प्रयागराज के छिवकी स्टेशन पर खुल रहा भारत का पहला लोको रेस्टोरेंट
भारत का पहला लोको रेस्टोरेंट प्रयागराज के छिवकी स्टेशन पर शुरू होगा प्रयागराज में खाने-पीने का एक अनोखा अनुभव मिलने वाला है।
प्रयागराज के छिवकी रेलवे स्टेशन पर भारत का पहला लोको रेस्टोरेंट खुलने जा रहा है। यह रेस्टोरेंट एक पुराने इलेक्ट्रिक इंजन को मॉडर्न एयर-कंडीशन डाइनिंग फैसिलिटी में बदलकर तैयार किया जा रहा है। प्रयागराज डिवीजन के नॉर्थ सेंट्रल रेलवे ने इस पायलट प्रोजेक्ट को झांसी की एक फर्म के साथ मिलकर शुरू किया है। रेस्टोरेंट स्टेशन के मेन एंट्रेंस के पास बनाया जा रहा है, जहां पुराने लोकोमोटिव को नए और आकर्षक इंटीरियर के साथ तैयार किया जा रहा है।
इस अनोखे लोको रेस्टोरेंट में 46 लोगों के बैठने की व्यवस्था होगी। इसके अलावा, बाहर भी बैठने की सुविधा दी जाएगी। रेस्टोरेंट का डेकोर पूरी तरह रेलवे से प्रेरित होगा, जो इसे खास बनाएगा। खाने के मेन्यू में नॉर्थ इंडियन थाली, स्थानीय व्यंजन, फास्ट फूड और इंटरनेशनल क्यूज़ीन शामिल होंगे। यहां न सिर्फ डाइन-इन की सुविधा होगी बल्कि ग्राहक ऑनलाइन ऑर्डर भी कर सकेंगे।
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, इस पहल का उद्देश्य पुराने संसाधनों का टिकाऊ तरीके से इस्तेमाल करना है। साथ ही, इससे रेलवे को अतिरिक्त कमाई और स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे। इस प्रोजेक्ट को प्रयागराज डिवीजन के डीआरएम रजनीश अग्रवाल और सीनियर डीसीएम हरी मोहन की देखरेख में तैयार किया जा रहा है।
यह लोको रेस्टोरेंट न केवल प्रयागराज के लोगों के लिए एक नई डेस्टिनेशन बनेगा, बल्कि रेलवे के पुराने इंजन को एक नई पहचान देकर पर्यावरण के प्रति जागरूकता का संदेश भी देगा। उम्मीद है कि यह पहल देश के अन्य हिस्सों में भी इसी तरह के प्रोजेक्ट्स को प्रेरित करेगी।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रयागराज के छिवकी स्टेशन पर खुल रहा लोको रेस्टोरेंट क्या है?
यह भारत का पहला लोको रेस्टोरेंट है जो एक पुराने इलेक्ट्रिक इंजन को मॉडर्न एयर-कंडीशन डाइनिंग फैसिलिटी में बदलकर बनाया जा रहा है। इसमें 46 लोगों के बैठने की व्यवस्था होगी और बाहर भी बैठने की सुविधा दी जाएगी।
इस रेस्टोरेंट में क्या-क्या खाना मिलेगा?
यहां नॉर्थ इंडियन थाली, स्थानीय व्यंजन, फास्ट फूड और इंटरनेशनल क्यूज़ीन परोसा जाएगा। ग्राहक डाइन-इन के साथ-साथ ऑनलाइन ऑर्डर भी कर सकेंगे।
यह प्रोजेक्ट किसने शुरू किया है?
प्रयागराज डिवीजन के नॉर्थ सेंट्रल रेलवे ने झांसी की एक फर्म के साथ मिलकर इस पायलट प्रोजेक्ट को शुरू किया है।
इस लोको रेस्टोरेंट का मकसद क्या है?
रेलवे का उद्देश्य पुराने संसाधनों का टिकाऊ तरीके से इस्तेमाल करना है। इससे रेलवे को अतिरिक्त कमाई और स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे, साथ ही यह पर्यावरण के प्रति जागरूकता का संदेश भी देगा।
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