मोहन यादव का आरोप, कांग्रेस हार का ठीकरा आयोग पर फोड़ती है
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जंतर-मंतर पर कांग्रेस के प्रदर्शन और चुनाव आयोग पर लगाए जा रहे आरोपों को लेकर कांग्रेस पर तीखा पलटवार किया है।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जंतर-मंतर पर कांग्रेस के प्रदर्शन और चुनाव आयोग पर लगाए जा रहे आरोपों को लेकर कांग्रेस पर तीखा पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को अपनी हार का ठीकरा चुनाव आयोग पर फोड़ने के बजाय आत्ममंथन करना चाहिए।
डॉ. मोहन यादव ने तंज कसते हुए कहा, “हार में आयोग दोषी, जीत में आयोग सही? ये कांग्रेस का दोहरा चरित्र है।” मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस जब चुनाव जीतती है, तब उसे चुनाव आयोग निष्पक्ष नजर आता है और ईवीएम भी सही होती है।
उन्होंने कहा कि जैसे ही कांग्रेस को चुनाव में हार मिलती है, वह पूरी जिम्मेदारी चुनाव आयोग और ईवीएम पर डाल देती है। मुख्यमंत्री के मुताबिक, कांग्रेस का यह रवैया सही नहीं है और उसे अपनी हार की वजहों पर खुद विचार करना चाहिए।
डॉ. यादव ने कहा कि देश की जनता ने कांग्रेस को नकार दिया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के पास अब कोई मुद्दा नहीं बचा है। इसी वजह से वह संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाकर लोकतंत्र को बदनाम करने की कोशिश कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस को चुनाव आयोग पर आरोप लगाने और सड़क पर हंगामा करने के बजाय अपनी नीतियों पर विचार करना चाहिए। उन्होंने कांग्रेस से कहा कि वह हार का ठीकरा आयोग पर फोड़ने के बजाय आत्ममंथन करे।
जंतर-मंतर पर कांग्रेस के प्रदर्शन के दौरान चुनाव आयोग को लेकर लगाए जा रहे आरोपों के बीच मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का यह बयान सामने आया है। उन्होंने कांग्रेस के रुख को दोहरा चरित्र बताते हुए चुनावी हार की जिम्मेदारी पर सवाल उठाए।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
मोहन यादव ने कांग्रेस से क्या करने को कहा?
उन्होंने कांग्रेस से हार का ठीकरा चुनाव आयोग पर फोड़ने के बजाय आत्ममंथन करने को कहा।
मोहन यादव ने कांग्रेस के रवैये को क्या बताया?
उन्होंने कांग्रेस के रवैये को दोहरा चरित्र बताया।
मोहन यादव के मुताबिक कांग्रेस चुनाव आयोग पर कब सवाल उठाती है?
उनके मुताबिक कांग्रेस चुनाव हारने के बाद चुनाव आयोग और EVM पर सवाल उठाती है।
मोहन यादव ने कांग्रेस पर लोकतंत्र को बदनाम करने का आरोप क्यों लगाया?
उन्होंने कहा कि कांग्रेस संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाकर लोकतंत्र को बदनाम करने की कोशिश कर रही है।
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