नरोत्तम मिश्रा बोले- ब्राह्मणों ने राज नहीं किया, शोषण कैसे किया
मध्यप्रदेश के पूर्व गृह मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने शिवपुरी में ब्राह्मण समाज के कार्यक्रम में ब्राह्मणों पर लगाए जाने वाले शोषण के आरोपों को लेकर बड़ा बयान दिया।
मध्यप्रदेश के पूर्व गृह मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने शिवपुरी में ब्राह्मण समाज के कार्यक्रम में ब्राह्मणों पर लगाए जाने वाले शोषण के आरोपों को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने सवाल उठाया कि सतयुग, त्रेता युग, द्वापर युग और कलियुग, चारों युगों में जब ब्राह्मणों ने राज ही नहीं किया, तो फिर उन्होंने शोषण कैसे कर दिया?
शिवपुरी में हुए इस कार्यक्रम में नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि ब्राह्मण शासक नहीं रहे, बल्कि संस्कृति के वाहक रहे हैं। उन्होंने कहा कि देश के इतिहास में अलग-अलग राजवंशों और शासकों ने शासन किया, लेकिन ब्राह्मणों को हमेशा शासक के रूप में दिखाना ठीक नहीं है। उनका कहना था कि जब सत्ता ब्राह्मणों के हाथ में नहीं थी, तो पूरे समाज के शोषण का आरोप ब्राह्मणों पर कैसे लगाया जा सकता है।
नरोत्तम मिश्रा ने अपने संबोधन में कहा कि चारों युगों में ब्राह्मणों ने राज नहीं किया। इसी बात को आधार बनाते हुए उन्होंने पूछा कि अगर ब्राह्मण सत्ता में नहीं थे, तो शोषण करने का आरोप उन पर किस तरह लगाया जा रहा है। उन्होंने इस मुद्दे को ब्राह्मण समाज के इतिहास, परंपरा और सामाजिक भूमिका से जोड़ते हुए रखा।
कार्यक्रम में मिश्रा ने मौजूदा व्यवस्था का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि देश में पिछले करीब 70 वर्षों से संविधान के अनुसार शासन व्यवस्था चल रही है। ऐसे में आज भी जब सामाजिक शोषण की चर्चा होती है, तो ब्राह्मण समाज को कटघरे में खड़ा किए जाने पर सवाल उठना स्वाभाविक है। उन्होंने पूछा कि जब शासन संविधान के हिसाब से चल रहा है, तब भी ब्राह्मणों पर शोषण का आरोप क्यों लगाया जाता है।
नरोत्तम मिश्रा ने ब्राह्मण समाज को “शासक नहीं, संस्कृति का वाहक” बताया। उन्होंने कहा कि समाज को अपने इतिहास, अपनी परंपरा और अपने योगदान को लेकर आत्मविश्वास बनाए रखना चाहिए। उनके मुताबिक, ब्राह्मण समाज की पहचान सत्ता से नहीं, बल्कि संस्कृति और ज्ञान की परंपरा से जुड़ी रही है।
अपने संबोधन में उन्होंने ब्राह्मण समाज की एकजुटता पर भी जोर दिया। मिश्रा ने कहा कि समाज के खिलाफ लगातार टिप्पणियां की जा रही हैं। ब्राह्मण समाज संयम के साथ अपनी बात रखता आया है, लेकिन उसकी खामोशी को कमजोरी समझना भूल होगी। उन्होंने साफ कहा कि समाज की खामोशी को कमजोरी न समझें।
नरोत्तम मिश्रा ने भगवान परशुराम का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि ब्राह्मण समाज के पास शास्त्र और शस्त्र दोनों का ज्ञान रहा है। इसके साथ ही उन्होंने समाज के अलग-अलग वर्गों के बीच बंटवारे को खत्म कर एकजुट होने की अपील की। उनका कहना था कि समाज को आपसी मतभेदों से ऊपर उठकर साथ चलना चाहिए।
मिश्रा ने ब्राह्मण समाज के भीतर मौजूद अलग-अलग वर्गों का भी नाम लेकर जिक्र किया। उन्होंने सनाढ्य, भार्गव, कान्यकुब्ज आदि नामों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन नामों में बंटने के बजाय समाज को एकजुट होकर आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि संगठन में ताकत होती है और समाज को छोटे-छोटे मतभेद पीछे छोड़ने चाहिए।
अपने चिर-परिचित शायराना अंदाज में नरोत्तम मिश्रा ने ब्राह्मण समाज की आलोचना करने वालों पर भी तंज कसा। उन्होंने कहा: “जुगनुओं ने शराब पी ली है, अब तो सूरज को गालियां देंगे।” इस लाइन के जरिए उन्होंने ब्राह्मण समाज के खिलाफ की जा रही टिप्पणियों पर अपनी नाराजगी जाहिर की। उनका संदेश था कि ब्राह्मण समाज को गलत तरीके से निशाना बनाया जा रहा है।
मिश्रा ने मंदिरों पर कब्जे और समाज को जातियों में बांटने जैसे आरोपों का भी जिक्र किया। उन्होंने सवाल किया कि अगर ब्राह्मणों ने मंदिरों पर कब्जा किया होता, तो सबसे अधिक मंदिर भगवान परशुराम के होने चाहिए थे। उन्होंने जाति प्रमाण पत्र की व्यवस्था का उल्लेख करते हुए भी अपनी बात रखी।
कार्यक्रम में नरोत्तम मिश्रा ने ब्राह्मण समाज की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने समाज को “विश्वास का ब्रांड” बताया। उन्होंने रामायण और महाभारत के प्रसंगों का उल्लेख करते हुए ब्राह्मण वेश से जुड़े उदाहरण भी दिए। उनका कहना था कि ब्राह्मण समाज की भूमिका को केवल आरोपों के आधार पर नहीं देखा जाना चाहिए।
शिवपुरी के इस ब्राह्मण समाज कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समाज के लोग मौजूद रहे। नरोत्तम मिश्रा ने अपने भाषण में बार-बार समाज की एकता, आत्मविश्वास और अपनी परंपरा पर गर्व करने की बात कही। उन्होंने कहा कि समाज को बांटने के बजाय जोड़ने की जरूरत है और ब्राह्मण समाज को अपने योगदान को लेकर किसी तरह के संकोच में नहीं रहना चाहिए।
पूर्व गृह मंत्री का यह बयान ऐसे समय सामने आया है, जब जातीय प्रतिनिधित्व, सामाजिक पहचान और राजनीतिक भागीदारी को लेकर सार्वजनिक बहस जारी है। शिवपुरी में दिए गए उनके इस बयान के बाद “ब्राह्मणों ने राज नहीं किया तो शोषण कैसे किया” वाला सवाल राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
नरोत्तम मिश्रा ने ब्राह्मण समाज को लेकर क्या बड़ा बयान दिया है?
नरोत्तम मिश्रा ने कहा है कि चारों युगों में ब्राह्मणों ने कभी राज नहीं किया, इसलिए उन पर शोषण करने का आरोप लगाना बिल्कुल गलत है।
नरोत्तम मिश्रा के अनुसार ब्राह्मण समाज की असली भूमिका क्या रही है?
उन्होंने कहा कि ब्राह्मण कभी शासक नहीं रहे, बल्कि वे हमेशा से हमारी संस्कृति और ज्ञान के वाहक रहे हैं।
नरोत्तम मिश्रा ने ब्राह्मण समाज से क्या अपील की है?
उन्होंने समाज से अपील की है कि वे सनाढ्य, भार्गव जैसे आपसी भेदों को छोड़कर एकजुट होकर आगे बढ़ें।
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