भीड़ सुरक्षा को लेकर मैसूरु में जंबू सवारी रूट का जायजा
मैसूरु में दशहरा जंबू सवारी से पहले अधिकारियों ने रूट का निरीक्षण किया। भीड़, पेड़ों-इमारतों पर चढ़ने और हेरिटेज ढांचों की सुरक्षा पर चर्चा हुई।
भीड़ की सुरक्षा से जुड़ी चिंताओं के बीच अधिकारियों ने जंबू सवारी रूट का निरीक्षण किया
दशहरा उत्सव की तैयारियां जब भीड़ की सुरक्षा की समीक्षा के चरण में पहुंचीं, तब सीनियर पुलिस और सिविक अधिकारियों ने मंगलवार को मैसूरु के जंबू सवारी जुलूस रूट का निरीक्षण किया।
अधिकारियों ने जुलूस के अहम हिस्से की समीक्षा की
पुलिस कमिश्नर सीमा लटकर, एमसीसी कमिश्नर एम.के. सविता, डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस हर्षा प्रियंवदा और सुंदर राज, और अन्य अधिकारियों ने सय्याजी राव रोड का दौरा किया। यह जंबू सवारी रूट का एक अहम हिस्सा है।
जंबू सवारी के दौरान इस हिस्से में भारी भीड़ जुटती है। इसी वजह से उत्सव से पहले यह पुलिस और सिविक अधिकारियों के लिए खास ध्यान वाला इलाका बन गया है।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने भीड़ में संभावित बढ़ोतरी को संभालने और दर्शकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उपायों पर चर्चा की।
पेड़ों, इमारतों और हेरिटेज ढांचों पर फोकस
अधिकारियों ने रूट के किनारे पेड़ों और इमारतों पर लोगों को चढ़ने से रोकने की व्यवस्थाओं की समीक्षा की, ताकि लोग जुलूस को बेहतर तरीके से देखने के लिए ऊपर न चढ़ें।
यह चिंता अहम है, क्योंकि रूट के किनारे कई हेरिटेज ढांचे हैं, जिनमें सौ साल पुराना देवराजा मार्केट भी शामिल है।
पुलिस और सिविक अधिकारी ऐसे उपायों पर काम कर रहे हैं, जिनसे यह सुनिश्चित किया जा सके कि दर्शक इमारतों या पेड़ों पर न चढ़ें।
बताया गया मकसद दोनों है, ढांचों की सुरक्षा करना और भारी भीड़ के बीच हादसों को रोकना।
रिहर्सल में भी पहले से बड़ी भीड़ जुट रही है
अधिकारियों के लिए भीड़ को संभालना बड़ी चुनौती बना हुआ है, क्योंकि दशहरा हाथियों से जुड़ी सामान्य रिहर्सल में भी बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं।
इन जुटान में वे लोग भी शामिल होते हैं, जो शानदार जानवरों की एक झलक देखने के लिए उत्सुक रहते हैं।
जंबू सवारी के दिन भीड़ काफी ज्यादा होने की उम्मीद है।
जुलूस रूट पर भारी भीड़ रहने की संभावना
लगभग पांच-किमी लंबा जुलूस रूट मैसूरु पैलेस से बन्नीमंटप तक जाता है।
भव्य जुलूस के दौरान इसके दर्शकों से भरे रहने की उम्मीद है।
लोगों के रूट के किनारे खड़े होकर सजे हुए हाथियों, गोल्डन अंबारी, सांस्कृतिक और लोक मंडलियों, झांकियों और अन्य आकर्षणों को देखने की उम्मीद है।
इसलिए निरीक्षण का फोकस उसी रूट पर रहा, जहां मैसूरु दशहरा के दौरान औपचारिक जुलूस, हेरिटेज इमारतें और बड़ी सार्वजनिक भीड़ एक साथ आने की उम्मीद है।
स्रोत: The Hindu
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
मैसूरु में अधिकारियों ने जंबू सवारी रूट का निरीक्षण क्यों किया?
भीड़ की सुरक्षा को लेकर चिंता थी। दशहरा से पहले अधिकारियों ने देखा कि जुलूस के दौरान भारी भीड़ को कैसे संभाला जाए और दर्शकों को सुरक्षित कैसे रखा जाए।
निरीक्षण में कौन-कौन अधिकारी शामिल थे?
पुलिस कमिश्नर सीमा लटकर, MCC कमिश्नर एम.के. सविता, DCP हर्षा प्रियंवदा और सुंदर राज समेत कई अधिकारी निरीक्षण में शामिल थे।
जंबू सवारी रूट का कौन सा हिस्सा खास ध्यान में रहा?
सय्याजी राव रोड पर खास ध्यान दिया गया, क्योंकि यह जंबू सवारी रूट का अहम हिस्सा है और यहां भारी भीड़ जुटने की उम्मीद है।
अधिकारियों को पेड़ों और इमारतों को लेकर क्या चिंता है?
चिंता है कि लोग जुलूस देखने के लिए पेड़ों और इमारतों पर चढ़ सकते हैं। इससे हादसे हो सकते हैं और हेरिटage ढांचों को नुकसान भी पहुंच सकता है।
जंबू सवारी रूट कितना लंबा है और कहां से कहां तक जाता है?
जुलूस रूट करीब पांच किलोमीटर लंबा है। यह मैसूरु पैलेस से बन्नीमंटप तक जाता है।
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