बिलासपुर में सीईसी के खिलाफ वामपंथियों का प्रदर्शन, वोट कटने का आरोप
बिलासपुर, हिमाचल प्रदेश में विभिन्न वामपंथी जनसंगठनों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर लगाए गए आरोपों के विरोध में प्रदर्शन किया।
बिलासपुर, हिमाचल प्रदेश में विभिन्न वामपंथी जनसंगठनों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर लगाए गए आरोपों के विरोध में प्रदर्शन किया। संगठनों का आरोप है कि देश के 13 करोड़ 80 लाख के करीब मतदाताओं के वोट काटे गए और इससे भाजपा को फायदा पहुंचाया गया। इसी मुद्दे को लेकर प्रदर्शनकारियों ने CEC का पुतला फूंका।
प्रदर्शन से पहले वामपंथी जनसंगठनों ने आज युद्ध शहीद स्मारक से उपायुक्त कार्यालय बिलासपुर तक आक्रोश रैली निकाली। रैली के दौरान संगठन से जुड़े लोग नारे लगाते हुए उपायुक्त कार्यालय पहुंचे। इसके बाद उपायुक्त कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया गया।
प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ अपना विरोध जताया और उनके पुतले को जलाने की कोशिश की। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिसकर्मियों के बीच कुछ बहसबाजी भी हुई। पुलिसकर्मियों ने प्रदर्शनकारियों को पुतला जलाने से रोकने की कोशिश की।
पुतला जलाने को लेकर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई बहसबाजी के बाद मामला कुछ शांत हुआ। इसके बाद वामपंथी जनसंगठनों के प्रतिनिधियों ने उपायुक्त राहुल कुमार के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा। ज्ञापन में मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ लगाए गए आरोपों और चुनाव प्रक्रिया को लेकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई गई।
वामपंथी नेताओं ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ने देश के 13 करोड़ 80 लाख वोटर्स के वोट काटकर भाजपा को फायदा पहुंचाया है। नेताओं का आरोप है कि कई राज्यों में भाजपा को इलेक्शन कमीशन के द्वारा जीत दिलवाई गई है। उन्होंने कहा कि यह देश के लोकतंत्र के लिए खतरा है।
वामपंथी नेताओं ने केंद्र की एनडीए सरकार पर CEC ज्ञानेश्वर कुमार को बचाने का प्रयास करने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार के इस प्रयास को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नेताओं के मुताबिक, जो भी संगठन इस समय इसका विरोध कर रहे हैं, उनपर कई तरह के अत्याचार किए जा रहे हैं और CEC को बचाने का प्रयास किया जा रहा है।
वामपंथी जनसंगठनों ने कहा कि चुनाव आयोग का सबसे बड़ा अधिकारी जब भाजपा को फायदा पहुंचाने और भाजपा नेताओं के इशारे पर काम कर रहा हो, तो ऐसे में वे इसका कड़ा विरोध कर रहे हैं। नेताओं ने कहा कि उनका यह विरोध आगे भी जारी रहेगा। बिलासपुर में हुआ यह प्रदर्शन इसी विरोध का हिस्सा था।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
बिलासपुर में प्रदर्शन क्यों किया गया?
वामपंथी जनसंगठनों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर लगे आरोपों के विरोध में प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारियों ने क्या आरोप लगाया?
उन्होंने आरोप लगाया कि करीब 13 करोड़ 80 लाख मतदाताओं के वोट काटे गए और इससे भाजपा को फायदा पहुंचाया गया।
प्रदर्शन के दौरान क्या हुआ?
प्रदर्शनकारियों ने युद्ध शहीद स्मारक से उपायुक्त कार्यालय तक रैली निकाली और CEC का पुतला जलाने की कोशिश की। इस दौरान पुलिस से बहसबाजी भी हुई।
राष्ट्रपति को क्या भेजा गया?
वामपंथी जनसंगठनों के प्रतिनिधियों ने उपायुक्त राहुल कुमार के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा। इसमें CEC के खिलाफ आरोपों और चुनाव प्रक्रिया पर आपत्ति दर्ज कराई गई।
वामपंथी नेताओं ने आगे क्या कहा?
उन्होंने कहा कि उनका विरोध आगे भी जारी रहेगा और चुनाव आयोग पर भाजपा को फायदा पहुंचाने का आरोप लगाया।
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