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कुदुम्बश्री का पोषण माह अभियान, कोझिकोड में फूड फेस्टिवल-कुकिंग कॉन्टेस्ट

कोझिकोड में कुदुम्बश्री के फूड फेस्टिवल और कुकिंग कॉन्टेस्ट में मिलेट्स, जड़ वाली सब्जियों और पत्तों से बने सेहतमंद पकवान पेश किए गए।

कुदुम्बश्री का पोषण माह अभियान, कोझिकोड में फूड फेस्टिवल-कुकिंग कॉन्टेस्ट
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पोषण माह के तहत कुदुम्बश्री का पोषण पर जोर

पोषण माह के तहत कुदुम्बश्री का पोषण पर जोर

कोझिकोड में कुदुम्बश्री का जिला मिशन राष्ट्रीय पोषण माह के तहत स्थानीय और सेहतमंद पकवानों को बढ़ावा देने के लिए पिछले एक महीने से फूड फेस्टिवल और कुकिंग कॉन्टेस्ट आयोजित कर रहा है।

ये फेस्टिवल वार्डों और पंचायतों में आयोजित किए जा रहे हैं। इनमें मिलेट्स, जड़ वाली सब्जियों और अलग-अलग तरह के पत्तों से बनाए गए पकवान शामिल हैं।

पहले से परिचित स्थानीय खाने को बढ़ावा

मिशन अपने पोषण माह से जुड़े कार्यक्रमों को मिल-जुलकर काम करने के तरीके से आयोजित कर रहा है। इसका मकसद लोगों को साथ जोड़ना और पोषण व सेहत से जुड़े अच्छे तौर-तरीकों को मजबूत करना है।

इसका जोर ऐसे स्थानीय और सेहतमंद पकवानों पर है, जो लंबे समय से उपलब्ध हैं, लेकिन उनका बड़े पैमाने पर इस्तेमाल नहीं हुआ है। साथ ही, खाना बनाने के ऐसे तरीकों पर भी ध्यान दिया जा रहा है, जिनसे स्वाद से समझौता किए बिना सेहत को बढ़ावा मिले।

कुदुम्बश्री की कोझिकोड जिला प्रोग्राम मैनेजर निशिदा सैबुनी कहती हैं, “फूड फेस्टिवल में ऐसे स्थानीय, सेहतमंद और स्वादिष्ट खाने शामिल हैं, जो लंबे समय से मौजूद हैं, लेकिन उन्हें ज्यादा इस्तेमाल में नहीं लाया गया। इनका मकसद इन पकवानों को लोकप्रिय बनाना और इनके पोषण से जुड़े फायदे दूसरों तक पहुंचाना है।”

वह कहती हैं, “मिसाल के तौर पर मिलेट्स को ही ले लीजिए।” वह आगे बताती हैं कि हालांकि हाल के समय में मिलेट्स लोकप्रिय हुए हैं, लेकिन रागी, कंबम और दूसरे मिलेट्स से बनाए जाने वाले पकवान पहले से ही पकाए जाते रहे हैं।

इन फेस्टिवल में अरबी, याम और शकरकंद जैसी जड़ वाली सब्जियों से बनाए गए पकवान भी शामिल हैं। इसके अलावा, अलग-अलग तरह के पत्तों से तैयार किए गए खाने भी यहां पेश किए जा रहे हैं।

सुश्री सैबुनी कहती हैं, “फूड फेस्टिवल इन सेहतमंद रेसिपी को बढ़ावा देते हैं, लेकिन स्वाद से कोई समझौता नहीं किया जाता, ताकि खास तौर पर बच्चों को ये पकवान पसंद आएं।”

वह इस कार्यक्रम को लोगों की आंखें खोलने वाला अनुभव बताती हैं। उनका कहना है कि प्रतिभागियों को पहले यह पता नहीं था कि सेहतमंद रेसिपी की इतनी बड़ी विविधता मौजूद है और इनमें भरपूर पोषण भी होता है।

स्थानीय विकल्प और पोषण की समझ

सुश्री सैबुनी बताती हैं कि इन गतिविधियों से यह भी सीख मिली है कि जो खाद्य चीजें स्थानीय स्तर पर पैदा नहीं होतीं और कुछ महंगी होती हैं, उनकी जगह स्थानीय तौर पर आसानी से मिलने वाली ऐसी चीजों का इस्तेमाल किया जा सकता है, जिनमें लगभग उतनी ही पोषण संबंधी खूबियां हों।

इस फोकस के जरिए पोषण की समझ बढ़ाने के काम में स्थानीय सामग्री को सबसे अहम जगह दी जा रही है। इसके साथ ही, उन रेसिपी की पोषण संबंधी खूबियों पर भी ध्यान दिलाया जा रहा है, जिनका अब तक ज्यादा इस्तेमाल नहीं हुआ है।

इस आयोजन के तहत रेसिपी साझा करने वाले कार्यक्रम और पोस्टर बनाने के कॉन्टेस्ट भी आयोजित किए जा रहे हैं।

कुदुम्बश्री के रिसोर्स पर्सन सेल्फ-हेल्प ग्रुप और कुदुम्बश्री बालसभाओं में मोटापे और मनोसामाजिक सेहत जैसे विषयों पर क्लास ले रहे हैं।

पूरे राज्य में गतिविधियां

कुदुम्बश्री की स्टेट असिस्टेंट प्रोग्राम मैनेजर, फूड, न्यूट्रिशन, हेल्थ, वॉश, आर. कृष्णकुमारी कहती हैं कि पूरे राज्य में कम्युनिटी डेवलपमेंट सोसाइटी के स्तर पर दूसरे विभागों के साथ मिलकर पोषण माह मनाया जा रहा है।

वह कहती हैं कि इसकी वजह यह है कि कुदुम्बश्री के सेल्फ-हेल्प ग्रुप और बालसभा के सदस्यों में गर्भवती महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं।

कुदुम्बश्री के जिला और कम्युनिटी डेवलपमेंट सोसाइटी स्तर के रिसोर्स पर्सन सामाजिक और व्यवहार परिवर्तन संचार के तहत सेल्फ-हेल्प ग्रुप के सदस्यों के लिए गतिविधियों पर आधारित कार्यक्रम आयोजित कर रहे हैं।

सुश्री कृष्णकुमारी कहती हैं कि इस साल जागरूकता से जुड़ी गतिविधियों में मोटापे और मनोसामाजिक सेहत पर मॉड्यूल का इस्तेमाल किया गया है। इन मॉड्यूल में पूरे परिवार पर ध्यान दिया गया है।

गैर-संचारी रोगों से बचाव के लिए मेडिकल कैंप और शुगर व ब्लड प्रेशर की जांच के लिए स्क्रीनिंग कैंप भी लगाए जा रहे हैं।

इस बड़े कार्यक्रम में संतुलित आहार के बारे में जागरूकता से जुड़े पोषण मेले, डाइटीशियन या डॉक्टरों की ओर से जागरूकता सत्र, रैलियां और आंगनवाड़ी की गतिविधियों में भागीदारी शामिल है।

कुल मिलाकर, ये सभी गतिविधियां फूड फेस्टिवल, रेसिपी साझा करने, स्वास्थ्य जांच और जागरूकता सत्रों को आपस में जोड़ती हैं। इनके जरिए मिशन के बताए गए मकसद, यानी पोषण और सेहत से जुड़े अच्छे तौर-तरीकों को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है।

स्रोत: The Hindu

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कुदुम्बश्री का पोषण माह अभियान किस शहर में चल रहा है?

यह अभियान कोझिकोड में चल रहा है।

फूड फेस्टिवल और कुकिंग कॉन्टेस्ट का आयोजन कहां किया जा रहा है?

इनका आयोजन वार्डों और पंचायतों में किया जा रहा है।

फेस्टिवल में किस तरह के पकवान शामिल हैं?

फेस्टिवल में मिलेट्स, अरबी, याम, शकरकंद और अलग-अलग पत्तों से बनाए गए पकवान शामिल हैं।

इस अभियान का मुख्य मकसद क्या है?

इसका मकसद स्थानीय और सेहतमंद पकवानों को बढ़ावा देना और उनके पोषण से जुड़े फायदे लोगों तक पहुंचाना है।

पोषण माह के तहत और कौन-कौन सी गतिविधियां हो रही हैं?

रेसिपी साझा करने के कार्यक्रम, पोस्टर बनाने के कॉन्टेस्ट और मोटापे व मनोसामाजिक सेहत पर क्लास आयोजित की जा रही हैं।

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