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पीएलए की 100वीं सालगिरह से पहले ‘आधुनिक लॉन्ग मार्च’ की जरूरत बताई गई

विचार लेख में कहा गया है कि हाई-टेक दौर में चीन की ‘सक्रिय रक्षा’ को असरदार बनाए रखने के लिए पीएलए को आधुनिक लॉन्ग मार्च की जरूरत है।

पीएलए की 100वीं सालगिरह से पहले ‘आधुनिक लॉन्ग मार्च’ की जरूरत बताई गई
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चीन के सक्रिय रक्षा सिद्धांत का विकास

चीन के सक्रिय रक्षा सिद्धांत का विकास

पीएलए अपनी स्थापना की 100वीं सालगिरह के करीब पहुंच रही है। ऐसे में एक विचार लेख में कहा गया है कि उसे एक आधुनिक लॉन्ग मार्च पूरा करना होगा, ताकि हाई-टेक दौर में “सक्रिय रक्षा” निर्णायक बनी रहे।

लंबे समय तक सैन्य महत्व रखने वाला पीछे हटना

इस तर्क में चीन के सैन्य सिद्धांत को सैन्य इतिहास में हुई दो बड़ी वापसी की घटनाओं के संदर्भ में रखा गया है। कुछ लोग नाजी जर्मनी की घेराबंदी से डनकर्क में ब्रिटिश सेना के निकलने को आधुनिक इतिहास में सबसे बड़ी सैन्य वापसी मानते हैं।

डनकर्क को हार के मुंह से जीत छीन लेने की एक बड़ी मिसाल भी बताया जाता है। लेकिन डनकर्क से कई साल पहले चीनी रेड आर्मी ने लॉन्ग मार्च के नाम से एक सैन्य वापसी की थी। स्रोत के मुताबिक, यह वापसी ज्यादा प्रभावशाली और ज्यादा अहम नतीजों वाली थी।

यह तुलना इसलिए अहम है, क्योंकि चीन की सैन्य परंपरा में लॉन्ग मार्च सिर्फ इतिहास की एक घटना बनकर नहीं रह गया है। डनकर्क से लोगों को निकालने की घटना हॉलीवुड की फिल्मों और द्वितीय विश्व युद्ध से जुड़ी कहानियों में आज भी दिखाई देती है। इसके उलट, लॉन्ग मार्च दुनिया भर की सैन्य अकादमियों में पढ़ाया जाता है।

लॉन्ग मार्च से “सक्रिय रक्षा” तक

लॉन्ग मार्च को असमान युद्ध, विद्रोही लड़ाई और रणनीतिक राजनीतिक-सैन्य तालमेल के एक बुनियादी अध्ययन के तौर पर पेश किया गया है। स्रोत के मुताबिक, यह आग में पहली बड़ी परीक्षा थी, जिसके असर युद्ध के मैदान से कहीं आगे तक गए।

इसमें कहा गया है कि लॉन्ग मार्च ने सिर्फ माओ ज़ेदोंग के राजनीतिक करियर को फिर से खड़ा नहीं किया और उन्हें सबसे ऊंची राजनीतिक स्थिति तक पहुंचने का रास्ता ही नहीं बनाया। इसने “सक्रिय रक्षा” को चीनी कम्युनिस्ट सेना के मुख्य सिद्धांत के तौर पर भी मजबूती से स्थापित किया।

यह सिद्धांत आज भी चीन की रणनीतिक योजना का मार्गदर्शन करता है। पीएलए अपनी स्थापना की 100वीं सालगिरह के करीब पहुंच रही है। ऐसे में विचार लेख में प्रस्तावित आधुनिक लॉन्ग मार्च को इस सिद्धांत को हाई-टेक दौर में प्रभावी बनाए रखने के लिए जरूरी बताया गया है।

स्रोत: South China Morning Post

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पीएलए की 100वीं सालगिरह से पहले क्या जरूरत बताई गई है?

विचार लेख में हाई-टेक दौर में “सक्रिय रक्षा” को प्रभावी बनाए रखने के लिए एक आधुनिक लॉन्ग मार्च की जरूरत बताई गई है।

लॉन्ग मार्च का चीन की सैन्य परंपरा में क्या महत्व है?

लॉन्ग मार्च को असमान युद्ध, विद्रोही लड़ाई और रणनीतिक राजनीतिक-सैन्य तालमेल का अहम अध्ययन माना जाता है।

लॉन्ग मार्च से किस सैन्य सिद्धांत को मजबूती मिली?

लॉन्ग मार्च ने “सक्रिय रक्षा” को चीनी कम्युनिस्ट सेना के मुख्य सिद्धांत के तौर पर मजबूत किया।

डनकर्क और लॉन्ग मार्च की तुलना क्यों की गई है?

दोनों घटनाएं सैन्य वापसी से जुड़ी थीं, लेकिन लेख के मुताबिक लॉन्ग मार्च ज्यादा प्रभावशाली और अहम नतीजों वाला था।

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