यतींद्र सिद्धारमैया बोले- शांति और सद्भाव के लिए गांधीवादी मूल्य जरूरी
मंत्री यतींद्र सिद्धारमैया ने मैसूरु में कहा कि शांति और सद्भाव के लिए सत्य, अहिंसा और सभी धर्मों के सम्मान को जीवन में अपनाना जरूरी है।
शांति और सांप्रदायिक सद्भाव के लिए गांधीवादी मूल्य जरूरी: मंत्री
मैसूरु जिले के प्रभारी मंत्री यतींद्र सिद्धारमैया ने कहा कि शांति और सांप्रदायिक सद्भाव तभी सुनिश्चित हो सकते हैं, जब लोग महात्मा गांधी के सत्य, अहिंसा और सभी धर्मों के लिए बराबर सम्मान के सिद्धांतों को अपने जीवन में अपनाएं।
वह टाउन हॉल में गांधी जयंती के मौके पर आयोजित प्रार्थना सभा में बोल रहे थे।
डॉ. यतींद्र ने कहा कि सभी धर्म एक ही ईश्वर तक पहुंचते हैं और उनकी तुलना उन नदियों से की जा सकती है, जो एक ही समुद्र में जाकर मिलती हैं।
उन्होंने कहा कि धर्म के आधार पर श्रेष्ठता या हीनता की भावनाओं से समाज को बांटा नहीं जाना चाहिए।
संविधान और गांधी का संदेश
डॉ. यतींद्र ने कहा कि संविधान हर व्यक्ति को अपनी आस्था और विश्वास के मुताबिक जीवन जीने का अधिकार देता है।
उन्होंने कहा, “समाज में हर व्यक्ति को शांति और सद्भाव के साथ रहने में सक्षम होना चाहिए।”
उनकी बातों में आस्था और विश्वास को मिले संवैधानिक संरक्षण को लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी में एक-दूसरे का सम्मान करने की जरूरत से जोड़ा गया।
दुनिया भर में चल रहे संघर्षों और युद्धों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि गांधी का दर्शन और उनके सिद्धांत हिंसा, अशांति और मतभेद से निपटने की दिशा में रास्ता दिखाते हैं।
मंत्री के संदेश में ऐसे तनावों से निपटने की कोशिशों के केंद्र में सत्य, अहिंसा और सभी धर्मों के लिए बराबर सम्मान को रखा गया।
नरसिम्हाराजा के विधायक तनवीर सैत ने कहा कि गांधी के सिद्धांत और आदर्श, जिनकी मदद से भारत ने अहिंसा के जरिए आजादी हासिल की, आज भी प्रासंगिक बने हुए हैं।
उन्होंने कहा कि लोगों को अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में धैर्य, सहनशीलता और प्रेम की भाषा को अपनाना चाहिए।
श्री सैत ने युवाओं और छात्रों से गांधी के जीवन और उनके विचारों का अध्ययन करने तथा उन्हें अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में शामिल करने की कोशिश करने की अपील की।
अंतरधार्मिक प्रार्थना और नागरिक सम्मान
अलग-अलग धर्मों के प्रतिनिधियों ने कार्यक्रम में हिस्सा लिया और अंतरधार्मिक प्रार्थना कराई।
कार्यक्रम में गांधी जयंती के मौके पर सूचना और जनसंपर्क विभाग की ओर से आयोजित निबंध प्रतियोगिता में हिस्सा लेने वाले छात्रों का सम्मान भी किया गया।
डॉ. यतींद्र ने प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कार बांटे।
शहर में साफ-सफाई बनाए रखने में जुटे पौरकर्मिकों को सुरक्षा किट भी बांटी गईं।
विधायक के. हरीश गौड़ा, उपायुक्त जी. लक्ष्मीकांत रेड्डी, जिला पंचायत के सीईओ युकेश कुमार और सिटी पुलिस कमिश्नर सीमा लाटकर मौजूद रहे।
पुलिस अधीक्षक मल्लिकार्जुन बालदंडी, एमसी कमिश्नर एम.के. सविता, सूचना और जनसंपर्क विभाग के उप निदेशक विनोद चंद्र और सहायक निदेशक निर्मला एस.एच. भी मौजूद रहे।
कार्यक्रम में दूसरे लोग भी शामिल हुए।
स्रोत: The Hindu
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
यतींद्र सिद्धारमैया ने शांति और सांप्रदायिक सद्भाव के लिए किन मूल्यों को जरूरी बताया?
उन्होंने सत्य, अहिंसा और सभी धर्मों के लिए बराबर सम्मान को जरूरी बताया।
यतींद्र सिद्धारमैया ने ये बातें किस कार्यक्रम में कहीं?
उन्होंने मैसूरु के टाउन हॉल में गांधी जयंती पर आयोजित प्रार्थना सभा में ये बातें कहीं।
धर्मों के बारे में यतींद्र सिद्धारमैया ने क्या कहा?
उन्होंने कहा कि सभी धर्म एक ही ईश्वर तक पहुंचते हैं और उन्हें एक ही समुद्र में मिलने वाली नदियों जैसा माना जा सकता है।
कार्यक्रम में पौरकर्मिकों को क्या दिया गया?
शहर में साफ-सफाई बनाए रखने वाले पौरकर्मिकों को सुरक्षा किट दी गईं।
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