विदेश सचिव मिसरी ने पीएम मोदी के फ्रांस दौरे की जानकारी दी
फ्रांस दौरे पर व्यापार से लेकर मिडल ईस्ट में नाविकों की सुरक्षा तक: विदेश सचिव मिसरी ने दी जानकारी विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फ्रांस दौरे पर चर्चा की, जहां
विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फ्रांस दौरे पर चर्चा की, जहां उन्होंने G7 समिट में हिस्सा लिया। मिसरी ने व्यापार समझौतों, वेस्ट एशिया की सुरक्षा, समुद्री सुरक्षा और भारत के ग्लोबल पार्टनर्स के साथ संबंधों पर अहम जानकारी दी।
एवियन में एक खास ब्रीफिंग के दौरान मिसरी ने बताया कि व्यापार प्रधानमंत्री मोदी की द्विपक्षीय बैठकों का मुख्य मुद्दा रहा। पीएम मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी, यूरोपीय संघ के प्रतिनिधियों और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर के साथ बातचीत की।
मिसरी ने कहा कि भारत और अमेरिका एक अंतरिम द्विपक्षीय व्यापार समझौते के करीब पहुंच चुके हैं। उन्होंने बताया, "अमेरिका के साथ हमने एक अंतरिम फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर काफी प्रगति की है, जो अब अपने अंतिम चरण में है। अगले हफ्ते अमेरिकी ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव जैमीसन ग्रीर भारत आएंगे ताकि इन चर्चाओं को और आगे बढ़ाया जा सके।"
कनाडा के साथ भी भारत ने एक व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते (CEPA) को साल के अंत तक पूरा करने की कोशिशें तेज कर दी हैं। मिसरी ने बताया कि पीएम मोदी और कनाडा के पीएम मार्क कार्नी ने अपनी टीमों को बातचीत तेज करने के निर्देश दिए हैं।
यूरोपीय संघ के नेताओं के साथ पीएम मोदी की बैठक में दोनों पक्षों ने भारत-ईयू फ्री ट्रेड एग्रीमेंट को साल के अंत तक पूरा करने की प्रतिबद्धता जताई। वहीं, भारत और ब्रिटेन के बीच व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौता (CETA) 15 जुलाई से लागू होने की घोषणा हुई।
व्यापार के अलावा, पीएम मोदी ने वेस्ट एशिया में शांति और सुरक्षा की जरूरत पर जोर दिया। मिसरी ने बताया कि भारत ने अमेरिका और ईरान के बीच हालिया घटनाक्रम का स्वागत किया और क्षेत्र में स्थिरता की उम्मीद जताई।
समुद्री सुरक्षा भी चर्चा का अहम हिस्सा रही। पीएम मोदी ने वैश्विक व्यापार मार्गों और नाविकों की सुरक्षा पर जोर दिया। मिसरी ने बताया कि पीएम मोदी ने भारतीय नाविकों के योगदान को रेखांकित किया और उनकी सुरक्षा को वैश्विक प्राथमिकता बनाने की बात कही।
ईरान और इजराइल के बीच तनाव पर मिसरी ने कहा कि भारत सभी संबंधित पक्षों के साथ संपर्क में है और क्षेत्र में शांति बहाल करने के प्रयासों में मदद करने को तैयार है।
अंत में, भारत ने G7 समिट में तीन अहम दस्तावेजों को समर्थन दिया, जिनमें कैंसर रिसर्च, अफ्रीका में इबोला संकट और बच्चों के लिए डिजिटल स्पेस को सुरक्षित बनाने जैसे मुद्दे शामिल थे।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
पीएम मोदी फ्रांस दौरे पर क्या-क्या करने गए थे?
पीएम मोदी फ्रांस में G7 समिट में हिस्सा लेने गए थे। वहां उन्होंने अमेरिका, कनाडा, यूरोपीय संघ और ब्रिटेन जैसे देशों के नेताओं से द्विपक्षीय बैठकें कीं। इन मीटिंग्स में व्यापार समझौते, वेस्ट एशिया की सुरक्षा और समुद्री सुरक्षा जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई।
भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते की क्या स्थिति है?
भारत और अमेरिका एक अंतरिम फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर काफी प्रगति कर चुके हैं। यह समझौता अब अपने अंतिम चरण में है। अगले हफ्ते अमेरिकी ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव जैमीसन ग्रीर भारत आएंगे ताकि इन चर्चाओं को आगे बढ़ाया जा सके।
कनाडा और ब्रिटेन के साथ भारत के व्यापार समझौते क्या हैं?
कनाडा के साथ भारत एक व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौता (CEPA) साल के अंत तक पूरा करने की कोशिश कर रहा है। वहीं, भारत और ब्रिटेन के बीच व्यापार समझौता (CETA) 15 जुलाई से लागू हो गया है।
पीएम मोदी ने समुद्री सुरक्षा के बारे में क्या कहा?
पीएम मोदी ने वैश्विक व्यापार मार्गों और नाविकों की सुरक्षा पर जोर दिया। उन्होंने भारतीय नाविकों के योगदान को रेखांकित किया और उनकी सुरक्षा को वैश्विक प्राथमिकता बनाने की बात कही।
G7 समिट में भारत ने किन मुद्दों को समर्थन दिया?
भारत ने G7 समिट में तीन अहम दस्तावेजों को समर्थन दिया - कैंसर रिसर्च, अफ्रीका में इबोला संकट और बच्चों के लिए डिजिटल स्पेस को सुरक्षित बनाने जैसे मुद्दे।
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