सिंधिया संपत्ति विवाद पर केके मिश्रा ने सरकार पर कसा तंज
ग्वालियर में सिंधिया परिवार की करीब 40 हजार करोड़ रुपए की संपत्ति से जुड़े पारिवारिक विवाद को लेकर मध्यप्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेता केके मिश्रा ने सरकार पर तीखा तंज कसा है।
ग्वालियर में सिंधिया परिवार की करीब 40 हजार करोड़ रुपए की संपत्ति से जुड़े पारिवारिक विवाद को लेकर मध्यप्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेता केके मिश्रा ने सरकार पर तीखा तंज कसा है। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए विवाद से जुड़े आरोपों और दावों को लेकर कई सवाल उठाए। मिश्रा ने यह टिप्पणी व्यंग्यात्मक अंदाज में की है और सरकार से एक खास मांग भी रखी है।
के मिश्रा ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में हिंदी की कहावत “चोर चोरी से जाए, हेराफेरी से न जाए” का जिक्र किया। इसके बाद उन्होंने लिखा कि कोई व्यक्ति चोरी करने का तरीका भले छोड़ दे, लेकिन अपनी फितरत, धोखेबाजी और चालाकी नहीं छोड़ता।
मिश्रा ने कहा कि ग्वालियर के सिंधिया घराने की 40 हजार करोड़ रुपए की संपत्ति से जुड़े विवाद की अदालती कार्यवाही में भी कुछ ऐसा ही देखने को मिल रहा है। उन्होंने इस विवाद के संदर्भ में बड़ी बुआ पष्चावती जी की पुत्री प्रतिमा देवी की ओर से लगाए गए आरोपों का जिक्र किया।
मिश्रा ने दावा किया कि प्रतिमा देवी ने आरोप लगाया है कि दस्तावेजों पर कथित तौर पर धोखे से हस्ताक्षर कराए गए। हालांकि, ये आरोप संबंधित पक्षों के दावे हैं। इनकी स्वतंत्र पुष्टि या न्यायालय का अंतिम निष्कर्ष अलग विषय है। संपत्ति और दस्तावेजों से जुड़े इस मामले में अंतिम स्थिति न्यायिक प्रक्रिया और संबंधित रिकॉर्ड से ही साफ होगी।
अपनी पोस्ट में केके मिश्रा ने ऐतिहासिक संदर्भों का इस्तेमाल करते हुए भी तंज कसा। उन्होंने 1857 की वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई और 2020 में मध्यप्रदेश में हुए राजनीतिक घटनाक्रम का उल्लेख किया।
मिश्रा ने लिखा कि सत्ता से धोखे की वजह केवल “धन और महत्वाकांक्षा” है। इसी संदर्भ में उन्होंने सवाल किया, “अब ‘बुआ’?” उनके इस सवाल को सिंधिया परिवार से जुड़े विवाद और राजनीतिक घटनाक्रम पर कटाक्ष के तौर पर देखा जा रहा है।
पोस्ट के सबसे तीखे हिस्से में केके मिश्रा ने सरकार से व्यंग्यात्मक अपील की। उन्होंने लिखा कि “धनाढ्य के अतिभूखे इन गरीब-धोखेबाज भाई साहब” को BPL सूची में शामिल किया जाए। साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत एक आवास भी मुहैया कराने की मांग की।
के मिश्रा ने इसके साथ ही फर्जी ट्रस्टों से जुड़ी जमीन को लेकर भी सवाल उठाया। उन्होंने लिखा, “फर्जी ट्रस्टों के नाम से हड़पी गई अरबों की जमीन किसकी है, जांच होनी चाहिए।”
सिंधिया परिवार की संपत्तियों को लेकर चल रहा पारिवारिक विवाद अब अदालत की कार्यवाही के साथ-साथ राजनीतिक बयानबाजी का मुद्दा भी बन गया है। केके मिश्रा की सोशल मीडिया पोस्ट में लगाए गए आरोपों और सरकार से की गई मांग ने इस मामले को एक बार फिर राजनीतिक चर्चा के केंद्र में ला दिया है।
हालांकि, संपत्ति, दस्तावेजों, ट्रस्ट और कथित हस्ताक्षरों से जुड़े आरोपों पर अंतिम स्थिति न्यायालय की प्रक्रिया और संबंधित दस्तावेजों के आधार पर ही स्पष्ट होगी।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
सिंधिया परिवार की संपत्ति को लेकर विवाद कितना बड़ा है?
ग्वालियर में सिंधिया परिवार की करीब 40 हजार करोड़ रुपये की संपत्ति को लेकर पारिवारिक विवाद चल रहा है।
के मिश्रा ने सरकार पर क्या तंज कसा?
के मिश्रा ने सरकार पर व्यंग्य करते हुए एक कथित धोखेबाज व्यक्ति को BPL सूची में शामिल करने और प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत घर देने की मांग की।
प्रतिमा देवी ने क्या आरोप लगाया है?
के मिश्रा के मुताबिक, प्रतिमा देवी ने आरोप लगाया है कि दस्तावेजों पर कथित तौर पर धोखे से हस्ताक्षर कराए गए।
के मिश्रा ने फर्जी ट्रस्टों को लेकर क्या मांग की?
उन्होंने फर्जी ट्रस्टों के नाम पर हड़पी गई अरबों रुपये की जमीन की जांच कराने की मांग की।
इस विवाद की अंतिम स्थिति कब साफ होगी?
संपत्ति, दस्तावेजों, ट्रस्ट और कथित हस्ताक्षरों से जुड़े मामलों की अंतिम स्थिति न्यायालय की प्रक्रिया और संबंधित रिकॉर्ड से साफ होगी।
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