मेट्टूर डैम 12 जून को डेल्टा सिंचाई के लिए नहीं खुलेगा
मेट्टूर डैम से 12 जून को डेल्टा सिंचाई के लिए पानी नहीं छोड़ा जाएगा। हर साल इस तारीख को डैम से पानी छोड़ा जाता है, लेकिन इस बार जल स्तर कम होने के कारण यह फैसला लिया गया है।
मेट्टूर डैम से 12 जून को डेल्टा सिंचाई के लिए पानी नहीं छोड़ा जाएगा। हर साल इस तारीख को डैम से पानी छोड़ा जाता है, लेकिन इस बार जल स्तर कम होने के कारण यह फैसला लिया गया है। पानी संसाधन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि डैमें पानी का स्तर 80 फीट से भी कम है और कैचमेंट एरिया में पर्याप्त बारिश नहीं हुई है।
गुरुवार, 11 जून तक डैम का जल स्तर 79.62 फीट दर्ज किया गया, जबकि इसकी कुल क्षमता 120 फीट है। जलाशय में पानी का भंडारण 41.57 टीएमसी है, जो इसकी कुल क्षमता 93.47 टीएमसी से काफी कम है। अधिकारियों ने कहा कि सरकार हालात का दोबारा आकलन करेगी और अगर आने वाले दिनों में भारी बारिश होती है, तो पानी छोड़ने पर विचार किया जाएगा।
मेट्टूर डैम के 93 साल के इतिहास में केवल 20 बार 12 जून को पानी छोड़ा गया है। 11 बार यह काम तय तारीख से पहले हुआ, जबकि 61 बार 12 जून के बाद पानी छोड़ा गया। इस साल 62वीं बार यह शेड्यूल मिस हुआ है।
फिलहाल, कावेरी नदी में पीने के पानी के लिए 1,000 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। हालांकि, डैमें पानी का इनफ्लो भी घटकर 424 क्यूसेक रह गया है। अधिकारियों का कहना है कि किसान और अन्य संबंधित पक्षों को स्थिति के बारे में सूचित कर दिया गया है।
इस फैसले से डेल्टा क्षेत्र के किसानों को मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है, क्योंकि उनकी फसलों के लिए डैम से छोड़ा जाने वाला पानी बेहद अहम है। सरकार ने भरोसा दिलाया है कि हालात सुधरते ही जरूरी कदम उठाए जाएंगे।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
मेट्टूर डैम से 12 जून को पानी क्यों नहीं छोड़ा जाएगा?
डैम में पानी का स्तर 79.62 फीट है जो 120 फीट की कुल क्षमता से बहुत कम है। जलाशय में सिर्फ 41.57 टीएमसी पानी है जबकि कुल क्षमता 93.47 टीएमसी है। इसके अलावा कैचमेंट एरिया में पर्याप्त बारिश नहीं हुई है।
क्या यह पहली बार है कि 12 जून को पानी नहीं छोड़ा जा रहा है?
नहीं, मेट्टूर डैम के 93 साल के इतिहास में यह 62वीं बार हो रहा है। डैम के इतिहास में सिर्फ 20 बार ही 12 जून को पानी छोड़ा गया है, जबकि 61 बार यह काम 12 जून के बाद हुआ।
इस फैसले से किसानों को क्या परेशानी हो सकती है?
डेल्टा क्षेत्र के किसानों को मुश्किलें आ सकती हैं क्योंकि उनकी फसलों के लिए डैम से छोड़ा जाने वाला पानी बहुत जरूरी है। अभी डैम में पानी का स्तर कम है इसलिए सिंचाई के लिए पानी देना मुश्किल है।
क्या सरकार भविष्य में पानी छोड़ने पर विचार करेगी?
हां, सरकार आने वाले दिनों में हालात का दोबारा आकलन करेगी। अगर भारी बारिश हो जाए तो डैम से पानी छोड़ने पर विचार किया जाएगा। अभी कावेरी नदी में पीने के पानी के लिए 1,000 क्यूसेक पानी दिया जा रहा है।
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