सागर की मंजला पंचायत में आवास योजना में अनियमितता के आरोप
सागर के बंडा ब्लॉक की ग्राम पंचायत मंजला में प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर अनियमितता के आरोप सामने आए हैं।
सागर के बंडा ब्लॉक की ग्राम पंचायत मंजला में प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर अनियमितता के आरोप सामने आए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि गरीब परिवार आज भी झोपड़ियों में रहने को मजबूर हैं, जबकि सरकारी फाइलों में योजनाएं पूरी बताई जा रही हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि योजना के पात्र लोगों को सूची से हटा दिया गया और अपात्र लोगों को लाभ बांटा गया।
सरकार कह रही है, “आखिरी आदमी तक योजना पहुंचेगी, पक्की छत मिलेगी...” लेकिन मंजला पंचायत के ग्रामीणों के मुताबिक, जमीन और पक्के मकान से वंचित परिवार अब भी प्रधानमंत्री आवास योजना का इंतजार कर रहे हैं। इन परिवारों के पास खुद की एक गज जमीन नहीं है। सिर छिपाने के लिए पक्की छत भी नहीं है। ऐसे में प्रधानमंत्री आवास योजना ही उनके लिए आखिरी उम्मीद बनी हुई है।
ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने योजना का लाभ लेने के लिए कई बार आवेदन दिए। इसके बाद पंचायत के चक्कर भी लगाए गए, लेकिन हर बार उन्हें सिर्फ आश्वासन मिला। ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि जब सरकार गरीबों के लिए पैसा दे रही है, तो मंजला के जरूरतमंद लोगों तक वह क्यों नहीं पहुंच रहा है।
ग्रामीणों ने पंचायत के जिम्मेदार लोगों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े किए हैं। सरपंच अजय कुमार मिश्रा, सचिव अरविंद साहू और रोजगार सहायक पर ग्रामीणों ने भ्रष्टाचार और लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका आरोप है कि सर्वे के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की गई। जरूरतमंद परिवारों की अनदेखी की गई और पात्र लोगों को आवास की सूची से बाहर कर दिया गया।
ग्रामीणों का कहना है कि अगर सही तरीके से सर्वे किया जाता, तो जमीन और पक्के मकान से वंचित परिवारों को योजना का लाभ मिल सकता था। उनका आरोप है कि आवास योजना की सूची तैयार करने में पारदर्शिता नहीं बरती गई।
हालांकि, इन आरोपों पर पंचायत पक्ष का जवाब अभी आना बाकी है। सरपंच अजय कुमार मिश्रा, सचिव अरविंद साहू और रोजगार सहायक की ओर से इस मामले में कोई जवाब सामने नहीं आया है।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मामले की जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा है, “कलेक्टर साहब, जरा इधर भी देखो!” ग्रामीणों ने मंजला पंचायत में पीएम आवास और अन्य योजनाओं की पूरी जांच कराने की मांग रखी है।
इसके साथ ही ग्रामीणों ने पात्र हितग्राहियों की सूची सार्वजनिक करने और किसी की लापरवाही मिलने पर कार्रवाई करने की मांग की है। ग्रामीणों के सामने अब बड़ा सवाल यही है कि क्या मंजला में गरीबों के हक पर जिम्मेदार बैठे हैं और क्या सर्वे में खेल किया गया।
इस मामले में ग्रामीण, मंजला की बाईट और वीरेंद्र सिंह लंबरदार, विधायक बंडा की बाईट भी सामने आनी है। अब देखना होगा कि जिला प्रशासन इस मामले में जांच शुरू करता है या मंजला के गरीब परिवार योजनाओं के इंतजार में यूं ही टकटकी लगाए रहेंगे।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
मंजला पंचायत में किस योजना को लेकर अनियमितता के आरोप लगे हैं?
सागर के बंडा ब्लॉक की मंजला ग्राम पंचायत में प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर अनियमितता के आरोप लगे हैं।
ग्रामीणों ने योजना को लेकर क्या आरोप लगाए हैं?
ग्रामीणों का आरोप है कि पात्र लोगों को सूची से हटा दिया गया और अपात्र लोगों को योजना का लाभ दिया गया।
ग्रामीणों ने पंचायत के किन लोगों पर आरोप लगाए हैं?
ग्रामीणों ने सरपंच अजय कुमार मिश्रा, सचिव अरविंद साहू और रोजगार सहायक पर भ्रष्टाचार और लापरवाही के आरोप लगाए हैं।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से क्या मांग की है?
ग्रामीणों ने मंजला पंचायत में पीएम आवास और दूसरी योजनाओं की जांच, पात्र हितग्राहियों की सूची सार्वजनिक करने और लापरवाही मिलने पर कार्रवाई की मांग की है।
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