लूप रोड के मछुआरे प्रस्तावित सचिवालय के खिलाफ रविवार को काले झंडे दिखाएंगे
चेन्नई के फोरशोर एस्टेट में प्रस्तावित सचिवालय के खिलाफ मछुआरे रविवार को काले झंडे दिखाएंगे और जमीन व मकान की मांग उठाएंगे।
नोचिकुप्पम और श्रीनिवासपुरम के बीच बसे गांवों के मछुआरों से रविवार को फोरशोर एस्टेट में प्रस्तावित सचिवालय के खिलाफ शांतिपूर्ण काले झंडे के विरोध प्रदर्शन में शामिल होने को कहा गया है। मछुआरों ने इस प्रस्ताव का कड़ा विरोध किया है और सभी गांवों से प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की है।
इस विरोध प्रदर्शन में उनकी यह मांग मुख्य रूप से उठाई जाएगी कि राज्य सरकार मुल्लिकुप्पम और मुल्लिमानगर की जमीनें गांवों को वापस करे। मछुआरे चाहते हैं कि इन जमीनों को उनके गांवों के आगे होने वाले विस्तार के लिए अलग रखा जाए।
जमीन और मकान से जुड़ी मांगें
मछुआरों की मांगों में मरीना लूप रोड के किनारे रहने वाले लोगों के लिए मकान बनाना भी शामिल है। उनका कहना है कि इलाके में बने ज्यादातर मकान 40 से 50 साल पहले बनाए गए थे। नए मकानों की मांग उन चिंताओं का हिस्सा है, जिन्हें उन्होंने मुख्यमंत्री की स्पेशल सेल के सामने रखा है।
मछुआरा नेताओं जी.आर. विजय और के. भारती ने कहा, “हमें उम्मीद है कि सरकार इस मुद्दे पर सकारात्मक फैसला लेगी। चूंकि इस मामले में सबसे ज्यादा जुड़े लोग हम ही हैं, इसलिए हमारी अपील है कि सरकार इतना बड़ा फैसला लेने से पहले हमारी शिकायतें सुनने के लिए किसी को नियुक्त करे। हम सिर्फ इसलिए प्रदर्शन कर रहे हैं क्योंकि किसी ने भी इस मुद्दे पर हमसे बात नहीं की है।”
विरोध प्रदर्शनों की पूरी श्रृंखला की तैयारी
नोचिकुप्पम, भवानीकुप्पम, डोमिंगकुप्पम, राजीव गांधी नगर, मुल्लिकुप्पम/श्रीनिवासपुरम, मुल्लिमानगर, नंबिकाई नगर, सेल्वराजपुरम और इरुदयापुरम के मछुआरों ने विरोध प्रदर्शनों की एक पूरी श्रृंखला की योजना बनाई है। इन प्रदर्शनों का मकसद मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय का ध्यान अपनी मांगों की ओर खींचना है। मछुआरों ने कहा है कि प्रस्तावित सचिवालय पर कोई फैसला लिए जाने से पहले उनकी शिकायतें सुनी जानी चाहिए।
स्रोत: The Hindu
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
लूप रोड के मछुआरे रविवार को विरोध प्रदर्शन क्यों करेंगे?
वे फोरशोर एस्टेट में प्रस्तावित सचिवालय के खिलाफ शांतिपूर्ण काले झंडे दिखाकर विरोध करेंगे।
मछुआरों की जमीन से जुड़ी मुख्य मांग क्या है?
वे चाहते हैं कि राज्य सरकार मुल्लिकुप्पम और मुल्लिमानगर की जमीनें गांवों को वापस करे और गांवों के आगे विस्तार के लिए अलग रखे।
मछुआरों ने मकानों को लेकर क्या मांग रखी है?
उन्होंने मरीना लूप रोड के किनारे रहने वाले लोगों के लिए नए मकान बनाने की मांग की है।
मछुआरे सरकार से क्या अपील कर रहे हैं?
वे चाहते हैं कि प्रस्तावित सचिवालय पर फैसला लेने से पहले सरकार उनकी शिकायतें सुने और इस मुद्दे पर किसी को बातचीत के लिए नियुक्त करे।
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