने 1,417 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया।
ट्रैफिक नियम तोड़ने पर कितने वाहन जब्त किए गए?
अलग-अलग ट्रैफिक उल्लंघनों के मामलों में कुल 114 वाहन जब्त किए गए।
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