एम्बाप्पे घुटने की चोट के कारण बेल्जियम के खिलाफ मैच से बाहर
किलियन एम्बाप्पे घुटने की चोट के कारण फ्रांस के बेल्जियम के खिलाफ मुकाबले से बाहर फ्रांस बनाम बेल्जियम: किलियन एम्बाप्पे फ्रांस के लिए क्यों नहीं खेल रहे हैं किलियन एम्बाप्पे बेल्जियम के खिलाफ फ्रांस
फ्रांस बनाम बेल्जियम: किलियन एम्बाप्पे फ्रांस के लिए क्यों नहीं खेल रहे हैं
किलियन एम्बाप्पे बेल्जियम के खिलाफ फ्रांस के मैचडे 4 मुकाबले में नहीं खेलेंगे। फ्रेंच फुटबॉल फेडरेशन ने बाएं घुटने में जरूरत से ज्यादा खिंचाव की चोट के बाद उन्हें इंटरनेशनल ब्रेक के बाकी हिस्से के लिए बाहर कर दिया है।
यह चोट तुर्किये के खिलाफ फ्रांस की 1, 0 की जीत के दौरान लगी। एम्बाप्पे ने इस मैच में जीत दिलाने वाला गोल किया, लेकिन इसके कुछ ही समय बाद उनके घुटने में चोट लग गई। इस घटना के तुरंत बाद उन्हें मैदान से बाहर कर दिया गया।
यह मुकाबला 2026, 27 यूईएफए नेशंस लीग के शुरुआती दौर के खत्म होने के समय हो रहा है। मैचडे 4 में फ्रांस अपने घर में बेल्जियम की मेजबानी कर रहा है। ग्रुप ए1 में शीर्ष स्थान पक्का करने के लिए फ्रांस को बेल्जियम के खिलाफ जीत की जरूरत है।
एम्बाप्पे को चोट कैसे लगी
एम्बाप्पे ने तुर्किये के खिलाफ फ्रांस को पूरे तीन अंक दिलाने वाला गोल करते समय अपने बाएं घुटने को चोटिल कर लिया। इस चोट को घुटने के जरूरत से ज्यादा पीछे की ओर खिंच जाने के रूप में बताया गया। इस घटना के तुरंत बाद इस फॉरवर्ड खिलाड़ी को मैदान से हटा लिया गया।
बाद में फ्रेंच फुटबॉल फेडरेशन ने मेडिकल जांच के बाद पुष्टि की कि एम्बाप्पे स्पेन लौटेंगे। उनसे वहां ठीक होने और रियल मैड्रिड के आने वाले मुकाबलों की तैयारी करने की उम्मीद थी।
इस फैसले के बाद वह इंटरनेशनल ब्रेक के बाकी हिस्से में नहीं खेल सके। इसका मतलब था कि बेल्जियम के खिलाफ फ्रांस के मुकाबले के लिए एम्बाप्पे उपलब्ध नहीं थे।
उनकी गैरमौजूदगी के बारे में जानकारी देने वाली रिपोर्ट के मुताबिक, चोट को गंभीर नहीं माना जा रहा था। एम्बाप्पे पहले ही मैड्रिड लौट चुके थे और उनसे 10 अक्टूबर को विलारियल के खिलाफ रियल मैड्रिड के ला लिगा मुकाबले के लिए फिट होने की उम्मीद थी।
एक और रिपोर्ट में कहा गया कि बाद में हुई जांच से पता चला कि एम्बाप्पे को कोई बड़ी चोट नहीं लगी थी। हालांकि, उसी रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि उन्होंने अभी ट्रेनिंग शुरू नहीं की थी और उन्हें पेरिस में देखा गया था। उनकी वापसी की संभावित तारीख को लेकर कोई साफ जानकारी नहीं थी।
इस तरह रिपोर्टों से दो बातें साफ थीं। पहली, फ्रांस बेल्जियम के खिलाफ मुकाबले में एम्बाप्पे को मैदान पर नहीं उतार सकता था। दूसरी, इस चोट को लंबे समय तक टीम से बाहर रहने वाली चोट के तौर पर पेश नहीं किया गया था। रियल मैड्रिड की अगली चिंता यह थी कि उसका फॉरवर्ड खिलाड़ी कब वापसी के लिए तैयार होगा, न कि यह कि उसे कोई बड़ी चोट लगी है या नहीं।
अपने कप्तान के बिना फ्रांस के आक्रमण के विकल्प
फ्रांस ने इटली के खिलाफ अपने पिछले मुकाबले में पहले ही आक्रमण का एक अलग सेट-अप इस्तेमाल किया था। मुख्य कोच जिनेदिन जिदान ने विंग पर देसिरे डुए को उतारा, ओस्मान डेम्बेले को बीच के आक्रमण वाले रोल में भेजा और फ्रंट लाइन पूरी करने के लिए माइकल ओलिसे का इस्तेमाल किया।
यह बदलाव इसलिए करना पड़ा क्योंकि तुर्किये के खिलाफ लगी घुटने की चोट के बाद एम्बाप्पे उपलब्ध नहीं थे। रिपोर्ट में एम्बाप्पे को “बेजोड़ ताकत और तेजी से गोल करने की क्षमता” देने वाला खिलाड़ी बताया गया।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि ओलिसे, डेम्बेले और डुए की आक्रमणकारी जोड़ी किसी भी विरोधी के लिए बड़ा खतरा बनी हुई थी। इसलिए बेल्जियम के खिलाफ मैच से पहले रिपोर्टों में इस तिकड़ी को फ्रांस के आक्रमण का मुख्य विकल्प बताया गया।
एम्बाप्पे के बिना इटली के खिलाफ फ्रांस के प्रदर्शन ने इस बदलाव की संभावनाओं और उसकी सीमाओं, दोनों को दिखाया। माइकल ओलिसे ने फ्रांस को बढ़त दिलाई, लेकिन इटली के एलेसांद्रो बास्तोनी ने बराबरी का गोल कर दिया। इसके बाद जिदान की टीम का मुकाबला 1, 1 की बराबरी पर खत्म हुआ।
एम्बाप्पे के बिना भी फ्रांस ने गोल करने के मौके बनाए। जिदान का मानना था कि उनकी टीम इस मुकाबले से ज्यादा हासिल करने की हकदार थी। उन्होंने उन मौकों का फायदा नहीं उठा पाने को लेकर भी बात की।
इस ड्रॉ का मतलब यह भी था कि फ्रांस के सबसे बड़े फॉरवर्ड खिलाड़ी के बिना उसके आक्रमण का आकलन करना पड़ा। हालांकि, जिदान ने नतीजे की वजह के तौर पर एम्बाप्पे की गैरमौजूदगी को मानने से इनकार कर दिया।
जब जिदान से पूछा गया कि क्या इस फॉरवर्ड खिलाड़ी की गैरमौजूदगी का टीम पर असर पड़ा, तो उन्होंने कहा, “क्या किलियन एम्बाप्पे की गैरमौजूदगी का टीम पर असर पड़ा? हम ऐसा नहीं कह सकते। वह यहां नहीं हैं; वह चोटिल हैं।”
इस जवाब में ध्यान फ्रांस के लिए उपलब्ध खिलाड़ियों पर रखा गया, न कि उस खिलाड़ी पर जो टीम में नहीं था। इसने इटली के खिलाफ ड्रॉ के लिए एम्बाप्पे की गैरमौजूदगी को अकेली वजह बताए जाने से भी बचाया।
इटली के खिलाफ ड्रॉ के बाद जिदान ने क्या कहा
फ्रांस और इटली के बीच 1, 1 का ड्रॉ, नई राष्ट्रीय टीम के दौर से जुड़ी रिपोर्टों में जिदान के प्रभारी रहते उनका पहला दर्ज किया गया मुकाबला था। रिपोर्ट के मुताबिक, जिदान ने दिदिएर देशां के बाद फ्रांस की राष्ट्रीय टीम की जिम्मेदारी संभाली है।
यह मैच स्टेड डी फ्रांस में खेला गया था। एम्बाप्पे इसमें नहीं खेले, क्योंकि पिछले हफ्ते तुर्की के खिलाफ मुकाबले में उनके घुटने में चोट लग गई थी। रिपोर्ट में कहा गया कि फ्रांस की जीत पक्की करने वाला गोल करते समय उनके घुटने में चोट लगी थी।
जिदान से सीधे पूछा गया कि क्या कप्तान की गैरमौजूदगी का फ्रांस के प्रदर्शन पर असर पड़ा। उन्होंने अटकल लगाने के बजाय इतना कहा कि एम्बाप्पे चोटिल हैं और टीम के साथ नहीं हैं।
फ्रांस ने फिर भी मौके बनाए और ओलिसे के जरिए बढ़त हासिल की। बास्तोनी के बराबरी वाले गोल ने जिदान की टीम को वह जीत हासिल करने से रोक दिया, जिसके बारे में कोच का मानना था कि उनकी टीम उसकी हकदार थी।
इस नतीजे ने ग्रुप ए1 में फ्रांस की स्थिति के लिए बेल्जियम के खिलाफ मुकाबले को अहम बना दिया। एम्बाप्पे के उपलब्ध नहीं होने के कारण टीम की आक्रमण में मौजूद गहराई और मौकों को गोल में बदलने की उसकी क्षमता, रिपोर्टों में सामने आए मुख्य मुद्दे थे।
रियल मैड्रिड के लिए एम्बाप्पे की गैरमौजूदगी क्यों अहम है
एम्बाप्पे रियल मैड्रिड के आक्रमण का मुख्य चेहरा बन चुके हैं। इसलिए उनकी रिकवरी फ्रांस की राष्ट्रीय टीम से आगे भी अहम है। चोट लगने के बाद रियल मैड्रिड चाहता था कि वह जल्द से जल्द वापस लौटें।
रिपोर्टों में रियल मैड्रिड का अगला मुकाबला इंटरनेशनल ब्रेक के बाद विलारियल के खिलाफ बताया गया था। एक रिपोर्ट में कहा गया कि 10 अक्टूबर को होने वाले उस ला लिगा मुकाबले के लिए एम्बाप्पे के फिट होने की उम्मीद थी।
उसी रिपोर्ट में कहा गया कि एम्बाप्पे की मैड्रिड वापसी का इंतजाम इसलिए किया गया था, ताकि वह ठीक हो सकें और रियल मैड्रिड के आने वाले मुकाबलों की तैयारी कर सकें। एक दूसरी रिपोर्ट में कहा गया कि क्लब या देश, किसी के लिए भी उनकी रिकवरी में जल्दबाजी करने की कोई खास वजह नहीं थी, खासकर तब जब इंटरनेशनल ब्रेक के बाद विलारियल के खिलाफ मुकाबला सामने था।
रिपोर्ट में कहा गया कि अगर एम्बाप्पे उस मुकाबले के लिए उपलब्ध नहीं भी होते, तब भी रियल मैड्रिड के लिए एक्शन में उनकी वापसी में ज्यादा समय नहीं लगना चाहिए। विलारियल के खिलाफ मुकाबले के लिए उनके फिट होने की उम्मीद के अलावा रिपोर्टों में उनकी वापसी की कोई पक्की तारीख नहीं दी गई थी।
फ्रांस के लिए तुरंत सामने खड़ा सवाल यह था कि वह अपने कप्तान के बिना कैसे खेलेगा। रियल मैड्रिड के लिए प्राथमिकता यह थी कि उसके आक्रमण के लिए अहम बताए गए खिलाड़ी की गैरमौजूदगी लंबे समय तक न हो।
ट्रेनिंग से जुड़ा एक अलग अपडेट
फ्रांस की टीम पर आई एक अलग रिपोर्ट में पहले का एक अपडेट दिया गया था। उसमें कहा गया कि एम्बाप्पे ट्रेनिंग पर लौट आए थे। वह सोमवार को जिम में रहे थे और फ्लू जैसी बीमारी के कारण पिछला सेशन नहीं कर पाए थे।
उस रिपोर्ट के मुताबिक, फ्रांस के कप्तान ने क्लेयरफोंटेन में मिशेल प्लातिनी पिच पर हुए सेशन में सामान्य तरीके से हिस्सा लिया। सेशन की शुरुआत जिम में बीस मिनट तक वार्म-अप से हुई। इसके बाद टीम ने रणनीति पर काम किया।
उस रिपोर्ट में इस सेशन को फ्रांस के तुर्किये रवाना होने से दो दिन पहले का बताया गया। इसमें कहा गया कि जिदान की टीम तुर्किये के खिलाफ अपना नेशंस लीग अभियान शुरू करेगी और इसके बाद 28 तारीख को बेल्जियम जाएगी।
उसी रिपोर्ट में कहा गया कि इसके बाद फ्रांस स्टेड डी फ्रांस में इटली की मेजबानी करेगा। यह 2 अक्टूबर को जिदान का अपने घर में पहला मैच होगा। इसके बाद 5 तारीख को सेंट-डेनिस में बेल्जियम के खिलाफ मुकाबला खेला जाएगा।
मैचडे 4 से जुड़ी बाद की जानकारी में कहा गया कि तुर्किये के खिलाफ घुटने में चोट लगने के बाद एम्बाप्पे उपलब्ध नहीं थे और ठीक होने के लिए स्पेन लौट गए थे। सभी रिपोर्टों को साथ रखकर देखने पर यह बात सामने आती है कि फ्रांस और बेल्जियम के मुकाबले से उनकी गैरमौजूदगी की वजह घुटने की चोट और फ्रेंच फेडरेशन का फैसला था।
इसलिए फ्रांस को इटली के खिलाफ इस्तेमाल किए गए आक्रमण के विकल्पों पर निर्भर रहना होगा। इनमें ओलिसे, डेम्बेले और डुए शामिल हैं। ग्रुप ए1 में शीर्ष स्थान पक्का करने के लिए जीत जरूरी है। ऐसे में यह मुकाबला यह परखेगा कि जिदान की टीम एम्बाप्पे के आक्रमण में दिए जाने वाले योगदान की जगह कैसे भरती है, बिना अपने प्रदर्शन की वजह उनकी गैरमौजूदगी को बनाए।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
किलियन एम्बाप्पे बेल्जियम के खिलाफ मैच में क्यों नहीं खेलेंगे?
बाएं घुटने में जरूरत से ज्यादा खिंचाव की चोट के कारण एम्बाप्पे बेल्जियम के खिलाफ फ्रांस के मैच से बाहर हैं।
एम्बाप्पे को घुटने की चोट कैसे लगी?
तुर्किये के खिलाफ फ्रांस की जीत में गोल करने के कुछ ही समय बाद उनके बाएं घुटने में चोट लगी और उन्हें मैदान से बाहर कर दिया गया।
क्या एम्बाप्पे की चोट गंभीर है?
रिपोर्टों के मुताबिक चोट को गंभीर नहीं माना जा रहा था और इसे लंबे समय तक बाहर रखने वाली चोट नहीं बताया गया।
एम्बाप्पे की गैरमौजूदगी में फ्रांस के आक्रमण में कौन खेल सकते हैं?
फ्रांस देसिरे डुए को विंग पर, ओस्मान डेम्बेले को बीच के आक्रमण वाले रोल में और माइकल ओलिसे को फ्रंट लाइन में उतार सकता है।
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