गोंडा में कायस्थ, ब्राह्मण और क्षत्रिय समाज का यूजीसी बदलाव के खिलाफ प्रदर्शन
यूजीसी रोलबैक के विरोध में कायस्थ समाज ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। गोंडा में कायस्थ, ब्राह्मण और क्षत्रिय समाज के लोगों ने केंद्र सरकार के विरोध में नारे लगाए और यूजीसी के नियमों में बदलाव वापस
यूजीसी रोलबैक के विरोध में कायस्थ समाज ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। गोंडा में कायस्थ, ब्राह्मण और क्षत्रिय समाज के लोगों ने केंद्र सरकार के विरोध में नारे लगाए और यूजीसी के नियमों में बदलाव वापस लेने की मांग की। लोगों ने कहा कि यूजीसी को वापस नहीं लिया गया तो आगामी चुनाव में मोदी सरकार को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा।
केंद्र सरकार की ओर से यूजीसी में किए गए संशोधन को लेकर एक समाज में खुशी दिखाई दे रही है, जबकि सवर्ण समाज के लोगों में आक्रोश है। इसी आक्रोश के चलते कायस्थ, ब्राह्मण और क्षत्रिय समाज से जुड़े लोगों ने सरकार के विरोध में प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने ‘यूजीसी वापस लो’ और ‘यूजीसी रोल बैक’ के नारे लगाए।
इसी क्रम में जनपद की चित्रांश कल्याण समिति उत्तर प्रदेश गोंडा के सैकड़ो सदस्यों ने केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ आवाज उठाई। समिति के संरक्षक अनिल कुमार, ओम प्रकाश और प्रेम शंकर श्रीवास्तव के साथ अध्यक्ष दिलीप, अरविंद सिन्हा, प्रभारी मंत्री पंकज उर्फ सुशील, सुशील श्रीवास्तव, गोपाल विला, अजय, विकास मनोहर, ऋषभ, मनोज श्रीवास्तव, अतुल, अजय कांग्रेसी समेत दर्जन भर पदाधिकारी इस दौरान मौजूद रहे।
समिति के सदस्यों और पदाधिकारियों ने यूजीसी रोल बैक के नारे लगाते हुए जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन के माध्यम से प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजा। ज्ञापन में कहा गया कि यूजीसी के नियमों में बदलाव किया जाए, ताकि देश के छात्रों में एक-दूसरे के प्रति द्वेष की भावना पैदा न हो और आपस में समानता बनी रहे।
ज्ञापन में यह भी मांग रखी गई कि उच्च अंकों के आधार पर नौकरी में प्राथमिकता दी जाए। समिति की ओर से कहा गया कि किसी भी सवर्ण जाति के व्यक्ति पर झूठा आरोप लगाकर एससी /एसटी का मुकदमा कायम किया जाए और जांच के बाद वह मुकदमा झूठा मिले, तो ऐसी स्थिति में एससी एसटी का मुकदमा दायर करने वाले व्यक्ति से पूरा सरकारी मुआवजा वापस लिया जाए।
ज्ञापन में यह मांग भी शामिल थी कि ऐसे मामले में मुकदमा दायर करने वाले व्यक्ति के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज हो। इस मौके पर विजित, अभय, विनोद, आनंद, जितेंद्र, संतोष, अवधेश, अरविंद, कोमल, सरिता, प्रतिमा, प्रतिभा, रेखा, सुशीला, ज्ञानेश कुमार, राजकुमार और विनय उर्फ लल्ला मौजूद रहे।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
गोंडा में यूजीसी बदलाव के खिलाफ किसने प्रदर्शन किया?
कायस्थ, ब्राह्मण और क्षत्रिय समाज के लोगों ने यूजीसी नियमों में बदलाव के खिलाफ प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारियों ने क्या मांग की?
उन्होंने यूजीसी के नियमों में बदलाव वापस लेने और छात्रों में समानता बनाए रखने की मांग की।
ज्ञापन किसे सौंपा गया?
जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन के माध्यम से प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजा गया।
प्रदर्शन में कौन से नारे लगाए गए?
प्रदर्शनकारियों ने ‘यूजीसी वापस लो’ और ‘यूजीसी रोल बैक’ के नारे लगाए।
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