शिवली थाने में वकीलों पर केस, निष्पक्ष जांच की मांग लेकर एसपी पहुंचे
कानपुर देहात के शिवली थाने में अधिवक्ताओं के खिलाफ दर्ज मुकदमे के विरोध में अकबरपुर अधिवक्ता समिति और लायर्स एसोसिएशन मैथा के नेतृत्व में वकील एसपी कार्यालय पहुंचे।
कानपुर देहात के शिवली थाने में अधिवक्ताओं के खिलाफ दर्ज मुकदमे के विरोध में अकबरपुर अधिवक्ता समिति और लायर्स एसोसिएशन मैथा के नेतृत्व में वकील एसपी कार्यालय पहुंचे। अधिवक्ताओं ने पुलिस अधीक्षक से मुलाकात की और मामले को फर्जी बताते हुए निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।
माती मुख्यालय स्थित पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे वकीलों ने एसपी को एक प्रार्थना पत्र सौंपा। यह प्रतिनिधिमंडल अकबरपुर अधिवक्ता समिति के अध्यक्ष बिपिन चंद्र दीक्षित और लायर्स एसोसिएशन मैथा के अध्यक्ष राजेश राजपूत के नेतृत्व में पहुंचा था।
वकीलों का आरोप है कि शिवली थाना क्षेत्र में एक दबंग प्रधान ने अपने साथियों के साथ मिलकर एक अधिवक्ता और उसके भाई के साथ मारपीट की थी। वकीलों के मुताबिक, इस घटना की शिकायत के बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया था।
अधिवक्ताओं का कहना है कि अब राजनीतिक दबाव के चलते उसी अधिवक्ता और उसके भाई के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। वकीलों ने इस मुकदमे को फर्जी बताते हुए कहा कि यह कार्रवाई पूरी तरह गलत है।
अकबरपुर अधिवक्ता समिति और लायर्स एसोसिएशन मैथा से जुड़े अधिवक्ताओं ने पुलिस अधीक्षक से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि जांच के बाद उचित कार्रवाई की जानी चाहिए।
वकीलों ने एसपी कार्यालय पहुंचकर अपनी शिकायत और मांग पुलिस अधीक्षक के सामने रखी। इस दौरान अकबरपुर अधिवक्ता समिति के अध्यक्ष एडवोकेट बिपिन चंद्र दीक्षित और लायर्स एसोसिएशन मैंथा के अध्यक्ष एडवोकेट राजेश राजपूत की बाइट भी ली गई।
यह रिपोर्ट विवेक त्रिवेदी ने तैयार की है। मामले को लेकर अधिवक्ताओं ने पुलिस से निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग दोहराई है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
वकील एसपी कार्यालय क्यों पहुंचे?
वकील शिवली थाने में अधिवक्ताओं के खिलाफ दर्ज मुकदमे के विरोध में एसपी कार्यालय पहुंचे और निष्पक्ष जांच की मांग की।
वकीलों ने दर्ज मुकदमे को लेकर क्या आरोप लगाया?
वकीलों ने मुकदमे को फर्जी बताते हुए कहा कि इसे राजनीतिक दबाव में दर्ज किया गया है।
वकीलों ने पुलिस अधीक्षक को क्या सौंपा?
वकीलों ने पुलिस अधीक्षक को एक प्रार्थना पत्र सौंपकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई की मांग की।
वकीलों के मुताबिक मारपीट की घटना में कौन शामिल था?
वकीलों का आरोप है कि एक दबंग प्रधान ने अपने साथियों के साथ मिलकर एक अधिवक्ता और उसके भाई से मारपीट की थी।
सबसे ज़्यादा पढ़ी गई
- 1
श्रावस्ती में सपा बैठक में हंगामा, नेता का माइक छीनने का आरोप
- 2
शामली में 50 से ज्यादा दुकानों के नाम कथित फर्जी बिल, लाखों भुगतान
- 3
शामली महिला का रिश्तेदारों पर 15 लाख के जेवर ले जाने का आरोप
- 4
गन्ने की फसल नुकसान और मारपीट के आरोप, डीएम से जांच की मांग
- 5
हाथरस में आयुष्मान संविदा कर्मियों ने सौंपा ज्ञापन, 22 अक्टूबर से कार्य बहिष्कार की …
टिप्पणियाँ
अभी कोई टिप्पणी नहीं। पहली टिप्पणी करें।