जाली नोट केस में नेपाली नागरिक को 9 साल 7 माह की सजा
लखनऊ में जाली नोटों की सप्लाई के मामले में नेपाली नागरिक शेख जावेद इकबाल उर्फ अशफाक अंसारी को 9 साल 7 माह की सजा सुनाई गई है।
लखनऊ में जाली नोटों की सप्लाई के मामले में नेपाली नागरिक शेख जावेद इकबाल उर्फ अशफाक अंसारी को 9 साल 7 माह की सजा सुनाई गई है। ATS कोर्ट के विशेष न्यायाधीश ने दोषी पर 30 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। कोर्ट ने यह फैसला 22 अक्टूबर 2026 को सुनाया।
ATS ने शेख जावेद इकबाल को 23 फरवरी 2015 को 26 लाख 3 हजार 500 रुपये के जाली नोटों के साथ गिरफ्तार किया था। उसकी गिरफ्तारी इंडो-नेपाल बॉर्डर के सोनौली, महाराजगंज से हुई थी।
इस मामले में थाना ATS लखनऊ में मुकदमा संख्या 01/2015 दर्ज किया गया था। केस में धारा 489B और 489C लगाई गई थीं। जांच के दौरान बरामद जाली नोट हाई क्वालिटी के पाए गए। ये नोट विदेशी आयातित पाए गए, जिसके बाद मामले में UAPA की धारा 16 भी बढ़ाई गई।
दोषी शेख जावेद नारायणी परसा, बेलवा, नेपाल का निवासी है। उसका हाल का पता मेहताबबाग, हुसैनाबाद, लखनऊ बताया गया है। ATS की प्रभावी पैरवी के बाद कोर्ट ने उसे यह सजा सुनाई।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
जाली नोट केस में किसे सजा सुनाई गई?
नेपाली नागरिक शेख जावेद इकबाल उर्फ अशफाक अंसारी को 9 साल 7 माह की सजा सुनाई गई।
कोर्ट ने दोषी पर कितना जुर्माना लगाया?
कोर्ट ने शेख जावेद इकबाल पर 30 हजार रुपये का जुर्माना लगाया।
शेख जावेद इकबाल को कब और कहां गिरफ्तार किया गया था?
ATS ने उसे 23 फरवरी 2015 को इंडो-नेपाल बॉर्डर के सोनौली, महाराजगंज से गिरफ्तार किया था। उसके पास 26 लाख 3 हजार 500 रुपये के जाली नोट मिले थे।
इस मामले में कौन-कौन सी धाराएं लगाई गई थीं?
मामले में धारा 489B और 489C लगाई गई थीं। बाद में UAPA की धारा 16 भी बढ़ाई गई।
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